Rampur: सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष को कोर्ट से झटका, अग्रिम जमानत खारिज, जानें पूरा मामला
लेखपाल के साथ मारपीट के मामले में उज्जवल दीदार सिंह फरार चल रहे। पुलिस 25 हजार का इनाम घोषित कर चुकी है, राहत को पूर्व जिलाध्यक्ष कोर्ट पहुंचे थे।
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रामपुर में लेखपाल के साथ मारपीट के मामले में फरार चल रहे 25 हजार के इनामी पूर्व सपा जिलाध्यक्ष उज्जवल दीदार सिंह को कोर्ट ने झटका दिया है। कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है।
बिलासपुर कोतवाली में लेखपाल अवनीश कुमार ने पिछले दिनों बिलासपुर थाने में समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष उज्ज्वल दीदार सिंह उर्फ साबी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप है कि इन्होंने खेत की जांच करने पहुंचे लेखपाल के साथ मारपीट कर उसके कपड़े भी फाड़ दिए। यही नहीं, लेखपाल को जान से मारने की धमकी देकर उससे अभिलेख व मोबाइल छीन लिया और सरकारी दस्तावेज भी फाड़ डाले। इस मामले में पूर्व जिलाध्यक्ष का सहयोगी भी नामजद किया था।
लेखपाल अवनीश कुमार ने आरोप लगाया था कि वह 27 दिसंबर को मानपुर ओझा के गांव गोकुल नगरी में जांच करने गए थे। उनका कहना था कि अभिलेखों समेत ग्राम गोकुल नगरी के गाटा-288 पर फोटोग्राफी व वीडियो बना रहे थे। वहीं पर ट्रैक्टर से खेत जोत रहे उज्ज्वल दीदार सिंह उर्फ साबी अपने नौकर के साथ उनके पास आकर गाली-गलौज करने लगे। विरोध जताया तो वह हाथापाई कर कपड़े फाड़ दिए और मोबाइल भी छीन लिया।
पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई स्थानों पर दबिश दी थी, लेकिन पुलिस को सफलता नहीं मिली, जिस पर पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी पर 25 हजार का इनाम घोषित कर दिया। इस बीच पूर्व जिलाध्यक्ष ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट की शरण ली। कोर्ट में उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अग्रिम जमानत याचिका दायर की, जिस पर बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई। जिला शासकीय अधिवक्ता अमित सक्सेना ने बताया कि जिला जज एसपी त्रिपाठी ने पूर्व जिलाध्यक्ष उज्जवल दीदार सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।