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जमीन दो तभी तो बनेगा आर्टिजन पार्क
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Fri, 14 Oct 2016 01:58 AM IST
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शहर में हस्तशिल्पियों के लिए आर्टिजन पार्क बनाने का प्रस्ताव फिलहाल बयानबाजी से आगे नहीं बढ़ सका है। केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी के दौरे के बाद मेयर ने आर्टिजन पार्क के लिए निगम की जमीन देने का ऐलान किया था। लेकिन जिला प्रशासन को यह जमीन आज तक मुहैय्या नहीं कराई गई है।
प्रोजेक्ट में हो रही देरी को देख डीएम ने नगर निगम ने इस बाबत रिकार्ड तलब किया है। शहर के हस्तशिल्पी लंबे वक्त से मांग कर रहे हैं उनके लिए एक आर्टिजन पार्क बनाया जाए। ईपीसीएच की स्थानीय बिल्डिंग का उद्घाटन करने पहुंची कपड़ा मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी ने कारीगरों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए शहर में आर्टिजन पार्क बनाने की घोषणा की थी।
यह आर्टिजन पार्क हस्तशिल्पियों के लिए होगा, जिसमें उनके घर, स्कूल व उनके बच्चों के लिए खेल का मैदान भी होगा। उस वक्त मेयर विनोद अग्रवाल ने घोषणा की थी कि आर्टिजन पार्क के लिए नगर निगम जमीन देगा।
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मंत्री के दौरे के बाद नगर निगम बोर्ड की बैठक में जामा मस्जिद के पास रामगंगा किनारे आर्टिजन पार्क बसाने का प्रस्ताव रखा गया था। बोर्ड में नगर निगम की जमीन आर्टिजन पार्क के लिए दिए जाने का प्रस्ताव भी पास हुआ था। लेकिन बोर्ड मीटिंग को महीनाभर बीतने के बावजूद यह प्रस्ताव अभी जिलाधिकारी के पास तक नहीं पहुंचा है।
जिसकी वजह से जमीन को आर्टिजन पार्क के नाम पर दर्ज नहीं किया जा सका है। महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में इस देरी से खफा डीएम ने नगर आयुक्त ने प्रस्ताव पर की गई पूरी कार्यवाही को तलब किया है। ताकि आर्टिजन पार्क की आगे की प्रक्रिया के लिए शासन में पैरवी तेज की जा सकी।
दरअसल जब तक प्रस्ताव डीएम के पास नहीं पहुंचेगा तब तक जमीन को आर्टिजन पार्क के नाम पर दर्ज नहीं किया जा सकेगा। जमीन आर्टिजन पार्क के नाम पर होने के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।
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प्रोजेक्ट में हो रही देरी को देख डीएम ने नगर निगम ने इस बाबत रिकार्ड तलब किया है। शहर के हस्तशिल्पी लंबे वक्त से मांग कर रहे हैं उनके लिए एक आर्टिजन पार्क बनाया जाए। ईपीसीएच की स्थानीय बिल्डिंग का उद्घाटन करने पहुंची कपड़ा मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी ने कारीगरों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए शहर में आर्टिजन पार्क बनाने की घोषणा की थी।
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यह आर्टिजन पार्क हस्तशिल्पियों के लिए होगा, जिसमें उनके घर, स्कूल व उनके बच्चों के लिए खेल का मैदान भी होगा। उस वक्त मेयर विनोद अग्रवाल ने घोषणा की थी कि आर्टिजन पार्क के लिए नगर निगम जमीन देगा।
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मंत्री के दौरे के बाद नगर निगम बोर्ड की बैठक में जामा मस्जिद के पास रामगंगा किनारे आर्टिजन पार्क बसाने का प्रस्ताव रखा गया था। बोर्ड में नगर निगम की जमीन आर्टिजन पार्क के लिए दिए जाने का प्रस्ताव भी पास हुआ था। लेकिन बोर्ड मीटिंग को महीनाभर बीतने के बावजूद यह प्रस्ताव अभी जिलाधिकारी के पास तक नहीं पहुंचा है।
जिसकी वजह से जमीन को आर्टिजन पार्क के नाम पर दर्ज नहीं किया जा सका है। महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में इस देरी से खफा डीएम ने नगर आयुक्त ने प्रस्ताव पर की गई पूरी कार्यवाही को तलब किया है। ताकि आर्टिजन पार्क की आगे की प्रक्रिया के लिए शासन में पैरवी तेज की जा सकी।
दरअसल जब तक प्रस्ताव डीएम के पास नहीं पहुंचेगा तब तक जमीन को आर्टिजन पार्क के नाम पर दर्ज नहीं किया जा सकेगा। जमीन आर्टिजन पार्क के नाम पर होने के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।