इंस्पेक्टर की पत्नी, देवर और नौकरानी की नृशंस हत्या, हथौड़े से सिर कुचलकर मारा
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चंदौसी में रोडवेज बस अड्डे से सटी तेगबहादुर कॉलोनी में एक पूर्व पुलिस इंस्पेक्टर की वृद्ध पत्नी, देवर और 20 वर्षीय नौकरानी की घर के भीतर हथौड़े से सिर कुचलकर नृशंस हत्या कर दी गई। तीनों के रक्तरंजित शव शुक्रवार शाम को घर में पड़े मिले। कातिलों ने नौकरानी का गला भी काटा है। हत्याकांड का पता तब चला जब तीन दिन तक मां का फोन नहीं उठने पर इंस्पेक्टर की बेटी ने रिश्तेदार को फोन किया। रिश्तेदार घर पहुंचा तो दरवाजा खुला था और तीनों के शव घर के अंदर पड़े थे। दुस्साहसिक वारदात से शहर में सनसनी फैल गई। पुलिस मौका ए वारदात का निरीक्षण का हत्याकांड की वजह पता करने की कोशिशों में जुटी थी।
चंदौसी के रहने वाले सत्यपाल सिंह पुलिस विभाग में इंस्पेक्टर थे। वर्ष 1982 में रामपुर में तैनाती के दौरान उनकी मौत हो गई थी। उनकी पत्नी संतोष सिंह (70) अपने ममेरे देवर केसर सिंह (60) और 20 वर्षीय नौकरानी के साथ तेग बहादुर कॉलोनी में अपने घर रहती थीं। संतोष की बेटी रश्मि सिंह बाहर रहती हैं। रश्मि हर रोज अपनी मां से फोन पर बात करती थीं। लेकिन पिछले तीन दिन से उनकी मां का फोन नहीं उठ रहा था। जब शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन भी मां से बात नहीं हुई तो रश्मि को फिक्र हुई और उन्होंने चंदौसी में ही रहने वाले अपने रिश्तेदार राजेंद्र सिंह को फोन कर घर भेजा।
शुक्रवार शाम राजेंद्र तेगबहादुर कॉलोनी में संतोष सिंह के घर पहुंचे तो घर का दरवाजा खुला था। अंदर जाकर उन्होंने देखा तो दरवाजे के पास फर्श पर केसर सिंह का रक्तरंजित शव पड़ा था। पास में खून से सना हथौड़ा भी पड़ा हुआ था। घबराए राजेंद्र ने अंदर जाकर देखा तो कमरे में विस्तर पर संतोष सिंह का खून से सना शव पड़ा था। उनके भी सिर पर हथौड़े जैसी चीज से वार किया गया था। दूसरे कमरे में नौकरानी का खून से सना और गला कटा शव पड़ा मिला। राजेंद्र ने तुरंत रश्मि और पुलिस को घटना की जानकारी दी। तीनों का खून फर्श पर बहकर सूख चुका था। जिससे पुलिस का मानना है कि तीनों की हत्या दो से तीन दिन पहले की गई है। हत्या के पीछे फिलहाल लूट को वजह माना जा रहा है।