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होमगार्ड का बेटा चला रहा था साइबर ठगी का धंधा, गिरफ्तार
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मुरादाबाद। बिना ब्याज पर लोन दिलाने का झांसा देकर कारोबारी से 40 लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के सरगना मोनू त्यागी उर्फ मुकेश को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मोनू के चार साथियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। मोनू त्यागी के पिता रविंद्र नाथ त्यागी होमगार्ड हैं।
साइबर अपराध थाने के प्रभारी डीएसपी अजेय कुमार शर्मा ने बताया कि मूलरूप से बिहार के निवासी प्रभाकर सिंह सिविल लाइंस के चक्कर की मिलक में रहते हैं। उन्होंने 30 जुलाई 2021 को केस दर्ज कराया था। जिसमें बताया कि उनके भाई दिवाकर सिंह कृषि से संबंधित उत्पाद के कारोबारी हैं। उनके नाम से बीमा की पॉलिसी चल रही है। फरवरी 2021 में दिवाकर के मोबाइल पर अज्ञात नंबरों से कॉल आईं। कॉल करने वालों ने खुद को बीमा कंपनी का एजेंट बताते हुए झांसा दिया था कि वह पॉलिसी पर बिना ब्याज के दस लाख रुपये का लोन दिला देंगे। इसके बाद आरोपियों ने अलग-अलग तारीख और अलग अलग खातों में लगभग 40.36 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए । साइबर अपराध थाने की पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल नंबर और खातों की डिटेल निकलवाकर तलाश शुरू की।
इस मामले में 26 दिसंबर 2021 बरेली जनपद के हाफिजगंज थानाक्षेत्र के लभेड़ा निवासी आसिफ खां व मुल्लापुर दोरिया निवासी सलीम खां को गिरफ्तार किया गया। जबकि साढ़े छह लाख रुपये पीड़ित के खाते में ट्रांसफर करा दिए थे। छह मार्च 2022 को अमरोहा जनपद के गजरौला निवासी विनोद कुमार गिरफ्तार किया गया। चौथे आरोपी प्रवेश पाठक ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था। गिरोह का सरगना मोनू त्यागी उर्फ मुकेश निवासी मुस्सेपुर थाना नूरपुर जनपद बिजनौर और इसका सहयोगी नसीम पुलिस की गिरफ्त से दूर थे। वह लगातार जगह बदल बदलकर रह रहे थे। बृहस्पतिवार रात टीम ने गाजियाबाद के नंदाग्राम से गिरोह के सरगना मोनू त्यागी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इसके कब्जे से तीन मोबाइल चार डेबिट कार्ड समेत अन्य सामान बरामद किया है। शुक्रवार दोपहर आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद चल भेज दिया गया।
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साइबर अपराध थाने के प्रभारी डीएसपी अजेय कुमार शर्मा ने बताया कि मूलरूप से बिहार के निवासी प्रभाकर सिंह सिविल लाइंस के चक्कर की मिलक में रहते हैं। उन्होंने 30 जुलाई 2021 को केस दर्ज कराया था। जिसमें बताया कि उनके भाई दिवाकर सिंह कृषि से संबंधित उत्पाद के कारोबारी हैं। उनके नाम से बीमा की पॉलिसी चल रही है। फरवरी 2021 में दिवाकर के मोबाइल पर अज्ञात नंबरों से कॉल आईं। कॉल करने वालों ने खुद को बीमा कंपनी का एजेंट बताते हुए झांसा दिया था कि वह पॉलिसी पर बिना ब्याज के दस लाख रुपये का लोन दिला देंगे। इसके बाद आरोपियों ने अलग-अलग तारीख और अलग अलग खातों में लगभग 40.36 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए । साइबर अपराध थाने की पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल नंबर और खातों की डिटेल निकलवाकर तलाश शुरू की।
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इस मामले में 26 दिसंबर 2021 बरेली जनपद के हाफिजगंज थानाक्षेत्र के लभेड़ा निवासी आसिफ खां व मुल्लापुर दोरिया निवासी सलीम खां को गिरफ्तार किया गया। जबकि साढ़े छह लाख रुपये पीड़ित के खाते में ट्रांसफर करा दिए थे। छह मार्च 2022 को अमरोहा जनपद के गजरौला निवासी विनोद कुमार गिरफ्तार किया गया। चौथे आरोपी प्रवेश पाठक ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था। गिरोह का सरगना मोनू त्यागी उर्फ मुकेश निवासी मुस्सेपुर थाना नूरपुर जनपद बिजनौर और इसका सहयोगी नसीम पुलिस की गिरफ्त से दूर थे। वह लगातार जगह बदल बदलकर रह रहे थे। बृहस्पतिवार रात टीम ने गाजियाबाद के नंदाग्राम से गिरोह के सरगना मोनू त्यागी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इसके कब्जे से तीन मोबाइल चार डेबिट कार्ड समेत अन्य सामान बरामद किया है। शुक्रवार दोपहर आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद चल भेज दिया गया।
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