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वाह साहब! पब्लिक की सुनते नहीं, माननीयों का पैसा घर पहुंचाया

Thu, 07 Apr 2016 04:03 AM IST
पुनीत शर्मा / अमर उजाला, मुरादाबाद
पुनीत शर्मा / अमर उजाला, मुरादाबाद Updated Thu, 07 Apr 2016 04:03 AM IST
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don't hear publice voice but VIP money delevered to his home
नेता
मसला किसी आम आदमी से जुड़ा होगा तो नियमों की लंबी फेहरिस्त बता दी जाएगी। 300 रुपये की पेंशन की एक किस्त अगर लाभार्थी की गलती से फंस गई तो दोबारा नहीं मिलेगी। लेकिन यहां तो प्रशासन ने माननीयों की जमानत राशि जिसे वह लेने में कतई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे थे।
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बार बार कहने के बाद भी बैंक का एकाउंट नंबर नहीं दे रहे थे उसे ड्राफ्ट द्वारा उनके घरों पर भिजवाया गया है। यहां हम जिक्र कर रहे हैं वर्ष 2012 में हुए विधानसभा इलेक्शन की। जब नामांकन पत्र दाखिल किया गया था तब प्रत्याशियों ने पर्चे के साथ निर्धारित जमानत राशि भी जमा की।
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अब जिसे भी कुल वोट का 1/6 हिस्सा मिला उसकी जमानत बच गई थी जबकि बाकी की जब्त हो गई। निर्वाचन आयोग का नियम है कि जिस वित्तीय वर्ष में इलेक्शन हुआ हो उसी साल में जमानत की राशि सभी निर्वाचित प्रतिनिधि और जमानत बचाने में कामयाब रहने वाले प्रत्याशी ले लें।
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मगर यहां कुछ विधायक और प्रत्याशी तो जमानत का पैसा ले गए मगर कइयों ने तो चार साल बाद भी नहीं लिया था। निर्वाचन विभाग के अफसरों का कहना है कि सभी विधायकों को पत्र भेजकर उनका एकाउंट नंबर पूछा गया था ताकि जमानत की रकम उनके खाते में जमा कराई जा सके।

मगर किसी ने बैंक एकाउंट बताया ही नहीं। लिहाजा अब चंदौसी विधायक लक्ष्मी गौतम, असमौली विधायक पिंकी यादव, देहात विधायक शमीमुलहक, पूर्व विधायक गिरीश चंद्र की जमानत राशि उनके घरों पर ड्राफ्ट द्वारा भिजवा दी गई है। एडीएम प्रशासन सत्यप्रकाश राय का कहना है कि यह व्यवस्था है कि जो भी प्रत्याशी जमानत बचाने में कामयाब रहते हैं उनका पैसा उन्हें लौटाया जाए। लिहाजा जो  रह गए थे उन्हें पैसा भेज दिया गया है।  
 

व्यस्तता के कारण नहीं ले पाए थे राशि : नवाब इकबाल महमूद


खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के मंत्री नवाब इकबाल महमूद का कहना है कि पिछले महीने ड्राफ्ट आ गया है। व्यस्तता के कारण वह नहीं ले पाए थे। समय भी कहां मिलता है। दिन भर क्षेत्र में रहना और लोगों की समस्याओं को सुनना। इसलिए वक्त ही नहीं मिल पाया।
 

मेरा ड्राफ्ट तो पहुंच गया : लक्ष्मी गौतम

 

चंदौसी विधायक लक्ष्मी गौतम का कहना है कि जमानत राशि का जो पैसा था वह उनके पास आ गया है। ड्राफ्ट द्वारा मिला है। उनका कहना है कि हमसे तो कभी बैंक  एकाउंट के बारे में नहीं पूछा गया। अगर पूछा जाता तो तत्काल एकाउंट नंबर दे देते। इसमें छुपाने जैसी कोई बात ही नहीं थी। 


जनता की सेवा में व्यस्त थी : पिंकी यादव

 असमोली विधायक पिंकी यादव का कहना है कि वह व्यस्तता के कारण इस तरफ ध्यान ही नहीं गया था। निर्वाचन दफ्तर से संदेश आया होगा उन्हें मिल नहीं पाया।  वह सुबह ही अपने क्षेत्र में निकल जाती हैं और शाम तक लौट पाती हैं। प्रशासन ने जो जमानत राशि का ड्राफ्ट भेजा था वह उन्हें मिल गया है। 
 

कोई सूचना नहीं मिल पाई थी : शमीमुलहक

ग्रामीण विधानसभा के विधायक शमीमुलहक अपना रूटीन चेकअप कराने के लिए दिल्ली गए हैं। उनके बेटे कसीमुलहक ने बताया कि निर्वाचन कार्यालय से कोई सूचना नहीं मिली थी। विधायक जनता के कार्यों में व्यस्त रहे। चार दिन पहले जमानत राशि का ड्राफ्ट आ गया है।  
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