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दो बहनों के अपहरण व बलात्कार में दोषियों को सजा
मुरादाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 19 Nov 2017 12:56 AM IST
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न्यायालय
- फोटो : file photo
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चंदौसी के आठ साल पुराने दो सगी बहनों के अपहरण व बलात्कार के चर्चित मामले में एफटीसी प्रथम सत्य प्रकाश द्विवेदी ने तीन मुलजिमों को दोषी करार दिया है। मुलजिम विजय पाल को बीस साल की कैद की सजा और एक लाख पचास हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अर्थदंड की धनराशि जमा न करने पर पांच वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
जबकि मुलजिम विकास उर्फ विक्की व मुकेश को दस-दस साल की कैद की सजा सुनाई है। दोनों को 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अभियोजन पक्ष से एडीजीसी रेशमा बेगम ने पक्ष रखा। अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद तीनों दोषियों को कड़ी सुरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
कालेज जाते समय अगवा की गई थी नौवीं व बारहवीं की छात्राएं
मुरादाबाद। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रेशमा बेगम ने बताया कि संभल जनपद के चंदौसी निवासी चौकीदार ने चंदौसी थाने में विजय पाल निवासी सिकरीगेट और अरुण निवासी प्रगति विहार के खिलाफ केस दर्ज कराया था।
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उसने पुलिस को बताया था कि उसे शक है कि अरुण और विजय पाल ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसकी दो बेटियों को कालेज जाते समय अगवा लिया है। चौकीदार ने बताया था कि 25 जनवरी उसकी नौवीं और बारहवीं कक्षा में पढ़ने वाली बेटियां कालेज गई थी। इसके बाद से वापस नहीं लौटी हैं। पुलिस ने दोनों छात्राएं बरामद कर ली थीं।
इसके बाद पुलिस ने जांच की तो घटना में विकास उर्फ विक्की निवासी उजेड़ा थाना निबाड़ी जनपद गाजियाबाद और मूकेश निवासी प्रगति विहार की भूमिका भी सामने आई थी। पुलिस ने विजय पाल, मुकेश और विक्की उर्फ विकास को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जबकि चारों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई थी। इस केस की सुनवाई एफटीसी प्रथम सत्य प्रकाश द्विवेदी की अदालत में चली।
दूसरी अदालत में भेज दी चौथे मुलजिम की फाइल
मुरादाबाद। दो सगी बहनों के अपहरण व बलात्कार के मामले में चार मुलजिम शामिल थे। चौथे आरोपी मुकेश की गिरफ्तारी नहीं होने के कारण उसकी फाइल दूसरी अदालत में भेज दी गई थी। जबकि बाकी तीनों की फाइल एक ही अदालत में चली।
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जबकि मुलजिम विकास उर्फ विक्की व मुकेश को दस-दस साल की कैद की सजा सुनाई है। दोनों को 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अभियोजन पक्ष से एडीजीसी रेशमा बेगम ने पक्ष रखा। अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद तीनों दोषियों को कड़ी सुरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
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कालेज जाते समय अगवा की गई थी नौवीं व बारहवीं की छात्राएं
मुरादाबाद। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रेशमा बेगम ने बताया कि संभल जनपद के चंदौसी निवासी चौकीदार ने चंदौसी थाने में विजय पाल निवासी सिकरीगेट और अरुण निवासी प्रगति विहार के खिलाफ केस दर्ज कराया था।
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उसने पुलिस को बताया था कि उसे शक है कि अरुण और विजय पाल ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसकी दो बेटियों को कालेज जाते समय अगवा लिया है। चौकीदार ने बताया था कि 25 जनवरी उसकी नौवीं और बारहवीं कक्षा में पढ़ने वाली बेटियां कालेज गई थी। इसके बाद से वापस नहीं लौटी हैं। पुलिस ने दोनों छात्राएं बरामद कर ली थीं।
इसके बाद पुलिस ने जांच की तो घटना में विकास उर्फ विक्की निवासी उजेड़ा थाना निबाड़ी जनपद गाजियाबाद और मूकेश निवासी प्रगति विहार की भूमिका भी सामने आई थी। पुलिस ने विजय पाल, मुकेश और विक्की उर्फ विकास को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जबकि चारों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई थी। इस केस की सुनवाई एफटीसी प्रथम सत्य प्रकाश द्विवेदी की अदालत में चली।
दूसरी अदालत में भेज दी चौथे मुलजिम की फाइल
मुरादाबाद। दो सगी बहनों के अपहरण व बलात्कार के मामले में चार मुलजिम शामिल थे। चौथे आरोपी मुकेश की गिरफ्तारी नहीं होने के कारण उसकी फाइल दूसरी अदालत में भेज दी गई थी। जबकि बाकी तीनों की फाइल एक ही अदालत में चली।