फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Cyber ??criminals break into the accounts of CA and Assistant Professor

साइबर अपराधियों ने सीए और असिस्टेंट प्रोफेसर के खातों से उड़ाई रकम

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 11 Aug 2022 01:27 AM IST
विज्ञापन
Cyber ??criminals break into the accounts of CA and Assistant Professor
साइबर अपराधियों ने सीए और असिस्टेंट प्रोफेसर के खातों में लगाई सेंध
विज्ञापन

मुरादाबाद। साइबर अपराधियों ने सीए और असिस्टेंट प्रोफेसर के खातों से रकम उड़ा ली। सीए के एक खाते से 89 हजार और दूसरे खाते से 19 हजार रुपये जबकि असिस्टेंट प्रोफेसर के खाते से तीस हजार रुपये साइबर अपराधियों ने दूसरे खातों में ट्रांसफर कर लिए। इनके अलावा जिला अबकारी अधिकारी से भी साइबर ठगी की कोशिश की गई।
मझोला के मानसरोवर कालोनी निवासी मयूरी चौधरी सीए हैं। उन्होंने मझोला थाने में केस दर्ज कराया है। उनका एक खाता एचडीएफसी बैंक की सिविल लाइंस मेन ब्रांच में है। जबकि दूसरा खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की बर्तन बाजार शाखा में है। मयूरी का कहना है कि हैकर ने तीस जुलाई को उनके एक खाते से 89 हजार और दूसरे खाते से 1900 रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर कर लिए हैं। मयूरी का कहना है कि मोबाइल पर मैसेज आने के बाद वह तुरंत एचडीएफसी बैंक गईं। वहां एक घंटे तक कर्मचारी उन्हें इधर से उधर घुमाते रहे, लेकिन कोई मदद नहीं की। इसके बाद महिला कर्मचारी ने उनसे कहा कि सोमवार में आए। अब आपका कोई कार्य नहीं हो पाएगा। बैंक से कोई मदद नहीं मिलने पर पीड़ित ने थाने में तहरीर दी।
विज्ञापन

साइबर ठगी की दूसरी घटना रुद्रपुर निवासी मोनिका के साथ हुई है। वह महानगर के एक कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर तैनात हैं और रामगंगा विहार में रहती है। मोनिका ने साइबर सेल में तहरीर दी है। जिसमें उन्होंने बताया कि उन्होंने क्रेडिट कार्ड बैंक से जारी कराया था। कोरियर पहुंचने के दस मिनट बाद ही उनके मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक के क्रेडिट कार्ड डिपार्टमेंट से बताया। उसने कार्ड एक्टिवेट करने के नाम पर मोनिका से उनके खाते और कार्ड की जानकारी ले ली। इसके बाद मोनिका के खाते से तीस हजार रुपये उड़ गए। उन्होंने उस नंबर पर कॉल की तो वह नंबर बंद हो चुका था। जिला आबकारी अधिकारी महेंद्र पाल ने बताया कि उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया। जिसमें बताया गया कि बिजली का बिल जमा नहीं होने पर कनेक्शन कट जाएगा। जिला आबकारी अधिकारी ने उस नंबर पर कॉल की। उसने बताया कि उनका बिल तो पहले ही जमा हो चुका है। तब ठग ने बिल ठीक करने का झांसा देकर दस रुपये ट्रांसफर करने को कहा। साइबर ठग की बातें सुनकर जिला आबकारी अधिकारी अलर्ट हो गए और उन्होंने कोई पैसा ट्रांसफर नहीं किया। वरना वो भी साइबर ठगी के शिकार हो सकते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

-------------------------
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed