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टूटी पटरी से गुजर गई सियालदाह एक्सप्रेस

Sat, 18 Nov 2017 12:05 AM IST
मुरादाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद/अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 18 Nov 2017 12:05 AM IST
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tute track se gujri EXPRESS
ट्रेन - फोटो : amar ujala

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मुरादाबाद-सहारनपुर रेल मार्ग पर शुक्रवार को सियालदाह एक्सप्रेस टूटी पटरी पर दौड़ गई। गनीमत रहा कि कोई हादसा नहीं हुआ। झटका लगाने पर लोको पायलट ने कंट्रोल रूम को सूचना दी। मौके पर पहुंची पीडब्ल्यूवाई की टीम को ट्रैक टूटा मिला। करीब घंटेभर ट्रेनों का संचालन बंद रहा। इस दौरान दो एक्सप्रेस ट्रेनें और एक मालगाड़ी प्रभावित रही।

जम्मू से कोलकाता जा रही सियालदाह एक्सप्रेस शुक्रवार सुबह 8.55 बजे चूड़ियाला-इकबालपुर के बीच से गुजर रही थी। तभी लोको पायलट को तेज झटका लगा। इंजन के साथ डिब्बे ट्रैक आगे निकल गए। रेल फ्रैक्चर की आशंका पर लोको पायलट ने इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी। जहां से पीडब्ल्यूवाई को जानकारी दी गई।
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इसके बाद ट्रेनों का संचालन रोक दिया गया। मरम्मत करने पहुंची टीम को लाइन टूटी मिली। लाइन दुरुस्त करने के बाद 9.40 बजे ट्रेनों को धीमी गति से चलाया गया। इस दौरान दो एक्सप्रेस ट्रेन और एक मालगाड़ी बीच में खड़ी रही।
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सर्दियों में पटरियों का चटकना जारी है। शुक्रवार को रेल मंडल में तीन स्थानों पर रेल फ्रैक्चर हुए। पटरी टूटने की ये तीनों घटनाएं दस मिनट के भीतर हुए। पटरी चटकने की ये घटनाएं नजीबाबाद यार्ड, चूड़ियाला-इकबालपुर और दुगन-मिलक के बीच हुई। इसके चलते जम्मू तर्वी कानपुर एक्सप्रेस सहित तीन ट्रेनें और पांच मालगाड़ियां प्रभावित रहीं।

शुक्रवार सुबह 8.45 बजे नजीबाबाद यार्ड में लाइन नंबर पांच चटक गई। पेट्रोलिंग के दौरान जानकारी होने पर की मैन ने कंट्रोल रूम को सूचना दी। करीब घंटेभर में पीडब्ल्यूवाई की टीम ने ट्रैक की मरम्मत कर दी। रेल फ्रैक्चर की दूसरी और तीसरी घटना 8.55 बजे हुई। चूड़ियाला इकबालपुर और दुगन-मिलक के बीच पटरी टूट गई।

दोनों रूट पर घंटेभर से अधिक रेल संचालन प्रभावित रहा। इस दौरान जम्मू तर्वी कानपुर सुपर फास्ट सहित तीन ट्रेनें बीच में खड़ी रही। वहीं पांच मालगाड़ियाें का संचालन भी प्रभावित रहा।


आने वाले दो दिन रेल यात्रियों के लिए मुश्किलों भरा होगा। लखनऊ-सहारनपुर रेल मार्ग पर दो दिन ब्लाक रहेगा। लखनऊ-मुरादाबाद और मुरादाबाद-सहारनपुर सेक्शन में लाइन मरम्मत का काम चलेगा। इसके चलते रेल मंडल से गुजरने वाली बाइस ट्रेनें प्रभावित रहेंगी। पांच ट्रेनें आंशिक रूप से रद्द रहेंगी।

वहीं सोलह ट्रेेनों को बीच में रोक रोककर चलाया जाएगा। जबकि गुरुमुखी सुपर फास्ट बदले मार्ग से चलेगी। करीब पंद्रह दिनों से कोहरे की मार झेल रहे यात्रियों को अब ब्लाक की दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। शनिवार और रविवार को दो दिन लखनऊ-सहारनपुर के बीच लाइन मरम्मत का काम चलेगा। ये काम अलग-अलग सेक्शन में चलेगा।

इसके लिए ब्लाक लिया जाएगा। इस दौरान ट्रेनों का संचालन बंद रहेगा। इसका असर रेल मंडल से गुजरने वाली बाइस ट्रेनों के संचालन पर पड़ेगा। शनिवार को गुरुमुखी सुपर फास्ट को सहारनपुर, मेरठ और हापुड़ के रास्ते चलाया जाएगा। पांच ट्रेनें आंशिक रूप से रद्द रहेगी। सोलह ट्रेनें रोक रोककर चलाई जाएगी। वहीं शुक्रवार को भी कुछ ट्रेनें प्रभावित रही।

18 नवंबर को प्रभावित होने वाली ट्रेनें
- गुरुमुखी सुपर फास्ट (12326) : बदले मार्ग सहारनपुर, मेरठ, हापुड़ के रास्ते चलेगी
- जनसेवा एक्सप्रेस (15210) : 90 मिनट

- त्रिवेणी एक्सप्रेस (24370) :
- त्रिवेणी एक्सप्रेस (24370) : 175 मिनट
- वाराणसी-बरेली एक्सप्रेस (14235)

- जननायक एक्सप्रेस (15211) : 140 मिनट
- सियालदाह एक्सप्रेस (13151) : 50 मिनट
- श्रीगंगानगर हरिद्वार एक्सप्रेस (14712/11) : सहारनुपर-हरिद्वार के बीच रद्द रहेगी

- हरिद्वार-अमृतसर जनशताब्दी एक्सप्रेस (12054/53) : सहारनपुर-हरिद्वार के बीच रद्द रहेगी
- योगा एक्सप्रेस (19032) : मेरठ-हरिद्वार के बीच रद्द रहेगी
- देहरादून सहारनपुर पैसेंजर (54342/41) : लक्सर-सहारनपुर के बीच रद्द रहेगी

- कुंभ एक्सप्रेस (12369) : 60 मिनट
- लखनऊ सहारनपुर पैसेंजर (54251) : 30 मिनट

19 नवंबर को प्रभावित होने वाली ट्रेनें
- प्रयाग बरेली पैसेंजर (54377) : 100 मिनट
- वाराणसी बरेली एक्सप्रेस (14236) :  लखनऊ बरेली के बीच रद्द रहेगी

- देहरादून बांद्रा एक्सप्रेस (19020) : 65 मिनट
- हावड़ा अमृतसर जनशताब्दी एक्सप्रेस (12053) : 45 मिनट

तेरह दिनों में 19 ट्रेनें रदद, 215 ट्रेनें लेट
- कोहरे और ब्लाक से ट्रेनों का संचालन प्रभावित

कोहरे और ब्लाक से रेल यात्रियों में हाहाकार मचा हुआ है। पिछले तेरह दिनों में 19 ट्रेनें रद्द हो चुकी है। इसमें एक्सप्रेस और सवारी गाड़ियों शामिल है। वहीं 215 ट्रेनें देरी से चली। जबकि अभी दिसंबर और जनवरी का महीना बाकी है। ऐसे में आने वाले दिनों में यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ सकती है।

सितंबर से लाइन मरम्मत का काम चल रहा है। वहीं नवंबर की शुरुआत में कोहरे का असर शुरू हो गया। पहले से ही ब्लाक के चलते देरी से चल रही ट्रेनों की रफ्तार पर कोहरे ने लगाम लगा दी। चार नवंबर से ट्रेनों के रद्द होने का सिलसिला शुरू हो गया। जबकि ट्रेनों के देरी से सिलसिला अभी जारी है।

चार नवंबर से सत्रह नवंबर के बीच 19 ट्रेनें रद्द की जा चुकी हैं। दूसरी ओर कोहरे और ब्लाक से 215 से अधिक ट्रेनें देरी से पहुंची। इस दौरान ट्रेनें बीस से चौबीस घंटे तक की देरी से चली। सुबह की ट्रेन शाम को आई।

पुर रेल मार्ग पर शुक्रवार को सियालदाह एक्सप्रेस टूटी पटरी पर दौड़ गई। गनीमत रहा कि कोई हादसा नहीं हुआ। झटका लगाने पर लोको पायलट ने कंट्रोल रूम को सूचना दी। मौके पर पहुंची पीडब्ल्यूवाई की टीम को ट्रैक टूटा मिला। करीब घंटेभर ट्रेनों का संचालन बंद रहा। इस दौरान दो एक्सप्रेस ट्रेनें और एक मालगाड़ी प्रभावित रही।

जम्मू से कोलकाता जा रही सियालदाह एक्सप्रेस शुक्रवार सुबह 8.55 बजे चूड़ियाला-इकबालपुर के बीच से गुजर रही थी। तभी लोको पायलट को तेज झटका लगा। इंजन के साथ डिब्बे ट्रैक आगे निकल गए। रेल फ्रैक्चर की आशंका पर लोको पायलट ने इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी। जहां से पीडब्ल्यूवाई को जानकारी दी गई।

इसके बाद ट्रेनों का संचालन रोक दिया गया। मरम्मत करने पहुंची टीम को लाइन टूटी मिली। लाइन दुरुस्त करने के बाद 9.40 बजे ट्रेनों को धीमी गति से चलाया गया। इस दौरान दो एक्सप्रेस ट्रेन और एक मालगाड़ी बीच में खड़ी रही।

रेल मंडल की नान इंटरलाकिंग गेटों की रेल संरक्षा परखी जाएगी। रेल मंडल के 180 फाटकों का निरीक्षण किया जाएगा। इसके लिए हर ब्रांच अधिकारी को जिम्मेदारी सौंप गई है। पंद्रह दिनों में इन अधिकारियों को अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। यहां कोहरे में संरक्षा की सुविधाओं का जांच की जाएगी।

मुरादाबाद रेल मंडल में 180 रेल फाटक ऐसे हैं, जहां इंटरलाकिंग नहीं की गई है। यहां गेट से पहले सिग्नल नहीं लगे हैं। कोहरे के बीच ट्रेनों के सुरक्षित संचालन के लिए इन गेटों का निरीक्षण किया जाएगा। इन गेटों की स्थिति, चिह्न, संरक्षा के मानकों के इंतजाम, गेटमैनों की जानकारी परखी जाएगी।

हर ब्रांच अधिकारियों को चार से दस गेटों के निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। डीआरएम अजय कुमार सिंघल ने बताया कि पंद्रह दिनों के भीतर हर ब्रांच अधिकारी को अपनी रिपोर्ट देनी है।

ऐसा नहीं है कि पहली बार दिल्ली की फिजा में जहर घुला है। पिछले साल भी नवंबर में दिल्ली में धुंध छाई थी। जिसर यूपी सरकार ने मुरादाबाद सहित 38 जिलों में एनसीआर के पुराने वाहनों पर पाबंदी लगा दी थी। इस संबंध में एनजीटी ने भी पत्र जारी किया था। लेकिन पाबंदी के बाद भी सड़कों पर पुराने वाहन दौड़ते रहे। आदेश पर कोई अमल नहीं हुआ।

जबकि मुरादाबाद में गैरराज्यों के करीब दस हजार वाहन इस जद में आ रहे थे।
इस साल की तरह पिछले साल में भी दिल्ली में जबरदस्त धुंध छा गई थी। लोगों का सांस लेना दूभर हो गया था। जिसे लेकर हाय तौबा मची रही। एनजीटी ने जमकर फटकार लगाई।

वहीं यूपी में शासन ने सख्ती दिखाते हुए एनसीआर के डीजल के दस साल और पेट्रोल के पंद्रह साल पुराने वाहनों के मुरादाबाद सहित 38 जिलों में चलने पर पाबंदी लगा दी थी। शासन के इस फरमान से एनसीआर से लाकर जिले की सड़कों पर दौड़ाने वाले पुरानेे वाहनों के स्वामियों में हड़कंप मच गया है।

शासन के इस फरमान से जिले की करीब दस हजार गाड़ियों पर संकट आ गया था। ये सभी वाहन दूसरे राज्यों के थे। इनमें सबसे अधिक दिल्ली और हरियाणा की गाड़ियां थी। इसके अलावा मुरादाबाद में उत्तराखंड, महाराष्ट्र, तमिलनाडू की भी गाड़ियां थी। लेकिन शासन के फरमान पर कोई अमल नहीं हुआ।

ये गाड़ियां सड़कों पर दौड़ती रही और वायु प्रदूषण फैलाती रही। आरटीओ जय शंकर तिवारी ने बताया कि फिटनेस में हर गाड़ी का पाल्यूशन सर्टिफिकेट देखा जाता है। बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र के फिटनेस जारी नहीं किया जाता है।

 वाल्मीकि समाज के सफाई कर्मचारियों की एक बैठक शुक्रवार को दौलत बाग में हुई, जिसमें सफाई कर्मचारियों की समस्याओं का रखा गया है। कहा गया कि नगर निगम में ठेके पर सफाई कर्मचारियों को रखने की प्रथा को खत्म किया जाएगा। जो वाल्मीकि समाज के सफाई कर्मियाें की बात करेगा उसका समर्थन किया जाएगा।

अगर समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले लोकसभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा। इस दौरान रोहित चंदेल, अजय लश्करी, विनोद, सोनू, राहुल, राकेश, नरेश कुमार, सुरेश, दिनेश, राजेंद्र, बबलू, संजय, सचिन आदि मौजूद रहे7

स्मार्ट सिटी के आखिरी दौर के लिए तैयार प्रपोजल में बदलाव किया गया है। इस बार मल्टी स्टोरी पार्किंग को प्रपोजल से बाहर कर दिया गया है। नए प्रपोजल में सड़क किनारे पार्किंग स्टैंड बनाने का प्रस्ताव है। जो शहर की चार से पांच सड़कों के किनारे बनाया जाएगा। लखनऊ में आज (शनिवार) आरसीबीएस संस्था प्रपोजल की समीक्षा करेगी।

23 जून को चैलेंजिंग राउंड थ्री मेें देश के तीस शहरों को स्मार्ट सिटी के लिए चुना गया। दो राउंड के बाद तीसरे राउंड में भी अपना शहर बाहर हो गया। इस बार मुरादाबाद स्मार्ट सिटी बनते-बनते रह गया। वह भी सिर्फ एक पायदान से। चैलेंजिंग राउंड थ्री के असफल शहरों की सूची में मुरादाबाद पहले पायदान पर रहा।

जबकि स्मार्ट सिटी के लिए चुने गए तीस शहरों में सिक्किम की राजधानी गंटोक आखिरी नंबर पर था। अगर अपना शहर गंटोक से नहीं पिछड़ता तो स्मार्ट सिटी में शामिल हो जाता। आखिरी दौर में 18 शहरों के बीच मुकाबला है। चौथे चरण के लिए स्मार्ट का प्रपोजल बना लिया गया है। शनिवार को इस प्रपोजल की लखनऊ में समीक्षा की जाएगी।

स्मार्ट सिटी प्रभारी टीएन मिश्रा ने बताया कि इस बार स्मार्ट सिटी के प्रपोजल में बदलाव किया गया है। मल्टी स्टोरी पार्किंग को इस प्रपोजल में नहीं रखा गया है। उसकी जगह सड़क के किनारे पार्किंग स्टैंड बनाया जाएगा।

तीसरे चरण में प्रपोजल में ये थी योजना
- मल्टी स्टोरी पार्किंग, साइकिल ट्रैक, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, एरिया बेस्ड डेवलपमेंट में वाईफाई, चौबीस घंटे बिजली, ई-पाठशाला, ई-हास्पिटल, सोलर रूफटाप, सोलर हाईमास्क, हैंडीक्राफ्ट की योजना बनाई है।

राज्य सरकार के सामने पेश होगा प्रपोजल
मुरादाबाद। शनिवार को लखनऊ में प्रपोजल की समीक्षा की जाएगी। अगर कुछ कमी मिली तो उसे दूर किया जाएगा। इसके बाद 24 या 25 नवंबर को इस प्रपोजल को राज्य सरकार के सामने पेश किया जाएगा। यहां से हरी झंडी मिलने के बाद तीस नवंबर को प्रपोजल दिल्ली भेज दिया जाएगा।

बढ़ती ठंड बच्चों और बुजुर्गों का सताने लगी है। दिन और रात के तापमान में बढ़ती नजदीकियों के बीच बच्चे हांफने लगे हैं तो बुुजुर्गों का दम फूलने लगा है। नौनिहालों में एलर्जिक ब्रोंकाइटिस की शिकायत बढ़ने लगी है। जबकि सांस और दमा के मरीज मुश्किल में आ गए हैं। वहीं मौसम के बदलते तेवर ने हार्ट और बीपी के मरीजों संख्या बढ़ा दी है।

डाक्टरों के मुताबिक बदलता मौसम मरीज की सेहत के लिए ठीक नहीं है। बच्चों को सुबह शाम ठंड से बचाएं। वहीं दमा के रोगी अपने रूटीन में बदलाव लाए। पिछले हफ्ते की तुलना में सुबह शाम ठंड में इजाफा हुआ है। अधिकतम तापमान 27 और 28 डिग्री सेंटीग्रेड है। जबकि न्यूनतम तापमान 12 और 13 डिग्री मांपा जा रहा है। दिन में मौसम गर्म सा रहता है। वहीं रात में एकदम से ठंड हो जाता है।

 बाल रोग विशेषज्ञ डा. शलभ अग्रवाल बताते हैं कि इस मौसम में बच्चे एलर्जिक ब्रोंकाइटिस के शिकार हो रहे हैं। इसकी शुरुआत नोज इंफेक्शन से होती है। बच्चों में जुकाम के साथ बुखार की शिकायत होती है। संक्रामक बढ़ने पर बच्चाें को सांस लेने में दिक्कत होने लगती है और उनकी पसलियां चलने लगती है। बच्चे निमोनिया की जद में आ जाते हैं।जो मासूमों की सेहत के लिए खतरनाक है।

 फिजीशियन डा. मोहम्मद असद का कहना है कि मौसम बदल रहा है, लेकिन दमा रोगी अभी भी अपने पुराने रुटीन पर कायम है। सांस और दमा के मरीज बदलते मौसम में ढल नहीं पा रहे हैं। यही उनकी परेशानी का कारण बन रहा है। ऐसे मरीजों को सांस लेने  में परेशानी हो रही है। ऐसेेेे में जरूरी है कि मौसम के हिसाब से अपने को ढाल लें।


ब्रोंकाइटिस के लक्षण
- खांसी आना
- पसली चलना

- सांस लेने में दिक्कत
- बुखार आना

डॉक्टर की सलाह
- बच्चों को बाहर न ले जाएं

- मां का दूध पिलाएं
- बच्चों को सर्द-गर्म से बचाएं
- सेहत का खास ख्याल रखें

ये बीमारियां भी संभव
: मौसमी बुखार होना
: सांस फूलना

: सर्दी जुकाम होना
: दस्त होना

सलाह
: ठंडक से बचें
: अचानक सर्द-गर्म से बचें

: मार्निंग वाक पर गर्म कपड़े पहनकर जाएं।
: सुबह ठंडे पानी से न नहाएं


27 नवंबर को मुरादाबाद आएंगे धर्मेंद्र यादव
 निकाय चुनाव में 27 नवंबर को सपा के स्टार प्रचारक सांसद धर्मेंद्र यादव मुरादाबाद आएंगे। इस संबंध में प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने कार्यक्रम जारी किया है। धर्मेंद्र यादव 21 नवंबर और 24 नवंबर को इलाहाबाद में रहेंगे। जबकि 26 नवंबर को बरेली में प्रचार प्रसार करेंगे।
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