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जिले में 34 उर्वरक की फर्जी तरीके से चल रहीं दुकानें

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 30 Aug 2020 01:39 AM IST
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fertiulizer shop run on fake license
मुरादाबाद। औद्यानिक सहकारी समिति के नाम पर कृषि अधिकारियों की मिली भगत से उर्वरक लाइसेंस हथियाकर खाद बिक्री का बड़ा घोटाला सामने आया है। जिले में 34 ऐसी दुकानों का पता चला है जिन्होंने फर्जी तरीके से लाइसेंस जारी कराए हैं और यहां से जबरदस्त ढंग से खाद की बिक्री की जा रही है। खास बात यह है कि उर्वरक की किल्लत के बावजूद अधिकारियों का ध्यान इन दुकानों पर नहीं गया। ये सभी लाइसेंस समितियों के फर्जी पदाधिकारी बनकर लिए गए हैं। खुलासा तो तब हुआ जिला उद्यान अधिकारी ने कृषि विभाग से औद्यानिक विकास समितियों द्वारा प्राप्त किए गए उर्वरक बिक्री लाइसेंसों की सूची मांगी। यदि इस मामले की गहराई से जांच हो तो इसमें न केवल कई रसूखदारों के नाम सामने आ सकते हैं बल्कि कई अधिकारियों की मिलीभगत उजागर होने की पूरी संभावना है।
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समितियों में उर्वरक बिक्री के गड़बड़झालों के बाद अब औद्यानिक सहकारी समितियों के नाम पर फर्जी लाइसेंस जारी करने की परतें खुलती जा रही हैं। यह बड़ा खेल सामने आ रहा है। इस नाम पर बड़ा कारोबार चल रहा और अधिकारियों न इस तरफ देखने की जहमत तक नहीं उठाई। मामले का भंडाफोड़ तब हुआ जब जिला उद्यान अधिकारी ने जिला कृषि अधिकारी कार्यालय से उर्वरकों की दुकानों के लाइसेंसों की सूची मांगी तो पता चला कि विभिन्न नाम की औद्यानिक उत्पादन एवं विपणन सहकारी समितियों के नाम पर 34 उर्वरक लाइसेंस उनके कार्यालय से जारी किए गए हैं। सभी की पड़ताल करने पर पता चला कि इनमें से किसी भी समिति द्वारा उर्वरक लाइसेंस प्राप्त करने के लिए न तो उद्यान विभाग को कोई जानकारी दी गई और न ही कृषि विभाग ने संबंधित समितियों को उर्वरक लाइसेंस जारी करने से पहले अथवा बाद इसकी कोई सूचना जिला उद्यान अधिकारी को दी। यह भी पाया गया कि अधिकांश समितियों ने गठन के बाद न तो मासिक प्रगति का कोई ब्योरा उद्यान विभाग को दिया और न ही दोबारा कोई चुनाव कराया।
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इन औद्यानिक समितियों को जारी किया उर्वरक लाइसेंस
औद्यानिक सहकारी समिति लि. शाहपुर तिगरी, मोहनपुर, कांकरखेड़ा, बरबारा मझरा, ईलर रसूलाबाद, साहूनगला, करनपुर, विलवाकुदान, जटपुरा, सलेमसराय, रामपुर घोंघर, शेरपुर एत्मादपुर, स्योडारा, अहमदनगर जैतवाड़ा, रसूलपुर गुर्जर, सिरसवां हरचंद, मानपुर सिरसवां।
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चार समिति को छोड़ शेष का आज तक नहीं हुआ चुनाव
उपरोक्त समितियों में से रामपुर घोंघर, सलेम सराय, साहूनगला व रसूलपुर गुर्जर को छोड़ शेष किसी भी समिति का आज तक चुनाव नहीं हो सका है। उपरोक्त चार समितियां चुनाव तो कराती हैं, लेकिन समितियों ने भी उद्यान विभाग को कभी नहीं बताया कि वह उर्वरक बिक्री का लाइसेंस प्राप्त कर उर्वरक बिक्री का कारोबार कर रही हैं।
एक समिति के नाम जारी किए कई-कई लाइसेंस
कृषि विभाग से साठगांठ कर ये समितियां न सिर्फ एक बल्कि एक समिति के नाम से कई-कई उर्वरक दुकानों का लाइसेंस प्राप्त करने में भी सफलता प्राप्त कर ली। इनमें औद्यानिक सहकारी समिति लि. श्योहारा, विलाकुदान, करनपुर ने चार-चार, ईलर रसूलाबाद व मोहनपुर ने दो-दो तथा कांकरखेड़ा ने सात स्थानों पर उर्वरक बिक्री का लाइसेंस लेकर उर्वरक व कीटनाशक की बिक्री कर रही है।
जिले में औद्यानिक सहकारी समितियों के नाम से 34 स्थानों पर उर्वरक बिक्री के लाइसेंस कृषि विभाग से जारी किए पाए गए हैं। यह उर्वरक लाइसेंस जारी करते समय न तो कृषि विभाग ने पहले अथवा बाद में इसकी कोई सूचना दी और न ही समिति पदाधिकारियों ने। इनमें अधिकांश समिति ऐसी हैं जिनका गठन के बाद आज तक चुनाव नहीं हुआ है। इससे वह स्वत: ही अवैध हो चुकी हैं। पड़ताल में मामला सामने आने पर इसकी जानकारी जिलाधिकारी को दे दी गई है।
सुनील कुमर, जिला उद्यान अधिकारी
ऐसी समिति के नाम भी जारी कर दिया लाइसेंस जिनका अस्तित्व ही नहीं
मुरादाबाद। जिले में औद्यानिक सहकारी समिति अहमदनगर जैतवाड़ा व औद्यानिक सहकारी समिति मानपुर सिरसवा के नाम से भी उर्वरक बिक्री का लाइसेंस जारी किया है। जिला उद्यान अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि इस नाम की उनके विभाग में कोई समिति है ही नहीं। यही नहीं फर्जी समिति बना लाइसेंस हथियाने वाले कृषि विभाग से मिले लाइसेंस के आधार पर पिछले कई साल से उर्वरक बिक्री का काम भी कर रहे हैं।

समितियों को उर्वरक लाइसेंस मेरे समय में जारी नहीं किए गए हैं। जिला उद्यान अधिकारी के स्तर से भी निष्क्रिय समितियों के बारे में मुझे अभी तक अवगत नहीं कराया गया है। पूरे मामले की जांच की जाएगी। जिला उद्यान अधिकारी द्वारा जिन समितियों को निष्क्रिय बताया जाएगा उनका लाइसेंस निरस्त किया जाएगा।
- ऋतुषा तिवारी, जिला कृषि अधिकारी
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