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Moradabad News: कपूर कंपनी पुल बंद होने से पांच लाख की आबादी प्रभावित
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मुरादाबाद। कपूर कंपनी का पुल बंद होने से दुकानदारों, विद्यार्थियों और राहगीरों समेत अन्य लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने बताया कि ढाई साल बीत गए लेकिन अभी तक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ।
लाइनपार स्थित कपूर कंपनी का पुल बंद होने से पांच लाख की आबादी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक समस्या दुकानदारों को हो रही है। तीन महीने के भीतर पुल के आसपास की करीब पांच दुकानें बंद हो गईं। इससे लोग कंपनी में काम करने के लिए मजबूर हैं। वहीं बुध बाजार, गुरहट्टी चौराहा, सिविल लाइंस जाने के लिए लोगों को करीब तीन किलोमीटर घूम कर जाना पड़ता है। लाइनपार के रहने वाले रमेश कश्यप ने बताया कि ढाई साल से कपूर कंपनी के पुल से परेशानी हो रही है। पुल अभी तक बनकर तैयार नहीं हुआ। दीपक चौहान ने बताया कि पुल के पास के दुकानदार जहां पहले हर दिन 20 हजार रुपये की दुकानदारी करते थे वहीं अब वह पांच हजार रुपये की दुकानदारी नहीं कर पा रहे हैं। पुल के पाल दुकान लगाकर फल बेचने वाले संजीव कुमार ने बताया कि सावन का महीना है। कावंड़ियों का आना-जाना शुरू हो गया। पहले शिवभक्त कपूर कंपनी के पुल से होकर जाते थे लेकिन इस साल पुल बंद होने से शिवभक्तों को भी परेशानी हो रही है।
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लाइनपार के लोगों को नहीं मिली राहत
- व्यापार कल्याण समिति लाइनपार के अध्यक्ष महावीर प्रसाद ने बताया कि पुल बनाने के लिए ढाई साल से बात चल रह थी। तीन महीने पहले काम शुरू किया गया है। अभी तक काम पूरा नहीं हुआ है। अधिकारियों से कई बार शिकायत करने के बावजूद काम में तेजी नहीं लाई जा रही है। इसी तरह काम चलता रहा तो अभी कई महीने और लग जाएंगे, लेकिन पुल बनकर तैयार नहीं होगा। अभी तक लाइनपार के लोगों को राहत नहीं मिली है।
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-जब से पुल का निर्माण शुरू हुआ है तब से बिक्री कम हो गई है। क्योंकि यहां से लोगों का आना-जाना बंद हो गया है। अब पूरे दिन खाली बैठे रहते हैं। - भुल्लन, निवासी लाइनपार
- सिविल लाइंस में बच्चों का स्कूल है। पुल का निर्माण नहीं होने से तीन किलोमीटर घूम कर स्कूल जाना पड़ता है। कभी-कभी जाम में फंस जाने से बच्चे लेट हो जाते हैं। - बॉबी, निवासी लाइनपार
- पुल के बंद होने से कारोबार खत्म हो गया है। दुकान की कमाई से परिवार चलता है। अब दो वक्त की रोटी नसीब होना मुश्किल हो गया है। - सुनील कुमार, दुकानदार
- पुल बंद होने से दुकानदारी खत्म हो गई है। कई लोग दिल्ली रोड स्थित फर्मों में काम करने के लिए मजबूर हैं। घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है।- आशु सैनी, कपड़ा कारोबारी
- जब कोई बीमार होता है तब उसे सरकारी अस्पताल ले जाने के लिए लोकोशेड पुल से होकर जाना पड़ता है। दूरी अधिक होने से जान जाने का डर बना रहता है। - अशोक कुमार, निवासी लाइनपार
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लाइनपार स्थित कपूर कंपनी का पुल बंद होने से पांच लाख की आबादी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक समस्या दुकानदारों को हो रही है। तीन महीने के भीतर पुल के आसपास की करीब पांच दुकानें बंद हो गईं। इससे लोग कंपनी में काम करने के लिए मजबूर हैं। वहीं बुध बाजार, गुरहट्टी चौराहा, सिविल लाइंस जाने के लिए लोगों को करीब तीन किलोमीटर घूम कर जाना पड़ता है। लाइनपार के रहने वाले रमेश कश्यप ने बताया कि ढाई साल से कपूर कंपनी के पुल से परेशानी हो रही है। पुल अभी तक बनकर तैयार नहीं हुआ। दीपक चौहान ने बताया कि पुल के पास के दुकानदार जहां पहले हर दिन 20 हजार रुपये की दुकानदारी करते थे वहीं अब वह पांच हजार रुपये की दुकानदारी नहीं कर पा रहे हैं। पुल के पाल दुकान लगाकर फल बेचने वाले संजीव कुमार ने बताया कि सावन का महीना है। कावंड़ियों का आना-जाना शुरू हो गया। पहले शिवभक्त कपूर कंपनी के पुल से होकर जाते थे लेकिन इस साल पुल बंद होने से शिवभक्तों को भी परेशानी हो रही है।
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लाइनपार के लोगों को नहीं मिली राहत
- व्यापार कल्याण समिति लाइनपार के अध्यक्ष महावीर प्रसाद ने बताया कि पुल बनाने के लिए ढाई साल से बात चल रह थी। तीन महीने पहले काम शुरू किया गया है। अभी तक काम पूरा नहीं हुआ है। अधिकारियों से कई बार शिकायत करने के बावजूद काम में तेजी नहीं लाई जा रही है। इसी तरह काम चलता रहा तो अभी कई महीने और लग जाएंगे, लेकिन पुल बनकर तैयार नहीं होगा। अभी तक लाइनपार के लोगों को राहत नहीं मिली है।
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-जब से पुल का निर्माण शुरू हुआ है तब से बिक्री कम हो गई है। क्योंकि यहां से लोगों का आना-जाना बंद हो गया है। अब पूरे दिन खाली बैठे रहते हैं। - भुल्लन, निवासी लाइनपार
- सिविल लाइंस में बच्चों का स्कूल है। पुल का निर्माण नहीं होने से तीन किलोमीटर घूम कर स्कूल जाना पड़ता है। कभी-कभी जाम में फंस जाने से बच्चे लेट हो जाते हैं। - बॉबी, निवासी लाइनपार
- पुल के बंद होने से कारोबार खत्म हो गया है। दुकान की कमाई से परिवार चलता है। अब दो वक्त की रोटी नसीब होना मुश्किल हो गया है। - सुनील कुमार, दुकानदार
- पुल बंद होने से दुकानदारी खत्म हो गई है। कई लोग दिल्ली रोड स्थित फर्मों में काम करने के लिए मजबूर हैं। घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है।- आशु सैनी, कपड़ा कारोबारी
- जब कोई बीमार होता है तब उसे सरकारी अस्पताल ले जाने के लिए लोकोशेड पुल से होकर जाना पड़ता है। दूरी अधिक होने से जान जाने का डर बना रहता है। - अशोक कुमार, निवासी लाइनपार