{"_id":"60d62ee38ebc3edbd008cdcb","slug":"found-in-tihar-and-started-smuggling-of-counterfeit-notes-as-soon-as-they-came-out-city-news-mbd3935419104","type":"story","status":"publish","title_hn":"देश भर में नकली नोटों की सप्लाई करने वाले आरोपी बंगाली समेत पांच गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देश भर में नकली नोटों की सप्लाई करने वाले आरोपी बंगाली समेत पांच गिरफ्तार
विज्ञापन
मुरादाबाद। तिहाड़ में मिले दो बंदियों ने बाहर निकलकर गिरोह बना लिया और जाली नोटों की तस्करी करने लगे। देश भर में नकली नोटों की सप्लाई करने वाले पश्चिमी बंगाल के इनामुल मियां उर्फ बंगाली समेत पांच आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनकी निशानदेही पर एक लाख 44 हजार के नकली नोट और दो लाख नौ हजार के असली नोट के अलावा करीब पांच लाख रुपये की कीमत के जेवर बरामद किए हैं। पुलिस इस गिरोह के अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
एसएसपी पवन कुमार ने बताया कि मूंढापांडे थानाक्षेत्र में 20 जून को साले बहनोई एक पेट्रोल पंप पर नकली नोट चलाते पकड़े गए थे। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने इस गिरोह के बारे में जानकारियां दी थीं। तब से पुलिस और एसओजी टीम इनकी तलाश में जुटी थी। मूंढापांडे पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीमों ने आरोपी वसीम निवासी नवादा नई बस्ती थाना सिविल लाइंस, बदायूं, शानू निवासी खुलीताहरपुर थाना भमोरा बरेली, वीरेंद्र निवासी भगवानपुर थाना बिनावर बदायूं, पप्पू उर्फ फौजी निवासी भैया नगला थाना पटवाई, जिला रामपुर और इनामुल मियां उर्फ बंगाली उर्फ रिंकू निवासी कस्बा व थाना कालिया चौक जिला मालदा, पश्चिमी बंगाल को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने इनके कब्जे से एक लाख 44 हजार के नकली नोट, दो लाख नौ हजार रुपये के असली नोट और करीब पांच लाख रुपये में जेवर भी बरामद किए हैं। आरोपियों ने पूछताछ में कबूला है कि पूरे देश में नकली नोटों को खपाया जा रहा है। इन नोटों की छपाई पाकिस्तान और नेपाल में की जा रही है। पश्चिम बंगाल से इन नोटों की पूरे देश में सप्लाई की जाती है। खासकर दिल्ली और उसके आसपास के प्रदेशों में ज्यादा खपाया जा रहा है। शुक्रवार शाम आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
विज्ञापन
एसएसपी ने बताया कि आरोपी इनामुल मियां उर्फ बंगाली दिल्ली में चार साल पहले नकली नोटों के मामले में पकड़ा गया था। आरोपी को तिहाड़ जेल भेजा गया था। वीरेंद्र नशीले पदार्थ बरेली से दिल्ली ले जाते समय गिरफ्तार किया गया था। वीरेंद्र को भी तिहाड़ जेल में रखा गया था। यहां दोनों की मुलाकात हो गई थी। यहीं उन्होंने नकली नोटों की तस्करी का षड्यंत्र बना लिया था। जेल से छूटने के बाद इनामुल ने वीरेंद्र के पास नकली नोट भेजने शुरू कर दिए थे। शानू के बहनोई का केस दिल्ली की पटियाला कोर्ट में चल रहा था। यहां उसकी वीरेंद्र से मुलाकात हुई है। वीरेंद्र ने शानू को वहीं अपने साथ जोड़ लिया था। शानू के गांव में ही वसीम की रिश्तेदारी है, जहां से वसीम को उसने अपने साथ जोड़ा और इस तरह पूरा गिरोह बना लिया।
अंशुल पाकिस्तान से मंगवाता है नकली नोट
आरोपी इनामुल मियां उर्फ बंगाली उर्फ रिंकू ही इस गिरोह का सरगना है। उसने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह नकली नोट मालदा जनपद के गुलाबगंज निवासी अंशुल से लेता है। अंशुल और उसके साथी 25 फीसदी में पाकिस्तान से ये नकली नोट पश्चिम बंगाल तक मंगवाते हैं। वहां से हर एक अन्य व्यक्ति को देने पर 10-10 प्रतिशत के हिसाब से नोट महंगे होते जाते हैं। बंगाली इन नोटों को वीरेंद्र को देता था। वीरेंद्र नकली नोट शानू को देता था। शानू इन नकली नोटों को वसीम, पप्पू उर्फ फौजी तथा रंजीत को देता था। विनोद और संजय ने जिन नकली नोटों से मूंढापांडे क्षेत्र में रिलायंस पेट्रोल पंप पर डीजल खरीदा था, वह नोट उन्हें पप्पू फौजी और रंजीत ने दिए थे।
------------
लॉकडाउन में भी खपाए नकली नोट
आरोपी बंगाली ने पुलिस को बताया कि पिछले साल लॉकडाउन में उसने पांच लाख रुपये के नकली नोट मंगवाए थे। इसके बाद जून 2021 में चार लाख रुपये के नकली नोट लाया था। इनमें से कुछ उसने अपने पास रख लिए थे, जबकि बाकी अपने साथियों में बांट दिए थे। एसएसपी का कहना है कि पकड़े गए नकली नोटों के तस्करों के बारे में गहराई से छानबीन कराई जा रही है। इनके तार कहीं विदेशों से तो नहीं जुड़े हैं, इस बात का भी पता लगाया जा रहा है। नकली नोटों के तस्करों की जड़ों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
एसएसपी पवन कुमार ने बताया कि मूंढापांडे थानाक्षेत्र में 20 जून को साले बहनोई एक पेट्रोल पंप पर नकली नोट चलाते पकड़े गए थे। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने इस गिरोह के बारे में जानकारियां दी थीं। तब से पुलिस और एसओजी टीम इनकी तलाश में जुटी थी। मूंढापांडे पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीमों ने आरोपी वसीम निवासी नवादा नई बस्ती थाना सिविल लाइंस, बदायूं, शानू निवासी खुलीताहरपुर थाना भमोरा बरेली, वीरेंद्र निवासी भगवानपुर थाना बिनावर बदायूं, पप्पू उर्फ फौजी निवासी भैया नगला थाना पटवाई, जिला रामपुर और इनामुल मियां उर्फ बंगाली उर्फ रिंकू निवासी कस्बा व थाना कालिया चौक जिला मालदा, पश्चिमी बंगाल को गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन
पुलिस ने इनके कब्जे से एक लाख 44 हजार के नकली नोट, दो लाख नौ हजार रुपये के असली नोट और करीब पांच लाख रुपये में जेवर भी बरामद किए हैं। आरोपियों ने पूछताछ में कबूला है कि पूरे देश में नकली नोटों को खपाया जा रहा है। इन नोटों की छपाई पाकिस्तान और नेपाल में की जा रही है। पश्चिम बंगाल से इन नोटों की पूरे देश में सप्लाई की जाती है। खासकर दिल्ली और उसके आसपास के प्रदेशों में ज्यादा खपाया जा रहा है। शुक्रवार शाम आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
विज्ञापन
एसएसपी ने बताया कि आरोपी इनामुल मियां उर्फ बंगाली दिल्ली में चार साल पहले नकली नोटों के मामले में पकड़ा गया था। आरोपी को तिहाड़ जेल भेजा गया था। वीरेंद्र नशीले पदार्थ बरेली से दिल्ली ले जाते समय गिरफ्तार किया गया था। वीरेंद्र को भी तिहाड़ जेल में रखा गया था। यहां दोनों की मुलाकात हो गई थी। यहीं उन्होंने नकली नोटों की तस्करी का षड्यंत्र बना लिया था। जेल से छूटने के बाद इनामुल ने वीरेंद्र के पास नकली नोट भेजने शुरू कर दिए थे। शानू के बहनोई का केस दिल्ली की पटियाला कोर्ट में चल रहा था। यहां उसकी वीरेंद्र से मुलाकात हुई है। वीरेंद्र ने शानू को वहीं अपने साथ जोड़ लिया था। शानू के गांव में ही वसीम की रिश्तेदारी है, जहां से वसीम को उसने अपने साथ जोड़ा और इस तरह पूरा गिरोह बना लिया।
अंशुल पाकिस्तान से मंगवाता है नकली नोट
आरोपी इनामुल मियां उर्फ बंगाली उर्फ रिंकू ही इस गिरोह का सरगना है। उसने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह नकली नोट मालदा जनपद के गुलाबगंज निवासी अंशुल से लेता है। अंशुल और उसके साथी 25 फीसदी में पाकिस्तान से ये नकली नोट पश्चिम बंगाल तक मंगवाते हैं। वहां से हर एक अन्य व्यक्ति को देने पर 10-10 प्रतिशत के हिसाब से नोट महंगे होते जाते हैं। बंगाली इन नोटों को वीरेंद्र को देता था। वीरेंद्र नकली नोट शानू को देता था। शानू इन नकली नोटों को वसीम, पप्पू उर्फ फौजी तथा रंजीत को देता था। विनोद और संजय ने जिन नकली नोटों से मूंढापांडे क्षेत्र में रिलायंस पेट्रोल पंप पर डीजल खरीदा था, वह नोट उन्हें पप्पू फौजी और रंजीत ने दिए थे।
------------
लॉकडाउन में भी खपाए नकली नोट
आरोपी बंगाली ने पुलिस को बताया कि पिछले साल लॉकडाउन में उसने पांच लाख रुपये के नकली नोट मंगवाए थे। इसके बाद जून 2021 में चार लाख रुपये के नकली नोट लाया था। इनमें से कुछ उसने अपने पास रख लिए थे, जबकि बाकी अपने साथियों में बांट दिए थे। एसएसपी का कहना है कि पकड़े गए नकली नोटों के तस्करों के बारे में गहराई से छानबीन कराई जा रही है। इनके तार कहीं विदेशों से तो नहीं जुड़े हैं, इस बात का भी पता लगाया जा रहा है। नकली नोटों के तस्करों की जड़ों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।