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सीसीटीवी में कैद लुटेरे खोलेंगे 95 लाख की लूट का राज

Wed, 21 Jun 2017 02:07 AM IST
Updated Wed, 21 Jun 2017 02:07 AM IST
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सीसीटीवी में कैद लुटेरे खोलेंगे 95 लाख की लूट का राज

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एफआईआर दर्ज लेकिन जांच के डर से नहीं खोली गई रकम
एसटीएफ और एसओजी टीम का सदस्य बताकर लूटे थे रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। वाराणसी के कारोबारी के कर्मचारी को रेलवे स्टेशन से अगवा कर नोटों से भरा बैग लूटे जाने के मामले में घटना के बाद चुप्पी साधे बैठी पुलिस ने आखिरकार मंगलवार को एफआईआर दर्ज कर ली है। एफआईआर में लूटी गई नगदी कुछ रुपयों की बताई गई है, जबकि सूत्रों का दावा है कि रकम 95 लाख रुपये है। वारदात में चार लोगों के शामिल होने के प्रमाण मिले हैं, जिनमें से खुद को एसटीएफ और एसओजी टीम का सदस्य होने का दावा करने वाले दो लुटेरों की तस्वीर सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। सिविल लाइन और क्राइम ब्रांच की टीम आरोपियों की तलाश कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, वाराणसी के लक्शा थानाक्षेत्र स्थित गोदावलिया गांव निवासी अश्वनी कुमार खेसरिया बर्तन व्यापारी हैं। अश्वनी कुमार खुद को बर्तन व्यापारी बताते हैं। उन्होंने शिकायत की है कि रविवार को उनका कर्मचारी मुकेश कपूर निवासी रामापुरम (वाराणसी) उनसे रुपये लेकर गरीब रथ एक्सप्रेस ट्रेन से वाराणसी से सफर कर सोमवार सुबह सवा सात बजे मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पहुंचा। मुकेश को यह रकम सदर कोतवाली एरिया स्थित सरायकाजी मोहल्ले में रहने वाले केदार नाथ यादव को देनी थी। केदार नाथ यादव का बेटा हिमांशु सोमवार सुबह मुकेश से रकम लेने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंचा था। रेलवे स्टेशन पर मुकेश और हिमांशु की मुलाकात हुई। वहां से हिमांशु ने मुकेश को रुपये से भरा बैग लेकर स्टेशन परिसर से बाहर आने के लिए कहा। स्टेशन से बाहर निकलते ही दो युवकों ने मुकेश को रोक लिया।
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दोनों युवकों ने मुकेश को बताया कि वह एसटीएफ और एसओजी टीम में तैनात पुलिसकर्मी हैं। मुकेश को जबरन मैजिक गाड़ी में बैठा लिया और अपने साथ ले गए। मैजिक में चालक परिचालक सवार थे। इसके बाद रास्ते में आरोपियों ने मुकेश को मैजिक से उतारकर ई-रिक्शा में बैठा लिया और रानी प्रीतम स्कूल (निकट एसएसपी आवास) के पास ले गए। वहां पर मारपीट कर मुकेश को रिक्शे से नीचे उतार दिया और नगदी से भरा बैग लूट लिया। आरोपियों ने मोबाइल के सिमकार्ड भी निकाल लिए और मुकेश को वहां से वापस भेज दिया। खुद चंद्रनगर की तरफ चले गए। मुकेश की सूचना पर कारोबारी अश्वनी को मामले की जानकारी हुई। उन्होंने सिविल लाइन थाने में शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। एसएचओ सिविल लाइन रवींद्र प्रताप सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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कोट
‘कारोबारी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज करवा दी गई है। खुद को एसटीएफ और एसओजी टीम में तैनात पुलिसकर्मी बताने वाले आरोपियों की तस्वीर सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई है। मामले की जांच की जा रही है, जल्द ही आरोपियाें को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा कर दिया जाएगा। पुलिस टीम को आरोपियों के बारे में अहम जानकारियां हाथ लगी हैं।’
- मनोज तिवारी, एसएसपी

लूटी गई नगदी का ब्यौरा देने में कारोबारी के कर्मचारी फेल
बदमाशों ने मुकेश कुमार से जो रुपयों से भरा बैग छीना है, उसमें रखी कुल नगदी की जानकारी देने में ही कर्मचारी और उनके साथी फेल हो गए। सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे कारोबारी के कर्मचारी के साथ भाजपा नेता दिनेश ठाकुर भी मौजूद थे। उन लोगों ने बताया कि उन्हें भी नहीं पता कि बैग में कुल कितनी नगदी रखी थी। पुलिस भी इस संबंध में जानकारी न होने की बात कह रही है। एसएचओ सिविल लाइन रवींद्र प्रताप सिंह का कहना है कि कारोबारी ने थाने तहरीर भिजवाई थी। अधिकारियों के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जल्द ही रकम का खुलासा किया जाएगा।

भाजपा नेताओं के जरिए मामले को मैनेज करने की कोशिश
नियम के मुताबिक, कोई भी व्यक्ति तीन लाख रुपये से ज्यादा की नगदी कैश लेकर नहीं चल सकता है। इससे ज्यादा की नगदी के साथ चलने पर उसे पकडे़ जाने पर रकम का ब्यौरा देना होगा। सूत्रों का दावा है कि रकम का ब्यौरा न बता पाने की स्थिति में होने के कारण मुकेश ने बदमाशों को पुलिस वाला समझकर उन्हें भी मामले को सेटल करने का ऑफर दिया। लेकिन बदमाशों ने पूरी रकम लूट ली। आयकर विभाग की जांच से बचने के लिए रकम का खुलासा करने के बजाय भाजपा नेताओं के जरिए मामले को मैनेज करने की कोशिश की जा रही है। इस वजह से रकम का खुलासा एफआईआर में नहीं किया गया है, न ही एफआईआर दर्ज कराने के लिए थाने पहुंचे कारोबारी के कर्मचारी ही जानकारी दे सके।

बदमाशों ने मोबाइल में दिखाई थी पुलिस की वर्दी में खींची गई फोटो
वारदात करने वाले बदमाशों ने खुद को पुलिसकर्मी होने का दावा किया तो उसका विश्वास दिलाने के लिए मुकेश को पुलिस की वर्दी में खींची गई अपनी फोटो भी मोबाइल में दिखाई गई। जिसे देख मुकेश ने बदमाशों को पुलिसकर्मी माना।

जनपद की सबसे बड़ी लूट है ये वारदात
जनपद में अब तक 30 लाख रुपये की लूट की वारदात की गई है। ऐसे में सूत्रों का के दावे के मुताबिक, लूटी गई 95 लाख की नगदी जनपद की सबसे बड़ी कैश लूट की वारदात है।

हवाला कारोबार से संबंधित कैश होने का अंदेशा
पुलिस महकमे के सूत्रों का दावा है कि लूटी गई नगदी हवाला कारोबार से संबंधित है। इस रकम को एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचाने की एवज में मोटी रकम दी जाती है। आपराधिक वारदात के डर से रकम ले जाने वाला व्यक्ति ट्रेन में सफर करता है। अक्सर रुपयों का लेनदेन रेलवे स्टेशन पर किया जाता है। इसकी जानकारी रेलवे के कुछ अफसरों को भी होती है लेकिन सांठगांठ होने के कारण वह इसका खुलासा नहीं करते हैं। वेस्ट यूपी में मुरादबाद और पूर्वी यूपी में वाराणसी को हवाला कारोबार के लिए प्रमुख स्टेशनों में गिना जाता है। हालांकि कारोबारी के कर्मचारियों ने दावा किया है कि रकम व्हाइट मनी है और वह 95 लाख रुपये से कम है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।

केदारनाथ को जानते थे लुटेरे, साजिश में करीबी का हाथ
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, मुकेश से आरोपियों ने रकम के बारे में जानकारी नहीं की। न ही किसी जगह नगदी से भरा बैग चेक किया। उन्होंने ई-रिक्शा से मुकेश को उतारते हुए उससे कहा कि वह मामले को केदारनाथ सेठ से मिलकर समझ लेंगे। केदारनाथ का नाम बदमाशों द्वारा लिए जाने से अंदेशा है कि उन्हें पूरे मामले की जानकारी थी और साजिश में कारोबारी के किसी करीबी का हाथ है। पुलिस की टीम ने बताया कि केदारनाथ के बेटे हिमांशु के सामने ही मुकेश को मैजिक गाड़ी में अगवा कर सिविल लाइन लाया गया लेकिन उसने इसकी जानकारी किसी को नहीं दी।

वारदात के बाद बरेली चला गया था मुकेश
लूट की वारदात के बाद मुकेश रेलवे स्टेशन पहुंचा और वहां से बरेली पहुंच गया। वारदात के बाद मुकेश द्वारा घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने के बजाय सीधे बरेली जाना भी संदेह के घेरे में है। बहरहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।


सीमा विवाद में उलझी रही पुलिस
वारदात की शुरुआत रेलवे स्टेशन परिसर से हुई, जिस वजह से सिविल पुलिस इसे जीआरपी का मामला बताती रही तो दूसरी तरफ जीआरपी पुलिस का दावा रहा कि वारदात को स्टेशन परिसर से बाहर अंजाम दिया गया है। इस वजह से सिविल पुलिस ही रिपोर्ट दर्ज करे। मंगलवार को एसएसपी के निर्देश पर सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई।

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