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कोरोना काल में बन गए चोरी के चार नए गैंग
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मुरादाबाद। जीआरपी अनुभाग मुरादाबाद में कोरोना काल में ट्रेनों में चोरी करने वाले चार नए गैंग बन गए। अब अनुभाग मुरादाबाद में ट्रेनों में चोरी और लूट की घटना को अंजाम देने वाले गैंग की संख्या 56 हो गई है। साल की शुरुआत में इनकी संख्या 52 थी। चार नए गैंग अप्रैल-मई में पंजीकृत किए गए हैं। हैरत की बात यह है कि लॉकडाउन की इस अवधि में ट्रेनों का संचालन ठप था। फिर पता नहीं कि ये गैंग कहा सक्रिय रहे।
मार्च केआखिरी सप्ताह से शुरू हुए कोरोना का संक्रमण का दौर अभी जारी है। लॉकडाउन में ट्रेनों का संचालन ठप रहा था लेकिन एक जून से 200 कोविड स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया। इससे पहले जीआरपी अनुभाग मुरादाबाद में ट्रेनों में गिरोह बनाकर चोरी करने वाले छह नए गैंग सामने आ गए। लॉकडाउन के दौरान अप्रैल मई में जीआरपी अनुभाग मुरादाबाद में चार नए गैंग पंजीकृत किए गए। ये गैंग चोरी की घटनाओं को अंजाम देता है। इस गैंग में एक लीडर और दो से अधिक सहयोगी हैं। इन चार गिरोहों केपंजीकृत होने केसाथ ही अनुभाग में पंजीकृत गैंग की संख्या 56 हो गई है। चोरी और लूट की घटनाओं को अंजाम देने वाले इन गिरोहों में करीब 200 सदस्य हैं।
हिस्ट्रीशीटर भी बढ़ गए अनुभाग में
मुरादाबाद। जीआरपी अनुभाग मुरादाबाद में कोरोना काल में नए गैंग ही नहीं बने, बल्कि हिस्ट्रीशीटर भी बढ़ गए हैं। अनुभाग में 18 नए हिस्ट्रीशीटर बने हैं। अनुभाग में हिस्ट्रीशीटरों की संख्या अब पौने दो सौ केपार पहुंच गई है।
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एक नजर रेलवे के आंकड़ों पर
- लॉकडाउन से पहले मुरादाबाद डिविजन से रोजाना 150 ट्रेनें और 160 मालगाड़ी गुजरतीं थीं।
- कोरोना संक्रमण काल में मुरादाबाद डिविजन से रोजाना 40 ट्रेनें और 200 मालगाड़ी गुजर रहीं हैं।
आरपीएफ केहवाले अधिक ट्रेनें
मुरादाबाद। मुरादाबाद रेल मंडल में यात्री सुरक्षा केलिए जीआरपी और आरपीएफ की नजर रहती है। मौजूदा समय में मंडल से गुजर रही चालीस ट्रेनों में दस से बारह ट्रेनें जीआरपी केहवाले हैं। जबकि बाकी ट्रेनें आरपीएफ केहवाले हैं।
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मार्च केआखिरी सप्ताह से शुरू हुए कोरोना का संक्रमण का दौर अभी जारी है। लॉकडाउन में ट्रेनों का संचालन ठप रहा था लेकिन एक जून से 200 कोविड स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया। इससे पहले जीआरपी अनुभाग मुरादाबाद में ट्रेनों में गिरोह बनाकर चोरी करने वाले छह नए गैंग सामने आ गए। लॉकडाउन के दौरान अप्रैल मई में जीआरपी अनुभाग मुरादाबाद में चार नए गैंग पंजीकृत किए गए। ये गैंग चोरी की घटनाओं को अंजाम देता है। इस गैंग में एक लीडर और दो से अधिक सहयोगी हैं। इन चार गिरोहों केपंजीकृत होने केसाथ ही अनुभाग में पंजीकृत गैंग की संख्या 56 हो गई है। चोरी और लूट की घटनाओं को अंजाम देने वाले इन गिरोहों में करीब 200 सदस्य हैं।
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हिस्ट्रीशीटर भी बढ़ गए अनुभाग में
मुरादाबाद। जीआरपी अनुभाग मुरादाबाद में कोरोना काल में नए गैंग ही नहीं बने, बल्कि हिस्ट्रीशीटर भी बढ़ गए हैं। अनुभाग में 18 नए हिस्ट्रीशीटर बने हैं। अनुभाग में हिस्ट्रीशीटरों की संख्या अब पौने दो सौ केपार पहुंच गई है।
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एक नजर रेलवे के आंकड़ों पर
- लॉकडाउन से पहले मुरादाबाद डिविजन से रोजाना 150 ट्रेनें और 160 मालगाड़ी गुजरतीं थीं।
- कोरोना संक्रमण काल में मुरादाबाद डिविजन से रोजाना 40 ट्रेनें और 200 मालगाड़ी गुजर रहीं हैं।
आरपीएफ केहवाले अधिक ट्रेनें
मुरादाबाद। मुरादाबाद रेल मंडल में यात्री सुरक्षा केलिए जीआरपी और आरपीएफ की नजर रहती है। मौजूदा समय में मंडल से गुजर रही चालीस ट्रेनों में दस से बारह ट्रेनें जीआरपी केहवाले हैं। जबकि बाकी ट्रेनें आरपीएफ केहवाले हैं।