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सामूहिक दुष्कर्म प्रकरण : लापरवाही में दो दरोगा निलंबित, थाना प्रभारी लाइन हाजिर
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मुरादाबाद। भगतपुर में अपहरण के बाद किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में लापरवाही बरतने पर एसएसपी सतपाल अंतिल ने दो दरोगा राजकुमार नैन और मुरलीधर चौहान को निलंबित कर दिया। साथ ही थाना प्रभारी संजय पांचाल को लाइनहाजिर कर दिया। इंस्पेक्टर रविंद्र प्रताप सिंह को भगतपुर थाने का नया प्रभारी बनाया गया है।
भगतपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली अनुसूचित जाति की महिला ने तीन मार्च को भगतपुर थाने में सलमान, जुबैर, राशिद और आरिफ के खिलाफ केस दर्ज कराया था। महिला ने बताया कि उसकी जेठानी की 14 वर्षीय बेटी दो जनवरी 2025 को कपड़े सिलवाने के लिए बाजार गई थी। रास्ते में कार सवार चारों आरोपी मिल गए और उसे अगवा कर ले गए। आरोपियों ने उसे दो माह तक कमरे में बंधक बनाकर रखा और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
आरोप है कि इस दाैरान आरोपियों ने उसके हाथ पर लिखे ओम को भी तेजाब से जला दिया और जबरन गोमांस भी खिलाया। इस मामले में पुलिस सलमान, राशिद और आरिफ को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। एसएसपी सतपाल अंतिल ने सीओ ठाकुरद्वारा अमरिंदर सिंह से इस मामले में भगतपुर पुलिस की भूमिका की जांच कराई। सीओ ने वादी, पीड़िता और उसके परिवार के लोगों के बयान दर्ज किए।
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जांच में सामने आया है कि किशोरी की गुमशुदगी थाने में दर्ज की गई थी, लेकिन दरोगा राजकुमार नैन ने किशोरी की बरामदगी के प्रयास नहीं किए। इसके अलावा यह बात भी सामने आई कि पीड़िता की चाची ने 26 फरवरी को एक प्रार्थनापत्र भगतपुर थाने में एसएसआई मुरलीधर चौहान को दिया था, लेकिन एसएसआई ने प्रार्थनापत्र की आगंतुक रजिस्टर में एंट्री ही नहीं की।
इसके कारण निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को पता नहीं चल पाया कि कि किशोरी की गुमशुदगी दर्ज की गई है। एसएसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि दरोगा राजकुमार नैन और एसएसआई मुरलीधर चौहान को लापरवाही बरतने में निलंबित किया गया है। वहीं थाना प्रभारी संजय पांचाल ने किशोरी की बरामदगी न होने पर दरोगा से कोई पूछताछ नहीं की। इसके कारण उन्हें लाइन हाजिर किया गया है। अब भगतपुर थाने की जिम्मेदारी इंस्पेक्टर रविंद्र प्रताप सिंह को दी गई है।
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दो साल पहले पीड़िता के चाचा पर सलमान ने किया था हमला
- रीढ़ की हड्डी टूट जाने के कारण अब तक बिस्तर से नहीं उठ सके पीड़िता के चाचा
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। किशोरी के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के मामले का मुख्य आरोपी सलमान दो साल पहले होली वाले दिन पीड़िता के चाचा पर हमला करने का भी आरोपी है। उस हमले में पीड़िता के चाचा की रीढ़ की हड्डी टूट गई थी। लंबे समय तक इलाज कराने के बाद भी वह पूरी तरह ठीक नहीं हुए और अभी तक चारपाई से नहीं उठ पाए हैं। इस मामले में आरोपी जेल भेजा गया था, लेकिन कुछ माह बाद ही जमानत पर छूट गया था।
पीड़िता के चाचा ने बताया कि दो साल पहले गांव में होली मनाई जा रही थी। वह गांव के कुछ युवकों के साथ ठेले पर डीजे रखकर बजा रहे थे। सलमान और अन्य लोगों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध पर मारपीट भी की। आरोप है कि सलमान ने उस पर डंडे से हमला कर दिया था, जिससे उनकी रीढ़ की हड्डी टूट गई। कई माह तक वह अस्पताल में भर्ती रहे, लेकिन अभी तक पूरी तरह से ठीक नहीं हो सके हैं।
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भगतपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली अनुसूचित जाति की महिला ने तीन मार्च को भगतपुर थाने में सलमान, जुबैर, राशिद और आरिफ के खिलाफ केस दर्ज कराया था। महिला ने बताया कि उसकी जेठानी की 14 वर्षीय बेटी दो जनवरी 2025 को कपड़े सिलवाने के लिए बाजार गई थी। रास्ते में कार सवार चारों आरोपी मिल गए और उसे अगवा कर ले गए। आरोपियों ने उसे दो माह तक कमरे में बंधक बनाकर रखा और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
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आरोप है कि इस दाैरान आरोपियों ने उसके हाथ पर लिखे ओम को भी तेजाब से जला दिया और जबरन गोमांस भी खिलाया। इस मामले में पुलिस सलमान, राशिद और आरिफ को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। एसएसपी सतपाल अंतिल ने सीओ ठाकुरद्वारा अमरिंदर सिंह से इस मामले में भगतपुर पुलिस की भूमिका की जांच कराई। सीओ ने वादी, पीड़िता और उसके परिवार के लोगों के बयान दर्ज किए।
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जांच में सामने आया है कि किशोरी की गुमशुदगी थाने में दर्ज की गई थी, लेकिन दरोगा राजकुमार नैन ने किशोरी की बरामदगी के प्रयास नहीं किए। इसके अलावा यह बात भी सामने आई कि पीड़िता की चाची ने 26 फरवरी को एक प्रार्थनापत्र भगतपुर थाने में एसएसआई मुरलीधर चौहान को दिया था, लेकिन एसएसआई ने प्रार्थनापत्र की आगंतुक रजिस्टर में एंट्री ही नहीं की।
इसके कारण निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को पता नहीं चल पाया कि कि किशोरी की गुमशुदगी दर्ज की गई है। एसएसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि दरोगा राजकुमार नैन और एसएसआई मुरलीधर चौहान को लापरवाही बरतने में निलंबित किया गया है। वहीं थाना प्रभारी संजय पांचाल ने किशोरी की बरामदगी न होने पर दरोगा से कोई पूछताछ नहीं की। इसके कारण उन्हें लाइन हाजिर किया गया है। अब भगतपुर थाने की जिम्मेदारी इंस्पेक्टर रविंद्र प्रताप सिंह को दी गई है।
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दो साल पहले पीड़िता के चाचा पर सलमान ने किया था हमला
- रीढ़ की हड्डी टूट जाने के कारण अब तक बिस्तर से नहीं उठ सके पीड़िता के चाचा
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। किशोरी के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के मामले का मुख्य आरोपी सलमान दो साल पहले होली वाले दिन पीड़िता के चाचा पर हमला करने का भी आरोपी है। उस हमले में पीड़िता के चाचा की रीढ़ की हड्डी टूट गई थी। लंबे समय तक इलाज कराने के बाद भी वह पूरी तरह ठीक नहीं हुए और अभी तक चारपाई से नहीं उठ पाए हैं। इस मामले में आरोपी जेल भेजा गया था, लेकिन कुछ माह बाद ही जमानत पर छूट गया था।
पीड़िता के चाचा ने बताया कि दो साल पहले गांव में होली मनाई जा रही थी। वह गांव के कुछ युवकों के साथ ठेले पर डीजे रखकर बजा रहे थे। सलमान और अन्य लोगों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध पर मारपीट भी की। आरोप है कि सलमान ने उस पर डंडे से हमला कर दिया था, जिससे उनकी रीढ़ की हड्डी टूट गई। कई माह तक वह अस्पताल में भर्ती रहे, लेकिन अभी तक पूरी तरह से ठीक नहीं हो सके हैं।