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मुरादाबाद: ठेले पर सवार होकर हरियाणा से अयोध्या को चल दिए चार मजदूर
Tue, 31 Mar 2020 12:24 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
Published by: मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 31 Mar 2020 12:24 AM IST
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ठेले से घर के लिए परिवार समेत निकले मजदूर
- फोटो : अमर उजाला
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अमेठी व अयोध्या क्षेत्र से रोजी-रोटी की तलाश में हरियाणा मजदूरी करने पहुंचे चार युवा दिहाड़ी मजदूरों के हौसले व हिम्मत की दाद देनी पड़ेगी। इन मजदूरों को जब कोई साधन नहीं मिला तो वह जिस रिक्शा ठेले को चलाकर वह जीविका चलाते थे, उसी में से एक पर सवार होकर चारों घर के लिए चल दिए।
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साढ़े तीन सौ किमी से अधिक की दूरी तय कर वह सोमवार दोपहर मुरादाबाद पहुंचे। आगे की करीब 500 किमी की यात्रा तय कर वह दो दिन बाद अपने घर पहुंच सकेंगे।
बाराबंकी जिले के कांदूपुर निवासी अमित लाल, अमेठी जिले के रजमपुर तितोई निवासी रामसूरत, इसी जिले के पूरे दयाल ग्राम निवासी धर्मेंद्र और अयोध्या के ग्राम बरुहारी निवासी मदनलाल के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। लिहाजा चारों हरियाणा में ठेला चला कर गुजर बसर करते हैं।
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जनता कर्फ्यू और फिर लॉकडाउन के चलते फैक्टरियां बंद होने से इनका भी काम बंद हो गया। चारों ने बताया कि दो-चार दिन तो किसी तरह समय काट लिया। फिर अपनों की याद सताने लगी। चिंता होने लगी कि बच्चे व परिवार के अन्य सदस्य किस हाल में होंगे। लिहाजा चारों ने अपना सामान पैक किया।
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तीन ठेले जहां किराये के मकान में रहते थे वहीं मकान मालिक को बता खड़ी कर दी और अमित लाल के ठेले पर सवार हो सभी 28 मार्च की शाम घर के लिए चल दिए। चारों ने बारी-बारी 15-20 किमी तक ठेले खींचे। सोमवार अपरान्ह दो बजे स्टेशन रोड पर पहुंच गए। चारोें बुरी तरह थके, हारे दिखाई दे रहे थे।
इन मजदूरों ने बताया कि रास्ते में कहीं पुलिस वालों ने खिलाया तो कहीं गुरुद्वारे में रुक कर उन लोगों ने खाना खाया। नींद आती तो एक-एक कर ठेले पर ही सो लिए। करीब साढ़े तीन सौ किमी दूरी वह तय कर चुके हैं, करीब 500 किमी दूरी और तय कर बुधवार रात तक कहीं वह घर पहुंच सकेंगे। इन मजदूरों ने बताया कि शारीरिक रूप से वह भले ही थक चुके हैं, लेकिन अपनों के पास जल्द पहुंचने की चिंता उन्हें आराम करने नहीं दे रही। सो चलते ही जा रहे हैं।
इन मजदूरों ने बताया कि रास्ते में कहीं पुलिस वालों ने खिलाया तो कहीं गुरुद्वारे में रुक कर उन लोगों ने खाना खाया। नींद आती तो एक-एक कर ठेले पर ही सो लिए। करीब साढ़े तीन सौ किमी दूरी वह तय कर चुके हैं, करीब 500 किमी दूरी और तय कर बुधवार रात तक कहीं वह घर पहुंच सकेंगे। इन मजदूरों ने बताया कि शारीरिक रूप से वह भले ही थक चुके हैं, लेकिन अपनों के पास जल्द पहुंचने की चिंता उन्हें आराम करने नहीं दे रही। सो चलते ही जा रहे हैं।