{"_id":"5fe628d28ebc3e3c7159702d","slug":"farmers-left-for-delhi-after-dropping-the-barricading-of-uttarakhand-police","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड पुलिस की बैरिकेडिंग गिराकर दिल्ली रवाना हुए किसान, स्वार-बाजपुर की सीमा पर उत्तराखंड पुलिस के साथ नोकझोंक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड पुलिस की बैरिकेडिंग गिराकर दिल्ली रवाना हुए किसान, स्वार-बाजपुर की सीमा पर उत्तराखंड पुलिस के साथ नोकझोंक
Fri, 25 Dec 2020 11:30 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 25 Dec 2020 11:30 PM IST
विज्ञापन
बैरिकेडिंग गिराकर दिल्ली रवाना हुए किसान
- फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड की सीमा पर पुलिस से नोकझोंक के बीच यूपी और उत्तराखंड के किसान दिल्ली के लिए रवाना हो गए। स्वार-बाजपुर की सीमा पर किसानों के जत्थों की उत्तराखंड पुलिस के साथ धक्का-मुक्की और नोकझोंक हुई। दिल्ली जाने से रोकने पर किसानों ने पुलिस की बैरिकेडिंग को गिरा दिया और नारेबाजी करते हुए दिल्ली रवाना हो गए।
बिलासपुर के किसान मिलक, पटवाई, शाहबाद से बिलारी होते हुए दिल्ली के लिए रवाना हुए। कुछ किसान बरेली-मुरादाबाद हाईवे से भी दिल्ली रवाना हुए। जगह-जगह पुलिस जरूर तैनात रही, लेकिन कहीं भी किसानों को रोका नहीं गया।
इस दौरान दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा और भाकियू (टिकैत) के राष्ट्रीय प्रवक्ता नरेश टिकैत अलग-अलग क्षेत्रों में किसानों के साथ रहे। किसान संगठनों ने 25 दिसंबर को दिल्ली कूच करने का एलान किया था।
विज्ञापन
किसानों के एलान के मद्देनजर पुलिस अलर्ट थी, क्योंकि रामपुर में मंगलवार को पुलिस को किसानों के उग्र विरोध का सामना करना पड़ा था। एहतियातन पूरे जिले में जगह-जगह पुलिस तैनात कर दी गई थी और सभी सीमाएं सील कर दी गईं थीं। शुक्रवार की सुबह से बिलासपुर के नवाबगंज से किसानों का जत्था दिल्ली के लिए रवाना होना शुरू हुआ।
विज्ञापन
बिलासपुर के किसान मिलक, पटवाई, शाहबाद से बिलारी होते हुए दिल्ली के लिए रवाना हुए। कुछ किसान बरेली-मुरादाबाद हाईवे से भी दिल्ली रवाना हुए। जगह-जगह पुलिस जरूर तैनात रही, लेकिन कहीं भी किसानों को रोका नहीं गया।
विज्ञापन
इस दौरान दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा और भाकियू (टिकैत) के राष्ट्रीय प्रवक्ता नरेश टिकैत अलग-अलग क्षेत्रों में किसानों के साथ रहे। किसान संगठनों ने 25 दिसंबर को दिल्ली कूच करने का एलान किया था।
विज्ञापन
किसानों के एलान के मद्देनजर पुलिस अलर्ट थी, क्योंकि रामपुर में मंगलवार को पुलिस को किसानों के उग्र विरोध का सामना करना पड़ा था। एहतियातन पूरे जिले में जगह-जगह पुलिस तैनात कर दी गई थी और सभी सीमाएं सील कर दी गईं थीं। शुक्रवार की सुबह से बिलासपुर के नवाबगंज से किसानों का जत्था दिल्ली के लिए रवाना होना शुरू हुआ।
किसान बिलासपुर से भोट और रामपुर की ओर से जाने की बजाय मिलक, पटवाई से शाहबाद होते हुए मुरादाबाद की सीमा में प्रवेश कर गए। बाजपुर की ओर से आने वाले किसानों को उत्तराखंड की पुलिस ने स्वार की सीमा पर रोकने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा के नेतृत्व में हजारों किसान पुलिस की बैरिकेडिंग को गिराते हुए यूपी की सीमा में प्रवेश कर गए। यहां से किसान टांडा, दढ़ियाल होते हुए मुरादाबाद और फिर दिल्ली रवाना हो गए।
किसानों के दिल्ली कूच करने के एलान के मद्देनजर शुक्रवार को जिले भर में पुलिस तैनात रही। जिले की सभी सीमाओं पर पुलिस तैनात रही, लेकिन पुलिस ने कहीं भी किसानों को रोकने का प्रयास नहीं किया। कुछ स्थानों पर किसान जत्थे में जाने की बजाय एक-एक करके रवाना हुए और पुलिस ने उनको रोकने की कोशिश नहीं की।
किसानों को दिल्ली रवाना कराने के लिए भाकियू (टिकैत) के राष्ट्रीय प्रवक्ता नरेश टिकैत ने भी पूरे जिले का भ्रमण किया। पुलिस के आला अधिकारी भी गश्त पर रहे, लेकिन कहीं भी किसानों को नहीं रोका गया। किसानों के शांतिपूर्वक दिल्ली रवाना हो जाने के बाद पुलिस-प्रशासन ने राहत की सांस ली।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा के नेतृत्व में हजारों किसान पुलिस की बैरिकेडिंग को गिराते हुए यूपी की सीमा में प्रवेश कर गए। यहां से किसान टांडा, दढ़ियाल होते हुए मुरादाबाद और फिर दिल्ली रवाना हो गए।
किसानों के दिल्ली कूच करने के एलान के मद्देनजर शुक्रवार को जिले भर में पुलिस तैनात रही। जिले की सभी सीमाओं पर पुलिस तैनात रही, लेकिन पुलिस ने कहीं भी किसानों को रोकने का प्रयास नहीं किया। कुछ स्थानों पर किसान जत्थे में जाने की बजाय एक-एक करके रवाना हुए और पुलिस ने उनको रोकने की कोशिश नहीं की।
किसानों को दिल्ली रवाना कराने के लिए भाकियू (टिकैत) के राष्ट्रीय प्रवक्ता नरेश टिकैत ने भी पूरे जिले का भ्रमण किया। पुलिस के आला अधिकारी भी गश्त पर रहे, लेकिन कहीं भी किसानों को नहीं रोका गया। किसानों के शांतिपूर्वक दिल्ली रवाना हो जाने के बाद पुलिस-प्रशासन ने राहत की सांस ली।