{"_id":"6227b0a0570561574269e431","slug":"exporters-will-get-subsidy-on-bank-loan-again-moradabad-news-mbd421024724","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैंक ऋण पर निर्यातकों को फिर मिलेगी सब्सिडी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैंक ऋण पर निर्यातकों को फिर मिलेगी सब्सिडी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद। कच्चे माल और पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच निर्यातकों के लिए राहत भरी खबर है। तीस सितंबर 2021 से बंद इंटरेस्ट इक्विलाइजेशन स्कीम (आईईएस) फिर से शुरू कर दी गई। इसके तहत निर्यातकों को बैंक ऋण पर तीन प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी। इसका सीधा फायदा जिले के करीब 2500 निर्यातकों को मिलेगा। हालांकि पहले पांच फीसदी सब्सिडी मिलती थी।
निर्यात के लिए बैंकों से ऋण लेने पर निर्यातकों को केंद्र सरकार की ओर से इंटरेस्ट इक्विलाइजेशन स्कीम के तहत पांच प्रतिशत की सब्सिडी दी जाती थी। लेकिन सरकार ने 30 सितंबर 2021 को इस स्कीम को बंद दिया। इससे निर्यातकों को झटका लगा। उन पर ऋण का बोझ बढ़ गया। जिसे लेकर निर्यातकों में रोष बढ़ रहा था। इस स्कीम को दोबारा से शुरू कराने के लिए ईपीसीएच के चेयरमैन राजकुमार मल्होत्रा, डीजी डॉ. राकेश कुमार और मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के महासचिव अवधेश अग्रवाल ने राज्यसभा सांसद जफर इस्लाम के साथ केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण से भी मुलाकात की थी। निर्यातकों की समस्या उनके सामने रखी थी। जिसपर केंद्रीय वित्तमंत्री ने इस स्कीम को फिर शुरू करने का आश्वासन दिया था। मंगलवार को आरबीआई ने इस स्कीम को पुन: एक अक्तूबर 2021 से चालू कर 31 मार्च 2024 तक के लिए तीन फीसदी की दर से हस्तशिल्प व अन्य निर्यात पर बहाल कर निर्यातकों को बड़ी राहत दी है।
- तीस सितंबर 2021 को इंटरेस्ट इक्विलाइजेशन स्कीम खत्म कर दी गई थी। इससे निर्यातकों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया था। लेकिन अब इस स्कीम को फिर शुरू कर दिया गया है। वह भी एक अक्तूबर 2021 से लागू किया गया है। इसका लाभ जिले के करीब 2500 निर्यातकों को सीधे तौर पर मिलेगा।
विज्ञापन
- अवधेश अग्रवाल, महासचिव, मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन
विज्ञापन
निर्यात के लिए बैंकों से ऋण लेने पर निर्यातकों को केंद्र सरकार की ओर से इंटरेस्ट इक्विलाइजेशन स्कीम के तहत पांच प्रतिशत की सब्सिडी दी जाती थी। लेकिन सरकार ने 30 सितंबर 2021 को इस स्कीम को बंद दिया। इससे निर्यातकों को झटका लगा। उन पर ऋण का बोझ बढ़ गया। जिसे लेकर निर्यातकों में रोष बढ़ रहा था। इस स्कीम को दोबारा से शुरू कराने के लिए ईपीसीएच के चेयरमैन राजकुमार मल्होत्रा, डीजी डॉ. राकेश कुमार और मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के महासचिव अवधेश अग्रवाल ने राज्यसभा सांसद जफर इस्लाम के साथ केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण से भी मुलाकात की थी। निर्यातकों की समस्या उनके सामने रखी थी। जिसपर केंद्रीय वित्तमंत्री ने इस स्कीम को फिर शुरू करने का आश्वासन दिया था। मंगलवार को आरबीआई ने इस स्कीम को पुन: एक अक्तूबर 2021 से चालू कर 31 मार्च 2024 तक के लिए तीन फीसदी की दर से हस्तशिल्प व अन्य निर्यात पर बहाल कर निर्यातकों को बड़ी राहत दी है।
विज्ञापन
- तीस सितंबर 2021 को इंटरेस्ट इक्विलाइजेशन स्कीम खत्म कर दी गई थी। इससे निर्यातकों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया था। लेकिन अब इस स्कीम को फिर शुरू कर दिया गया है। वह भी एक अक्तूबर 2021 से लागू किया गया है। इसका लाभ जिले के करीब 2500 निर्यातकों को सीधे तौर पर मिलेगा।
विज्ञापन
- अवधेश अग्रवाल, महासचिव, मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन