{"_id":"5c607e75bdec22089f03ba37","slug":"21549827701-moradabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रदेश की गौशालाएं बनेंगी ओपन जेल","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
प्रदेश की गौशालाएं बनेंगी ओपन जेल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद।
प्रदेश की गौशालाओं को ओपन जेल बनाए जाने की तैयारी है। इसकी जानकारी शनिवार को जिला जेल का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे एडीजी कारागार चंद्रप्रकाश ने कही। उन्होंने बताया कि जल्द ही इसका प्रपोजल तैयार कर शासन को भेजा जाएगा, जिससे की गौशाला में रह रही गायों की सेवा भी हो सकेगी।
एडीजी कारागार शनिवार को दोपहर करीब पौने एक बजे जिला जेल पहुंचे। करीब एक घंटे तक उन्होंने जिला जेल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बंदियों को खाने के लिए परोसी गई दाल उसकी गुणवत्ता चेक करने के लिए चखी, जिससे वह संतुष्ट नजर आए। कारागार में बंदियों से पूछा कि ऐसा खाना आज ही मिला है, या फिर हमेशा मिलता है तो बंदियों ने बताया कि खाने की गुणवत्ता जेल में अच्छी है। एडीजी ने बताया कि जिला जेल में बंदियों की संख्या अधिक है। इसलिए सजा पा चुके बंदियों को बरेली जेल में भेजा जाएगा और जेल में दो नई बैरक बनवाई जाएंगी। इसके अलावा उन्होंने बताया कि प्रदेश में सरकार की ओर से गौशालाएं बनवाई जा रही हैं। इन गौशालाओं को ओपन जेल बनाए जाने का प्रयास किया जाएगा। जिससे की गायों की सेवा हो सके और वहां पर गायों की देखभाल करने के लिए ऐसे कैदियों को भेजा जाएगा जो अपनी कुल सजा का तीन चौथाई हिस्सा जेल में काट चुके हैं। इसके बदले में उनको मेहनताना भी मिलेगा, जिससे की वह सजा पूरी होने के बाद अपना जीवन नए सिरे से शुरू कर सकें। इस संबंध में प्रपोजल तैयार कर जल्द ही शासन को भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि मुरादाबाद की जिला जेल में जो अल्पव्यस्क बंदी निरक्षर हैं, उनको साक्षर बनाया जाएगा।
सीसीटीवी: प्रदेश की जेलाें की निगरानी अब मुख्यालय से होगी
मुरादाबाद। प्रदेश की सभी जेलों की निगरानी अब लखनऊ स्थित मुख्यालय से सीसीटीवी कैमरों के जरिए की जाएगी। इसके लिए सभी जेलों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के साथ ही उनकी कनेक्टिविटी मुख्यालय से करने का काम शुरू कर दिया गया है। एडीजी कारागार चंद्रप्रकाश ने बताया कि मार्च माह तक ये काम पूरा हो जाएगा, इसके बाद प्रदेश की सभी जेलों की निगरानी एक साथ करने में मदद मिलेगी, जेलों में मोबाइल का इस्तेमाल न हो सके, इसके लिए ऐसे जैमर लगवाए जाएंगे जो कि 4जी फोन को भी बंद कर सकें। अब तक जेलों में जो जैमर लगवाए गए हैं, वह 3जी वाले मोबाइलों को रोकने में सक्षम हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रदेश की गौशालाओं को ओपन जेल बनाए जाने की तैयारी है। इसकी जानकारी शनिवार को जिला जेल का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे एडीजी कारागार चंद्रप्रकाश ने कही। उन्होंने बताया कि जल्द ही इसका प्रपोजल तैयार कर शासन को भेजा जाएगा, जिससे की गौशाला में रह रही गायों की सेवा भी हो सकेगी।
एडीजी कारागार शनिवार को दोपहर करीब पौने एक बजे जिला जेल पहुंचे। करीब एक घंटे तक उन्होंने जिला जेल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बंदियों को खाने के लिए परोसी गई दाल उसकी गुणवत्ता चेक करने के लिए चखी, जिससे वह संतुष्ट नजर आए। कारागार में बंदियों से पूछा कि ऐसा खाना आज ही मिला है, या फिर हमेशा मिलता है तो बंदियों ने बताया कि खाने की गुणवत्ता जेल में अच्छी है। एडीजी ने बताया कि जिला जेल में बंदियों की संख्या अधिक है। इसलिए सजा पा चुके बंदियों को बरेली जेल में भेजा जाएगा और जेल में दो नई बैरक बनवाई जाएंगी। इसके अलावा उन्होंने बताया कि प्रदेश में सरकार की ओर से गौशालाएं बनवाई जा रही हैं। इन गौशालाओं को ओपन जेल बनाए जाने का प्रयास किया जाएगा। जिससे की गायों की सेवा हो सके और वहां पर गायों की देखभाल करने के लिए ऐसे कैदियों को भेजा जाएगा जो अपनी कुल सजा का तीन चौथाई हिस्सा जेल में काट चुके हैं। इसके बदले में उनको मेहनताना भी मिलेगा, जिससे की वह सजा पूरी होने के बाद अपना जीवन नए सिरे से शुरू कर सकें। इस संबंध में प्रपोजल तैयार कर जल्द ही शासन को भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि मुरादाबाद की जिला जेल में जो अल्पव्यस्क बंदी निरक्षर हैं, उनको साक्षर बनाया जाएगा।
विज्ञापन
सीसीटीवी: प्रदेश की जेलाें की निगरानी अब मुख्यालय से होगी
मुरादाबाद। प्रदेश की सभी जेलों की निगरानी अब लखनऊ स्थित मुख्यालय से सीसीटीवी कैमरों के जरिए की जाएगी। इसके लिए सभी जेलों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के साथ ही उनकी कनेक्टिविटी मुख्यालय से करने का काम शुरू कर दिया गया है। एडीजी कारागार चंद्रप्रकाश ने बताया कि मार्च माह तक ये काम पूरा हो जाएगा, इसके बाद प्रदेश की सभी जेलों की निगरानी एक साथ करने में मदद मिलेगी, जेलों में मोबाइल का इस्तेमाल न हो सके, इसके लिए ऐसे जैमर लगवाए जाएंगे जो कि 4जी फोन को भी बंद कर सकें। अब तक जेलों में जो जैमर लगवाए गए हैं, वह 3जी वाले मोबाइलों को रोकने में सक्षम हैं।
विज्ञापन