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पूर्व मंत्री हाजी अकबर हुसैन बसपा से निष्कासित
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मुरादाबाद। पूर्व मंत्री हाजी अकबर हुसैन को बसपा से निष्कासित कर दिया गया है। पार्टी ने उन पर जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने और अनुशासनहीनता का आरोप लगाया है। इस आशय की जानकारी बसपा जिलाध्यक्ष वेदप्रकाश सिंह ने दी है।
इस संबंध में बसपा के मंडल सेक्टर प्रभारी रणविजय सिंह ने बताया कि पार्टी हाईकमान के निर्देश पर ये कार्रवाई हुई है। हाजी अकबर हुसैन प्रदेश की बसपा सरकार में स्वतंत्र मंत्री रह चुके हैं। वह चार बार कुंदरकी विधानसभा सीट से विधायक भी रहे हैं। विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व मंत्री का निलंबन सुर्खियों में है। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा ने एकतरफा जीत हासिल की थी।
बसपा चुनाव से दूर रही थी, जबकि सपा की तरफ से प्रत्याशी घोषित होने के बाद भी नामांकन नहीं हो सका था। जिला पंचायत सदस्य पद के चुनाव में भाजपा के 10, बसपा के 12 और सपा के 11 सदस्य थे। सबसे कम सदस्य होने पर भी भाजपा प्रत्याशी शैफाली सिंह निर्विरोध चुनाव जीत गई थीं। भाजपा प्रत्याशी की जीत को लेकर सपा और बसपा खेमे में खलबली मची थी।
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इस संबंध में बसपा के मंडल सेक्टर प्रभारी रणविजय सिंह ने बताया कि पार्टी हाईकमान के निर्देश पर ये कार्रवाई हुई है। हाजी अकबर हुसैन प्रदेश की बसपा सरकार में स्वतंत्र मंत्री रह चुके हैं। वह चार बार कुंदरकी विधानसभा सीट से विधायक भी रहे हैं। विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व मंत्री का निलंबन सुर्खियों में है। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा ने एकतरफा जीत हासिल की थी।
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बसपा चुनाव से दूर रही थी, जबकि सपा की तरफ से प्रत्याशी घोषित होने के बाद भी नामांकन नहीं हो सका था। जिला पंचायत सदस्य पद के चुनाव में भाजपा के 10, बसपा के 12 और सपा के 11 सदस्य थे। सबसे कम सदस्य होने पर भी भाजपा प्रत्याशी शैफाली सिंह निर्विरोध चुनाव जीत गई थीं। भाजपा प्रत्याशी की जीत को लेकर सपा और बसपा खेमे में खलबली मची थी।
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