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अगवानपुर में गैस सिलिंडर फटा, मकान में लगी आग
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अगवानपुर (मुरादाबाद)। अगवानपुर में शुक्रवार को धमाके के साथ गैस सिलिंडर फट गया। हादसे में खाना बना रही महिला और उसके दो बच्चे बाल-बाल बचे, जबकि आग में 40 हजार की नकदी और घर का सारा सामान जलकर राख कर दिया। दिल दहला देने वाले धमाके की आवाज से आसपास के लोगों में दहशत का माहौल बन गया। मौके पर लोगों का एकत्र हो गए।
नगर पंचायत अगवानपुर निवासी समरपाल ईंट भट्टे पर मजदूरी करते है। परिवार में पत्नी इंग्लेश और चार बच्चे है। महिला इंग्लेश को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कालोनी मिली है। उनके मकान का निर्माण हो रहा है। इसलिए वह पड़ोस में खाली जगह में फूस का छप्पर डालकर रह रहे है। शुक्रवार को समरपाल मजदूरी करने भट्ठे पर गए थे। शाम को पत्नी इंग्लेश गैस सिलिंडर पर खाना बना रही थी। बड़ा बेटा लक्की और सौरभ उसके पास बैठे थे। जबकि उनके दोनो छोटे बच्चे घर के बाहर खेलने चले गए थे। महिला के अनुसार उसको सिलिंडर से तेज चिंगारी निकलती दिखी। महिला ने घबराकर गैस बंद कर दी। कुछ देर बाद उसने फिर से खाना बनाने के लिए गैस जलाई। इस बार आग भड़क उठी और छप्पर के फूस में जा लगी। महिला ने शोर मचा दिया। पड़ोसी सुरजीत वहां आ गया। उसने महिला के साथ मिलकर आग को बुझाने की कोशिश की। लेकिन तभी गैस सिलिंडर गिर गया। महिला समेत सभी लोग वहां से बाहर निकल गए। तभी तेज धमाके के साथ सिलिंडर फट गया। सिलिंडर के परखच्चे उड़ गए। पड़ोसियों ने आग पर काबू पाने के काफी जतन किए, लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली। आग से आवास बनाने के लिए मिले 40 हजार की नकदी, कपड़े, चारपाई समेत घर का सारा सामान जलकर राख हो गया।
उज्ज्वला योजना में मिला रहा गैस सिलिंडर और चूल्हा
मोहल्ला सराय फारुख निवासी महिला इंग्लेश ने बताया कि उसको कई साल पहले उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलिंडर और चूल्हा मिला था। इससे पहले वह चूल्हे पर लकड़ियों से खाना बनाती थी।
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पड़ोसी ने किया कॉल, 112 का नहीं उठा फोन
अगवानपुर के सराय में रहने वाले समरपाल के पड़ोसी सुरजीत ने बताया कि लगभग साढ़े सात बजे उसको अचानक धमाके की आवाज सुनाई पड़ी। वह आनन फानन में घर से बाहर निकलकर भागा। उसने देखा समरपाल के घर से आग की लपटें उठ रही है। उसने तभी मदद के लिए 112 पर कॉल किया। लेकिन उसका फोन नही उठा। उसने कई बार कॉल किया, लेकिन उस तरफ से कोई रेस्पॉन्स नहीं मिला। फिर उसने ही आग को बुझाने का प्रयास किया। इससे उसका पैर भी जल गया। संवाद
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नगर पंचायत अगवानपुर निवासी समरपाल ईंट भट्टे पर मजदूरी करते है। परिवार में पत्नी इंग्लेश और चार बच्चे है। महिला इंग्लेश को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कालोनी मिली है। उनके मकान का निर्माण हो रहा है। इसलिए वह पड़ोस में खाली जगह में फूस का छप्पर डालकर रह रहे है। शुक्रवार को समरपाल मजदूरी करने भट्ठे पर गए थे। शाम को पत्नी इंग्लेश गैस सिलिंडर पर खाना बना रही थी। बड़ा बेटा लक्की और सौरभ उसके पास बैठे थे। जबकि उनके दोनो छोटे बच्चे घर के बाहर खेलने चले गए थे। महिला के अनुसार उसको सिलिंडर से तेज चिंगारी निकलती दिखी। महिला ने घबराकर गैस बंद कर दी। कुछ देर बाद उसने फिर से खाना बनाने के लिए गैस जलाई। इस बार आग भड़क उठी और छप्पर के फूस में जा लगी। महिला ने शोर मचा दिया। पड़ोसी सुरजीत वहां आ गया। उसने महिला के साथ मिलकर आग को बुझाने की कोशिश की। लेकिन तभी गैस सिलिंडर गिर गया। महिला समेत सभी लोग वहां से बाहर निकल गए। तभी तेज धमाके के साथ सिलिंडर फट गया। सिलिंडर के परखच्चे उड़ गए। पड़ोसियों ने आग पर काबू पाने के काफी जतन किए, लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली। आग से आवास बनाने के लिए मिले 40 हजार की नकदी, कपड़े, चारपाई समेत घर का सारा सामान जलकर राख हो गया।
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उज्ज्वला योजना में मिला रहा गैस सिलिंडर और चूल्हा
मोहल्ला सराय फारुख निवासी महिला इंग्लेश ने बताया कि उसको कई साल पहले उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलिंडर और चूल्हा मिला था। इससे पहले वह चूल्हे पर लकड़ियों से खाना बनाती थी।
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पड़ोसी ने किया कॉल, 112 का नहीं उठा फोन
अगवानपुर के सराय में रहने वाले समरपाल के पड़ोसी सुरजीत ने बताया कि लगभग साढ़े सात बजे उसको अचानक धमाके की आवाज सुनाई पड़ी। वह आनन फानन में घर से बाहर निकलकर भागा। उसने देखा समरपाल के घर से आग की लपटें उठ रही है। उसने तभी मदद के लिए 112 पर कॉल किया। लेकिन उसका फोन नही उठा। उसने कई बार कॉल किया, लेकिन उस तरफ से कोई रेस्पॉन्स नहीं मिला। फिर उसने ही आग को बुझाने का प्रयास किया। इससे उसका पैर भी जल गया। संवाद