{"_id":"60fc6e8b8ebc3e585832f648","slug":"farmers-protest-for-compensation-for-crops-city-news-mbd396884060","type":"story","status":"publish","title_hn":"रामगंगा के पानी से बर्वाद फसलों के मुआवजे की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रामगंगा के पानी से बर्वाद फसलों के मुआवजे की मांग
विज्ञापन
कांठ में नदी के पानी से बर्वाद फसलों के मुआवजे की मांग करते गोपालपुर ग्रामीण। संवाद
- फोटो : KANTH
कांठ। रामगंगा नदी के पानी से खादर क्षेत्र में बर्बाद हो रहीं फसलों का मुआवजा देने की मांग पर किसानों ने प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है कि प्रशासन हर वर्ष फसलों का मुआवजे दिलाने में कोताही बरतता है।
कांठ के खादर क्षेत्र से होकर गुजर रही रामगंगा नदी के पानी से किसानों की फसलों को नुकसान हो रहा है। साथ ही नदी के पानी से खेतों की मिट्टी का भी कटान हो रहा है। शनिवार को रामगंगा तट पर बसे गांव गोपालपुर के ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए फसलों का आंकलन कर मुआवजा देने की मांग की है। यह मांग गांव अनिल राणा, सुल्तान, मोहम्मद सलमान, इरशाद, पवन राना, प्रदीप कुमार, चरन सिंह, राजपाल सिंह आदि किसानों ने की है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ध्यान रखें लेखपाल : तहसीलदार
रामगंगा नदी के बढ़ते घटते जलस्तर को देखते हुए शनिवार को तहसीलदार विभा श्रीवास्तव ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तैनात लेखपालों को ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। तहसीलदार ने कहा है कि जिस क्षेत्र में भी रामगंगा नदी से नुकसान होता है तो उसकी पूरी रिपोर्ट बनाकर समय से पहले दी जाए। ताकि नुकसान का आंकलन किया जा सके। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
कांठ के खादर क्षेत्र से होकर गुजर रही रामगंगा नदी के पानी से किसानों की फसलों को नुकसान हो रहा है। साथ ही नदी के पानी से खेतों की मिट्टी का भी कटान हो रहा है। शनिवार को रामगंगा तट पर बसे गांव गोपालपुर के ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए फसलों का आंकलन कर मुआवजा देने की मांग की है। यह मांग गांव अनिल राणा, सुल्तान, मोहम्मद सलमान, इरशाद, पवन राना, प्रदीप कुमार, चरन सिंह, राजपाल सिंह आदि किसानों ने की है।
विज्ञापन
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ध्यान रखें लेखपाल : तहसीलदार
रामगंगा नदी के बढ़ते घटते जलस्तर को देखते हुए शनिवार को तहसीलदार विभा श्रीवास्तव ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तैनात लेखपालों को ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। तहसीलदार ने कहा है कि जिस क्षेत्र में भी रामगंगा नदी से नुकसान होता है तो उसकी पूरी रिपोर्ट बनाकर समय से पहले दी जाए। ताकि नुकसान का आंकलन किया जा सके। संवाद
विज्ञापन