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महिला को जलाकर मारने में पति, देवर और सास को उम्रकैद
Updated Sat, 06 Oct 2018 02:12 AM IST
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मुरादाबाद।
मझोला के तीन साल पुराने दहेज हत्या के मामले में एफटीसी प्रथम संध्या चौधरी की अदालत ने मुलजिम पति, देवर और सास को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। जबकि जबकि प्रत्येक पर 15-15 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
नागफनी के मोहल्ला ढहरिया निवासी अरशद ने अपनी बेटी अर्शी फात्मा की शादी 21 मई 2014 को जयंतीपुर निवासी अकबर के साथ की थी। 28 अगस्त 2015 को दहेज की मांग पूरी न होने पर अर्शी पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी थी। इस मामले में पति, अकबर, देवर शमशी और सास महजबी के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था। दिल्ली स्थित अस्पताल में इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई थी। पुलिस ने इस मामले की जांच पूरी करने के बाद अदालत में दोनों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। इस केस की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम संध्या चौधरी की अदालत में सुनी गई। सरकार की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नितिन गुप्ता ने पक्ष रखा और मुलजिमों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की दलीलें दीं। इस मामले में सात लोगों की गवाही हुई। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनाने के बाद मुलजिमों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा 15-15 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। सजा सुनाए जाने के बाद दोषियों को जेल भेज दिया गया।
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मझोला के तीन साल पुराने दहेज हत्या के मामले में एफटीसी प्रथम संध्या चौधरी की अदालत ने मुलजिम पति, देवर और सास को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। जबकि जबकि प्रत्येक पर 15-15 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
नागफनी के मोहल्ला ढहरिया निवासी अरशद ने अपनी बेटी अर्शी फात्मा की शादी 21 मई 2014 को जयंतीपुर निवासी अकबर के साथ की थी। 28 अगस्त 2015 को दहेज की मांग पूरी न होने पर अर्शी पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी थी। इस मामले में पति, अकबर, देवर शमशी और सास महजबी के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था। दिल्ली स्थित अस्पताल में इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई थी। पुलिस ने इस मामले की जांच पूरी करने के बाद अदालत में दोनों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। इस केस की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम संध्या चौधरी की अदालत में सुनी गई। सरकार की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नितिन गुप्ता ने पक्ष रखा और मुलजिमों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की दलीलें दीं। इस मामले में सात लोगों की गवाही हुई। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनाने के बाद मुलजिमों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा 15-15 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। सजा सुनाए जाने के बाद दोषियों को जेल भेज दिया गया।
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