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आंख खुलते ही चीखता है क्लीनर .. मुझे मत मारो

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 27 Apr 2019 02:19 AM IST
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आंख खुलते ही चीखता है क्लीनर .. मुझे मत मारो
मुरादाबाद। न्यूरॉन अस्पताल के आईसीयू में मौत से जूझ रहा ट्रक क्लीनर जनरैल सिंह थोड़ा सा होश आते ही बुदबुदाने लगता है। मुझे मत मारो, .. छोड़ दो, रहम करो...मैंने कुछ नहीं किया..मुझे मत घसीटो.. मैं तो ट्रक में सो रहा था। उसके चेहरे पर खौफ और पीड़ा तैरने लगती है। इतना बुदबुदाते - बुदबुदाते वह बेहोश जाता है। उसके शरीर पर दर्ज जख्म भीड़ की बेरहमी का सुबूत बयां कर रहे हैं। रॉड और सरियों की पिटाई से उसका सिर फट गया था। डाक्टरों का कहना है कि सिर में खून बहकर खून के थक्के जम चुके हैं।
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होश में आते ही घबराहट और दर्द भरी आवाज में हरियाणा के जरनैल सिंह खुद को भीड़ से बचाने की कोशिश करने लगते हैं। दहशत इस कदर दिल में बैठ चुकी है कि अगर उन्हें परिवार और अस्पताल का स्टाफ न संभाले तो वह खुद को ही नुकसान पहुंचा लें। हरियाणा से आए उनके भाई अमन सिंह और भाभी जरनैल की इस हालत को देख सिसकने लगते हैं। भाई अमन सिंह बताते हैं कि जरनैल होश में आते ही दहशत से कांपने लगता है। वह घर लेकर चलने की बात कहते हैं। अमन सिंह बताते हैं कि इलाज कर रहे डाक्टर ने ऑपरेशन की सलाह दी है लेकिन रुपयों का इंतजाम नहीं होने की वजह से ऑपरेशन नहीं करा सके हैं।
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यह है पूरा मामला
मुरादाबाद - संभल मार्ग पर मैनाठेर थाना क्षेत्र में असालतनगर बघा गांव के सामने बीते बुधवार तड़के करीब पांच बजे ट्रक और ट्रैक्टर की टक्कर में ट्रैक्टर चला रहे मजदूर मोहम्मद नईम (27) की मौत हो गई। इसके बाद ट्रक चालक तो भाग निकला और बेकाबू भीड़ ने क्लीनर जरनैल सिंह को सरियों और डंडों से पीट-पीटकर मौत के करीब पहुंचा दिया था। पुलिस ने उसे भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल संभल भेज दिया। वहां से रेफर होकर पहले जिला अस्पताल, कॉसमॉस अस्पताल अब न्यूरोकॉन अस्पताल में भर्ती किया गया है।
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पुलिस बोली, हादसे में आईं चोटें
ट्रक क्लीनर पर हुए कातिलाना हमले पर पहले दिन से पर्दा डाल रही मैनाठेर पुलिस जरनैल सिंह के जख्मों को दुर्घटना की चोट बता रही है। खुद जरनैल सिंह और तीन - तीन अस्पतालों के डाक्टर कह चुके हैं कि जरनैल को सरिये और डंडे जैसी चीजों के वार से चोटें लगी हैं लेकिन मैनाठेर के प्रभारी निरीक्षक संजीव कुमार इन चोटोें को हादसे की चोट बता रहे हैं।


पुलिस ने गलत बताया था नाम
भीड़ के हाथों बेरहमी से पीटे गए क्लीनर के बारे में पहले दिन से झूठ पर झूठ बोल रही पुलिस ने उसका नाम भी गलत बताया। पहले कहा कि ट्रक ड्राइवर और क्लीनर फरार हो गए थे। बाद में कहा कि ड्राइवर गुरप्रीत को मामूली चोट थी जो अस्पताल से घर चला गया। जिला अस्पताल में भी उसका यही नाम लिखाया। न्यूरॉन अस्पताल के रिकार्ड में उसका नाम जसविंदर लिखा गया है। परिजनों ने उसकी शिनाख्त जरनैल के रूप में की है। बताया है कि वह ड्राइवर नहीं क्लीनर है।
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