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सुमित की फरारी में जेल के अफसर व बंदी रक्षकों को चार्जशीट
Updated Fri, 13 Jul 2018 02:05 AM IST
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मुरादाबाद।
बदायूं जेल की दीवार फांद कर फरार हुआ एक लाख का इनामी बंदी सुमित दो माह बाद भी पुलिस की पकड़ से दूर है। बंदी सुमित की फरारी में जेल अधिकारी और बंदी रक्षकों को चार्जशीट दी गई है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक एमएसएच रिजवी की ओर से आरोप पत्र दिया गया है। जिसमें चार कर्मचारियों से बयान दर्ज करने को कहा गया है।
हजरत नगर गढ़ी थानाक्षेत्र के नवैनी गद्दी निवासी सुमित सितंबर 2015 से बदायूं जेल में बंद था। भरी कचहरी में डिलारी के पूर्व ब्लाक प्रमुख भूरा की हत्या के आरोप में सुमित को गिरफ्तार किया गया था। जिला जेल से उसे बदायूं भेजा गया था। बदायूं जेल से सुमित गोरखपुर के कुख्यात अपराधी चंदन सिंह की मदद से वह जेल की दीवार फांद कर फरार हो गया था। जबकि चंदन सिंह फरार होने में कामयाब नहीं हो सका था। मुरादाबाद जिला जेल के वरिष्ठ जेल अधीक्षक एमएसएच रिजवी के पास बदायूं जेल का अतिरिक्त चार्ज है। उन्होंने सुमित की फरारी में बदायूं जेल के दो कर्मचारियों को निलंबित किया था। अब बंदी रक्षक और दो अधिकारियों को चार्जशीट(आरोप पत्र) दी है। सभी को अपने अपने बयान दर्ज कराने के लिए पंद्रह दिन का समय दिया गया है। सभी के बयान दर्ज होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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बदायूं जेल की दीवार फांद कर फरार हुआ एक लाख का इनामी बंदी सुमित दो माह बाद भी पुलिस की पकड़ से दूर है। बंदी सुमित की फरारी में जेल अधिकारी और बंदी रक्षकों को चार्जशीट दी गई है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक एमएसएच रिजवी की ओर से आरोप पत्र दिया गया है। जिसमें चार कर्मचारियों से बयान दर्ज करने को कहा गया है।
हजरत नगर गढ़ी थानाक्षेत्र के नवैनी गद्दी निवासी सुमित सितंबर 2015 से बदायूं जेल में बंद था। भरी कचहरी में डिलारी के पूर्व ब्लाक प्रमुख भूरा की हत्या के आरोप में सुमित को गिरफ्तार किया गया था। जिला जेल से उसे बदायूं भेजा गया था। बदायूं जेल से सुमित गोरखपुर के कुख्यात अपराधी चंदन सिंह की मदद से वह जेल की दीवार फांद कर फरार हो गया था। जबकि चंदन सिंह फरार होने में कामयाब नहीं हो सका था। मुरादाबाद जिला जेल के वरिष्ठ जेल अधीक्षक एमएसएच रिजवी के पास बदायूं जेल का अतिरिक्त चार्ज है। उन्होंने सुमित की फरारी में बदायूं जेल के दो कर्मचारियों को निलंबित किया था। अब बंदी रक्षक और दो अधिकारियों को चार्जशीट(आरोप पत्र) दी है। सभी को अपने अपने बयान दर्ज कराने के लिए पंद्रह दिन का समय दिया गया है। सभी के बयान दर्ज होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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