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76 दिन गैरहाजिर रहने के बाद सिपाही ने लगाई फर्जी मेडिकल रिपोर्ट
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मुरादाबाद। यूपी डायल 112 के एक सिपाही ने 76 दिन गैरहाजिर देने के बाद आमद कराने के लिए पुलिस लाइन में फर्जी मेडिकल रिपोर्ट लगा दी। सीएमओ कार्यालय से इसकी मेडिकल रिपोर्ट फर्जी होने की पुष्टि होने के बाद सिपाही के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
यूपी डॉयल 112 के प्रभारी निरीक्षक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह धौनी ने सिविल लाइंस थाने में सिपाही रामकुमार के खिलाफ केस दर्ज कराया है। प्रभारी निरीक्षक केे मुताबिक यूपी डायल 112 प्रोजेक्ट में तैनात सिपाही रामकुमार 17 जुलाई 2020 को पुलिस लाइन से उपचार कराने की बात कहकर गया था। 76 दिन बाद वह एक अक्तूबर 2020 को वह ड्यूटी पर लौटा और उसने पुलिस लाइन में आमद कराने के लिए मेडिकल रिपोर्ट लगाई थी। सिपाही लंबे समय तक गैरहाजिर रहा। जिस कारण एसएसपी ने इस मामले की जांच कराने के आदेश दिए थे। एसपी यातायात अशोक कुमार ने इस मामले की जांच की। जिसमें सामने आया है कि सिपाही रामकुमार ने एक अक्तूबर 2020 को पुलिस लाइन में अपनी आमद कराई थी। इस दौरान उसने मेडिकल रिपोर्ट भी लगाई थी। जिसमें लंबे बेड रेस्ट की बात लिखी थी। मेडिकल रिपोर्ट सही है या फर्जी बनवाई गई है इसकी पुष्टि के लिए रिपोर्ट सीएमओ कार्यालय भेजी गई थी। सीएमओ ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि उनके पास भेजी गई सभी ओपीडी स्लिप जिला अस्पताल से ही जारी की गई हैं, लेकिन उसमें लिखा गया उपचार और बेड रेस्ट कूटरचित है। ऐसा प्रतीत होता है कि किसी ने जिला अस्पताल से पर्ची बनवाने के बाद उसमें मनमाने तरीके से इलाज और बेड रेस्ट लिख लिया है। सीएमओ की रिपोर्ट मिलने के बाद एसएसपी हेमंत कुटियाल ने सिपाही के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए। सीओ सिविल लाइंस आशुतोष तिवारी ने बताया कि सिपाही रामकुमार के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। विवेचना में जो भी तथ्य सामने आएंगे। उसी आधार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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यूपी डॉयल 112 के प्रभारी निरीक्षक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह धौनी ने सिविल लाइंस थाने में सिपाही रामकुमार के खिलाफ केस दर्ज कराया है। प्रभारी निरीक्षक केे मुताबिक यूपी डायल 112 प्रोजेक्ट में तैनात सिपाही रामकुमार 17 जुलाई 2020 को पुलिस लाइन से उपचार कराने की बात कहकर गया था। 76 दिन बाद वह एक अक्तूबर 2020 को वह ड्यूटी पर लौटा और उसने पुलिस लाइन में आमद कराने के लिए मेडिकल रिपोर्ट लगाई थी। सिपाही लंबे समय तक गैरहाजिर रहा। जिस कारण एसएसपी ने इस मामले की जांच कराने के आदेश दिए थे। एसपी यातायात अशोक कुमार ने इस मामले की जांच की। जिसमें सामने आया है कि सिपाही रामकुमार ने एक अक्तूबर 2020 को पुलिस लाइन में अपनी आमद कराई थी। इस दौरान उसने मेडिकल रिपोर्ट भी लगाई थी। जिसमें लंबे बेड रेस्ट की बात लिखी थी। मेडिकल रिपोर्ट सही है या फर्जी बनवाई गई है इसकी पुष्टि के लिए रिपोर्ट सीएमओ कार्यालय भेजी गई थी। सीएमओ ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि उनके पास भेजी गई सभी ओपीडी स्लिप जिला अस्पताल से ही जारी की गई हैं, लेकिन उसमें लिखा गया उपचार और बेड रेस्ट कूटरचित है। ऐसा प्रतीत होता है कि किसी ने जिला अस्पताल से पर्ची बनवाने के बाद उसमें मनमाने तरीके से इलाज और बेड रेस्ट लिख लिया है। सीएमओ की रिपोर्ट मिलने के बाद एसएसपी हेमंत कुटियाल ने सिपाही के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए। सीओ सिविल लाइंस आशुतोष तिवारी ने बताया कि सिपाही रामकुमार के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। विवेचना में जो भी तथ्य सामने आएंगे। उसी आधार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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