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Moradabad News: दो डॉक्टरों के दस्तावेजों पर पांच कर रहे थे काम

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 22 Aug 2024 06:53 AM IST
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Five people were working on the documents of two doctors
मुरादाबाद। नर्स से दुष्कर्म के आरोपी डॉ. शाहनवाज के एबीएम अस्पताल में सिर्फ दो डॉक्टरों का पंजीकरण था। एमबीबीएस डॉ. हिमांशु चौधरी व सर्जन डॉ. सरताज आलम के दस्तावेजों पर अस्पताल में ओपीडी व सर्जरी चल रही थी। इनका फायदा उठाकर अन्य तीन डॉक्टर भी अस्पताल में आते थे।
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इनके बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास विभाग कर रहा है। अस्पताल संचालक डॉ. शाहनवाज खुद बीयूएमएस डॉक्टर है, जोकि अपने अस्पताल में एलोपैथिक दवाएं मरीजों को लिख रहा था। आस पास के लोगों का कहना है कि अस्पताल में काशीपुर से भी डॉक्टर आते थे। स्वास्थ्य विभाग को जांच पड़ताल में सर्जरी की नौ फाइलें मिली हैं, जिन पर किसी डॉक्टर के हस्ताक्षर नहीं है। अब अंदेशा लगाया जा रहा है कि किसी झोलाछाप ने सर्जन के नाम पर यह सर्जरी की हैं। बाद में सर्जन के हस्ताक्षर के लिए फाइलों को यूं ही छोड़ दिया गया। इस मुद्दे पर विभाग अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाया है। जांच अधिकारी शरीफनगर सीएचसी के एमओआईसी जब मौके पर पहुंचे थे तो उन्हें अस्पताल में पांच मरीज भर्ती मिले थे। इनके अलावा कोई डॉक्टर, पैरामेडिकल या सपोर्टिंग स्टाफ नहीं था। इसे आधार बनाते हुए अस्पताल का पंजीकरण निरस्त करने व सील करने की कार्रवाई की गई। स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराने के लिए एंबुलेंस मंगाईं तो मरीज के परिजन उन्हें निजी गाड़ियों से दूसरे प्राइवेट अस्पताल में ले गए।
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बिना भौतिक सत्यापन के हो गया अस्पताल का पंजीयन नवीनीकरण
कुछ दिन पहले ही स्वास्थ्य विभाग ने एबीएम अस्पताल के पंजीयन का नवीनीकरण किया है। विभागीय नियम के अनुसार पंजीयन नवीनीकरण के लिए नोडल अधिकारी व उनकी टीम मौके पर जाकर सत्यापन करती है। जिन डॉक्टरों के दस्तावेज संचालक द्वारा दिए गए हैं, उनकी मौजूदगी जरूरी होती है। इसके अलावा सभी स्टाफ की उपस्थिति, बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण की व्यवस्था, फायर व इलेक्ट्रिक एनओसी समेत तमाम चीजें देखी जाती हैं। जबकि एबीएम अस्पताल का पंजीयन बिना मौके पर जाए नवीनीकरण कर दिया गया। हालांकि डिप्टी सीएमओ डॉ. नरेंद्र कुमार का कहना है कि वह मौके पर थे, लेकिन फोटा या वीडियो नहीं दिखा सके।
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निजी अस्पतालों के संपर्क में रहने वाली आशा वर्करों की होगी जांच
एबीएम अस्पताल में स्टाफ नर्स से दुष्कर्म के मामले में स्वास्थ्य विभाग की आशा मेहनाज भी आरोपी है। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है। विभागीय छवि खराब होने के कारण अब अधिकारी ऐसी आशाओं के खिलाफ एक्शन लेने की तैयारी में हैं, जो निजी अस्पतालों के संपर्क में रहती हैं। हाल में ऐसी 167 आशाओं को सीएमओ की ओर से नोटिस भी जारी किया गया है। इन आशाओं में पूरे साल में सरकारी अस्पतालों में सिर्फ एक या दो महिलाओं का प्रसव कराया है। कुछ का रिकॉर्ड शून्य पर ही अटका है। इन सब के खिलाफ विभाग सख्ती बरत रहा है।


- विभाग की ओर से एबीएम अस्पताल को सील कर दिया गया है। पंजीकरण निरस्त कर एफआईआर भी करा दी गई है। कानूनी कार्रवाई का कार्य पुलिस विभाग का है। मैं नियमों का अध्ययन कर रहा हूं, उनके मुताबिक यदि कुछ और कार्रवाई की जा सकती है तो वह भी होगी। - डॉ. कुलदीप सिंह, सीएमओ
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