मंडी धनौरा। जनपद बिजनौर के नजीबाबाद के पास सड़क दुर्घटना में मारे गए पिता व दोनों पुत्रों का बुधवार की देर रात गंगा तट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। अपने साथी को अंतिम विदाई देने के लिए जनपद रामपुर से आए पुलिस के जवानों ने सलामी दी। मेहरचंद के भतीजों द्वारा मुखाग्नि देते ही वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
क्षेत्र के गांव सरकड़ा कलां निवासी मेहरचंद, उनके दोनों पुत्रों परविंदर व रतनचंद और साले देवेंद्र की बुधवार की तड़के नजीबाबाद के पास सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। चारों कार से ऋषिकेश जा रहे थे। परविंदर पुलिस में सिपाही था और उसकी तैनाती रामपुर के अजीमनगर थाने में थी। सड़क दुर्घटना में पिता व दोनों पुत्रों की मौत की जानकारी मिलने पर परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था। मेहरचंद के दो ही पुत्र थे। बुधवार की देर रात तीनों के शव जब गांव पहुंचे तो परिवार के लोग चीत्कार कर उठे। रात को ही तीनों के शव को अंतिम संस्कार के लिए तिगरी ले जाया गया। रामपुर से आए पुलिस के जवानों ने अपने साथी परविंदर को सलामी व अंतिम विदाई दी। मेहरचंद के परिवार में महिलाओं व बच्चों की देखभाल के लिए अब बुजुर्ग पिता काशीराम के अलावा कोई नहीं बचा है। आय का भी कोई स्रोत नहीं है। मेहरचंद के पास मात्र तीन बीघा भूमि है। कमाने वाले दोनों बेटे इस दुनिया से चले गए।