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लॉक डाउन में फंसी बेटियों को मायका भाया, पर बहुओं को उनका रहना रास नहीं आया

Sun, 14 Jun 2020 03:52 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 14 Jun 2020 03:52 AM IST
सार

  • मायके में ज्यादा दिन फंसी बेटियां तो बहुएं हो गई नाराज 
  • नारी उत्थान केंद्र में पहुंचे प्रार्थना पत्र, आपस में शुरू हो गए विवाद, काउंसिलिंग के बाद कराया गया समझौता 

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family disputes increased in this pandamic era
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

विस्तार

लॉक डाउन के दौरान कई महिलाएं अपने मायके में फंसीं तो उन्हें तो अपना मायका भा गया पर इन घरों की बहुओं को ज्यादा दिन रहना रास नहीं आया। वे नाराज हो गईं। किसी को ननद की घर में ज्यादा दखल अंदाजी पसंद नहीं आई तो किसी को ननद के बच्चों का शोर सिर में दर्द कर गया।  विवाद इतने बढ़ गए कि मामला नारी उत्थान केंद्र में पहुंच गए। यहां काउंसलिंग के बाद दोनों पक्षों में समझौता कराया गया है।

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पहला मामला गलशहीद क्षेत्र का है। यहां रहने वाली युवती की शादी दिल्ली निवासी युवक से हुई थी। लॉक डाउन से पहले युवती अपने दो बच्चों को लेकर मायके आई थी। लॉक डाउन लागू होने के बाद महिला दिल्ली वापस नहीं लौट पाई। शुरुआत में तो सब कुछ ठीक ठाक चलता रहा। इसके बाद युवती और उसकी भाभी के बीच छोटी छोटी बातों को लेकर विवाद होने लगा। इसके बाद भाभी अपने मायके करूला चली गई। वह अपने पिता के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंची और ससुरालियों के खिलाफ शिकायती पत्र दिया। जिसमें दहेज उत्पीड़न और मारपीट का आरोप लगाया। 
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एसएसपी ने ने प्रार्थना पत्र काउंसलिंग के लिए नारी उत्थान केंद्र भेज दिया। यहां दोनों पक्षों के बीच पक्षों के बीच वार्ता कराई गई। तब पता चला दिल्ली में रहने वाली महिला अपने मायके आई थी। लॉक डाउन की वजह से वह वापस नहीं लौट सकी। ननद भाभी के बीच विवाद हुआ था।  नारी उत्थान केंद्र की प्रभारी संध्या रावत ने बताया कि दोनों पक्षों में समझौता करा दिया गया है। दोनों पक्षों में लिखित में दिया है कि अब उन्हें कोई शिकायत नहीं है। ननद अपने घर चली गई है। जबकि शिकायत करने वाली युवती भी अपनी ससुराल में आकर रहने लगी है। इसके अलावा भी चार अन्य प्रार्थना पत्र ऐसे ही आए थे। जिसमें लॉक डाउन की वजह से युवतियां अपने मायके में फंस गई थी। उनके बीच भी समझौता कराए गए हैं। 
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बच्चों ने शोर मचाया तो मामी के सिर में आ गया दर्द 
 सिविल लाइंस के हरथला निवासी युवती की शादी दस साल पहले काशीपुर निवासी युवक से हुई थी। युवती के पति फैक्टरी में नौकरी करते हैं। उसके दो बेटे और एक बेटी है। लॉक डाउन से पहले महिला अपने तीनों बच्चों को लेकर मायके आई थी। इसके बाद लॉक डाउन लग गया। महिला ससुराल नहीं जा पाई। महिला के बच्चे शोर मचाते थे। जिससे घर की बहू को दिक्कत होने लगी। उसने कहा कि बच्चों के शोर से मेरे सिर में दर्द होता है। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया था। इस मामले में भी समझौता करा दिया गया है। इसके अलावा ऐसे कई मामले यहां आ हैं जहां ननद भाभी का विवाद हुआ है वह भी लॉकडाउन मे दौरान ही।

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