फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Dengue sting is reducing blood pressure, patient battered by vomiting and diarrhea

डेंगू का डंक ब्लड प्रेशर कर रहा कम, उल्टी-दस्त से मरीज पस्त

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 23 Oct 2021 01:09 AM IST
विज्ञापन
Dengue sting is reducing blood pressure, patient battered by vomiting and diarrhea
डेंगू का डंक ब्लड प्रेशर कर रहा कम, उल्टी-दस्त से मरीज पस्त
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। कोरोना संक्रमण काल में डेंगू के तेवर बदले हैं। डेंगू का डंक मरीजों का ब्लड प्रेशर कम कर रहा है। प्लेटलेट्स पर नजर रखने वाले इससे अंजान मरीज डेंगू शॉक सिंड्रोम (डीएसएस) में पहुंच जाता है। वहीं, इस बार डेंगू के मरीजों में उल्टी-दस्त के साथ पेट दर्द की अधिक शिकायत मिल रही है। ऐसे में पानी खूब पीएं। डॉक्टरी सलाह जरूर लें।
कोरोना संक्रमण काल में पिछले साल डेंगू का प्रकोप नहीं के बराबर रहा। जिले में सिर्फ 76 मरीज मिले थे। इस बार डेंगू कहर बनकर लोगों पर टूट रहा है। आम तौर पर 20 अक्तूबर तक डेंगू का प्रभाव कम हो जाता था, लेकिन इस बार अभी भी डेंगू के मरीजों का मिलना जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक इस बार डेंगू के मरीजों में कुछ बदलाव देखने को मिल रहा है। डेंगू के मरीजों का ब्लड प्रेशर लो हो जाता है। मरीज डेंगू शॉक सिंड्रोम की स्थिति में पहुंच जाता है। डेंगू के मरीजों को उल्टी-दस्त भी अधिक हो रही है। साथ ही पेट में दर्द की शिकायत हो रही है। इसके अलावा मरीजों का तेजी से प्लेटलेट्स गिर रहा है। प्लेटलेट्स 20 से 25 हजार तक पहुंच जाता है।
विज्ञापन

इस बार डेंगू से पीड़ित मरीजों में बीपी लो होने की शिकायत मिल रही है। मरीज प्लेटलेट्स पर तो नजर रखता है, लेकिन बीपी की जांच नहीं कराता है। डेंगू के मरीजों में बीपी कम होना, उनकी सेहत के लिए ठीक नहीं है। इसलिए 24 घंटे में तीन लीटर तरल पदार्थ जरूर लें। - डॉ. अमित रस्तोगी, एमडी मेडिसिन
विज्ञापन
विज्ञापन

डेंगू शॉक सिंड्रोम के लक्षण
- मरीज अत्यधिक बेचैन हो जाता है
- तेज बुखार के बावजूद उसकी त्वचा ठंडी महसूस होती है
- मरीज धीरे-धीरे होश खोने लगता है
- मरीज का ब्लड प्रेशर कम होने लगता है
सलाह
- मरीज को डिसप्रिन, एसप्रीन न दें
- डॉक्टरों की सलाह पर दवा दें
- बुखार 102 डिग्री से अधिक है तो कम करने के लिए हाईड्रोथेरेपी (जल चिकित्सा) करें
- सामान्य रूप से भोजन देना जारी रखें
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed