{"_id":"62421c538fcdd0575838a448","slug":"do-not-be-afraid-get-the-children-vaccinated-then-only-you-will-win-the-battle-with-corona-city-news-mbd4229344181","type":"story","status":"publish","title_hn":"डरिए मत, बच्चों का कराएं टीकाकरण...तभी जीतेंगे कोरोना से रण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डरिए मत, बच्चों का कराएं टीकाकरण...तभी जीतेंगे कोरोना से रण
विज्ञापन
मुरादाबाद। जिले में 12 से 14 वर्ष तक के बच्चों का भी टीकाकरण शुरू हो गया है, लेकिन अभियान अभी रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। 13 दिनों में जिले में 3835 बच्चों को ही कोरोना से बचाव का टीका लगा सका है, जबकि कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में अभिभावक डरे नहीं, बेफिक्र होकर बच्चों का टीकाकरण कराएं...तभी कोरोना से रण जीता जा सकेगा।
16 मार्च से जिले में 12 से 14 वर्ष आयुवर्ग के बच्चों का टीकाकरण किया जा रहा है। जिले में 131410 बच्चों को कोरोना से बचाव का टीका लगाने का लक्ष्य रखा है। 13 दिनों इस लक्ष्य की तुलना में सिर्फ 2.9 फीसदी बच्चों का टीकाकरण किया जा सका है। जिले में 3835 बच्चों को ही टीका लगाया जा सका है। सबसे अधिक भोजपुर क्षेत्र में 862 बच्चों को टीका लगा है, जबकि कुंदरकी में सबसे कम 46 बच्चों ने ही वैक्सीन की डोज ली है। मुरादाबाद शहर में भी अभिभावक बच्चों के टीकाकरण में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। शहरी क्षेत्र में सिर्फ 455 बच्चों को ही टीका लगा है। शहर से अधिक बिलारी, मूंढापांडे और ताजपुर क्षेत्र में बच्चों का टीकाकरण हुआ है। दूसरी ओर संक्रमण की रफ्तार कम होने पर लोग लापरवाह होने लगे हैं, जबकि अभी कोरोना खत्म नहीं हुआ है। पहली लहर के संक्रमण में आई कमी के बाद लोग लापरवाह हो गए थे। नतीजतन दूसरी लहर में इस महामारी ने हाहाकार मचा दिया। ऐसे में लापरवाही न बरतें, बच्चों का टीकाकरण जरूर कराएं।
- बच्चों का टीकाकरण जरूर कराएं। मेरे परिवार के सभी सदस्य कोरोना से बचाव का टीका लगवा चुके हैं। टीकाकरण कराना बहुत जरूरी है। लोगों से अपील है कि किसी तरह अफवाह और डर भय में फंसे। बेझिझक बच्चों का टीकाकरण कराएं। - डॉ. दीपक वर्मा, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
विज्ञापन
बच्चों के टीकाकरण की ब्लाक वार स्थिति
क्षेत्र बच्चों की संख्या
भोजपुर 862
बिलारी 594
डिलारी 235
कांठ 70
कुंदरकी 46
मूंढापांडे 691
ताजपुर 487
ठाकुरद्वारा 395
मुरादाबाद 455
कुंदरकी में नहीं खुला खाता, कांठ-डिलारी में दहाई में नहीं आंकड़ा
मुरादाबाद। कोरोना टीकाकरण अभियान में सोमवार को जिले में सिर्फ 876 बच्चों को कोरोना से बचाव का टीका लगाया गया। कुंदरकी में बच्चों के टीकाकरण का खाता तक नहीं खुल सका। यहां किसी बच्चे को टीका नहीं लगा। वहीं कांठ और डिलारी में आंकड़ा दहाई में नहीं पहुंचा। कांठ में तीन तो डिलारी में चार बच्चों को ही टीका लगा, जबकि मुरादाबाद शहर में सिर्फ 70 बच्चों ने वैक्सीन की डोज ली।
विज्ञापन
16 मार्च से जिले में 12 से 14 वर्ष आयुवर्ग के बच्चों का टीकाकरण किया जा रहा है। जिले में 131410 बच्चों को कोरोना से बचाव का टीका लगाने का लक्ष्य रखा है। 13 दिनों इस लक्ष्य की तुलना में सिर्फ 2.9 फीसदी बच्चों का टीकाकरण किया जा सका है। जिले में 3835 बच्चों को ही टीका लगाया जा सका है। सबसे अधिक भोजपुर क्षेत्र में 862 बच्चों को टीका लगा है, जबकि कुंदरकी में सबसे कम 46 बच्चों ने ही वैक्सीन की डोज ली है। मुरादाबाद शहर में भी अभिभावक बच्चों के टीकाकरण में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। शहरी क्षेत्र में सिर्फ 455 बच्चों को ही टीका लगा है। शहर से अधिक बिलारी, मूंढापांडे और ताजपुर क्षेत्र में बच्चों का टीकाकरण हुआ है। दूसरी ओर संक्रमण की रफ्तार कम होने पर लोग लापरवाह होने लगे हैं, जबकि अभी कोरोना खत्म नहीं हुआ है। पहली लहर के संक्रमण में आई कमी के बाद लोग लापरवाह हो गए थे। नतीजतन दूसरी लहर में इस महामारी ने हाहाकार मचा दिया। ऐसे में लापरवाही न बरतें, बच्चों का टीकाकरण जरूर कराएं।
विज्ञापन
- बच्चों का टीकाकरण जरूर कराएं। मेरे परिवार के सभी सदस्य कोरोना से बचाव का टीका लगवा चुके हैं। टीकाकरण कराना बहुत जरूरी है। लोगों से अपील है कि किसी तरह अफवाह और डर भय में फंसे। बेझिझक बच्चों का टीकाकरण कराएं। - डॉ. दीपक वर्मा, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
विज्ञापन
बच्चों के टीकाकरण की ब्लाक वार स्थिति
क्षेत्र बच्चों की संख्या
भोजपुर 862
बिलारी 594
डिलारी 235
कांठ 70
कुंदरकी 46
मूंढापांडे 691
ताजपुर 487
ठाकुरद्वारा 395
मुरादाबाद 455
कुंदरकी में नहीं खुला खाता, कांठ-डिलारी में दहाई में नहीं आंकड़ा
मुरादाबाद। कोरोना टीकाकरण अभियान में सोमवार को जिले में सिर्फ 876 बच्चों को कोरोना से बचाव का टीका लगाया गया। कुंदरकी में बच्चों के टीकाकरण का खाता तक नहीं खुल सका। यहां किसी बच्चे को टीका नहीं लगा। वहीं कांठ और डिलारी में आंकड़ा दहाई में नहीं पहुंचा। कांठ में तीन तो डिलारी में चार बच्चों को ही टीका लगा, जबकि मुरादाबाद शहर में सिर्फ 70 बच्चों ने वैक्सीन की डोज ली।