{"_id":"8d7c2cb9c05610bb639ec8845e8e1cbc","slug":"fake-ig-caught-on-railway-station-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुद को आईजी बताने वाला वकील गिरफ्तार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
खुद को आईजी बताने वाला वकील गिरफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला मुरादाबाद
Updated Mon, 08 Feb 2016 02:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में खुद को आईजी ट्रेनिंग उत्तराखंड डा. पीवी प्रसाद बताकर होटलों में मुफ्त में ठहरने और फ्री में ट्रेन सफर वाला शख्स रविवार की रात रेलवे स्टेशन पर जीआरपी के हत्थे चढ़ गया। जीआरपी ने उससे पूछताछ की तो उसने सच्चाई उगलते हुए खुद को मुजफ्फरनगर का वकील राजीव शर्मा बताया।
पुलिस ने उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। देर रात रेलवे स्टेशन पर पहुंचे एसपी रेल वैभव कृष्ण ने भी पकड़े गए आरोपी से पूछताछ की। रविवार को एक शख्स ने जीआरपी इंस्पेक्टर को कॉल कर खुद को आईजी ट्रेनिंग उत्तराखंड डा. पीपी प्रसाद बताया। नाम सुनते ही इंस्पेक्टर ने ‘जय हिंद’ ठोकी और आदेश पूछा।
कॉल करने वाले ने बताया कि वह बुधबाजार के राजन होटल में ठहरे हुए हैं। उन्हें नौचंदी एक्सप्रेस से लखनऊ जाना है। आरोपी ने यह भी हिदायत दी कि गाड़ी आने से पहले दो साथियों को होटल भेज देना तो उसका सामान उठाकर स्टेशन ले जाएं। जैसे ही फर्जी आईजी स्टेशन पहुंचा जीआरपी वाले उसकी खातिर में जुट गए।
विज्ञापन
लेकिन इसी बीच इंस्पेक्टर को शक हो गया। उन्होंने उत्तराखंड में मौजूद अपने बैच के साथियों से संपर्क किया। तब पता चला कि डा. पीवी प्रसाद तो देहरादून में मौजूद हैं। इसके बाद जीआरपी ने आरोपी को हिरासत में ले लिया।
विज्ञापन
पुलिस ने उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। देर रात रेलवे स्टेशन पर पहुंचे एसपी रेल वैभव कृष्ण ने भी पकड़े गए आरोपी से पूछताछ की। रविवार को एक शख्स ने जीआरपी इंस्पेक्टर को कॉल कर खुद को आईजी ट्रेनिंग उत्तराखंड डा. पीपी प्रसाद बताया। नाम सुनते ही इंस्पेक्टर ने ‘जय हिंद’ ठोकी और आदेश पूछा।
विज्ञापन
कॉल करने वाले ने बताया कि वह बुधबाजार के राजन होटल में ठहरे हुए हैं। उन्हें नौचंदी एक्सप्रेस से लखनऊ जाना है। आरोपी ने यह भी हिदायत दी कि गाड़ी आने से पहले दो साथियों को होटल भेज देना तो उसका सामान उठाकर स्टेशन ले जाएं। जैसे ही फर्जी आईजी स्टेशन पहुंचा जीआरपी वाले उसकी खातिर में जुट गए।
विज्ञापन
लेकिन इसी बीच इंस्पेक्टर को शक हो गया। उन्होंने उत्तराखंड में मौजूद अपने बैच के साथियों से संपर्क किया। तब पता चला कि डा. पीवी प्रसाद तो देहरादून में मौजूद हैं। इसके बाद जीआरपी ने आरोपी को हिरासत में ले लिया।