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नगर निगम सहित कई विभागों पर रिपोर्ट के आदेश
Updated Thu, 20 Sep 2018 02:08 AM IST
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मुरादाबाद।
बगैर लाइसेंस लिए कीटनाशक दवाओं का प्रयोग करने पर नगर निगम समेत कई विभाग फंस गए हैं। अपर कृषि निदेशक के आदेश पर ऐसे सभी विभागों को नोटिस जारी किया गया है। एक सप्ताह में लाइसेंस न लेने पर रिपोर्ट दर्ज कराकर जुर्माना लगाया जाएगा।
कीटनाशक दवाओं की खरीद, बिक्री, प्रयोग और ट्रांसपोर्टेशन बिना लाइसेंस के नहीं किया जा सकता। सभी सरकारी, सहकारी और निजी संस्थानों के लिए लाइसेंस बनवाना अनिवार्य है। अधिकारियों का कहना है कि सभी विभागों द्वारा 1980 तक कीटनाशकों की खरीद, भंडारण और छिड़काव के लिए लाइसेंस लिया जाता था। डीडीटी का प्रयोग बंद होने के बाद किसी विभाग ने लाइसेंस नहीं लिया है। उप कृषि निदेशक पादप सुरक्षा सीएल यादव के अनुसार नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत, भारतीय खाद्य निगम, गन्ना विभाग, मलेरिया विभाग, चीनी मिल और गन्ना समितियों द्वारा कीटनाशकों की खरीद और प्रयोग बगैर लाइसेंस के किया जा रहा है। बगैर लाइसेंस प्रयोग करना नियमविरुद्ध है। ऐसे सभी विभागों को नोटिस जारी करने के आदेश अपर कृषि निदेशक कृषि रक्षा आरसी सिंह ने दिए हैं। इनको लाइसेंस बनवाने के लिए एक सप्ताह का वक्त दिया गया है। उसमें लाइसेंस न लेने पर जुर्माना लगाया जाएगा। शासन के आदेश से विभागों में हड़कंप मचा है। अपर नगर आयुक्त एसपी श्रीवास्तव का कहना है कि लाइसेंस प्राप्त करने की अनिवार्यता के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है।
कीटनाशक दवाओं का प्रयोग करने वाले सभी विभागों को लाइसेंस लेना होगा है। ज्यादातर विभाग बिना लाइसेंस के कीटनाशकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। जिला स्तर से सभी को नोटिस जारी किया गया है। एक सप्ताह में लाइसेंस न लेने पर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। - आरसी सिंह, अपर कृषि निदेशक कृषि रक्षा।
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बगैर लाइसेंस लिए कीटनाशक दवाओं का प्रयोग करने पर नगर निगम समेत कई विभाग फंस गए हैं। अपर कृषि निदेशक के आदेश पर ऐसे सभी विभागों को नोटिस जारी किया गया है। एक सप्ताह में लाइसेंस न लेने पर रिपोर्ट दर्ज कराकर जुर्माना लगाया जाएगा।
कीटनाशक दवाओं की खरीद, बिक्री, प्रयोग और ट्रांसपोर्टेशन बिना लाइसेंस के नहीं किया जा सकता। सभी सरकारी, सहकारी और निजी संस्थानों के लिए लाइसेंस बनवाना अनिवार्य है। अधिकारियों का कहना है कि सभी विभागों द्वारा 1980 तक कीटनाशकों की खरीद, भंडारण और छिड़काव के लिए लाइसेंस लिया जाता था। डीडीटी का प्रयोग बंद होने के बाद किसी विभाग ने लाइसेंस नहीं लिया है। उप कृषि निदेशक पादप सुरक्षा सीएल यादव के अनुसार नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत, भारतीय खाद्य निगम, गन्ना विभाग, मलेरिया विभाग, चीनी मिल और गन्ना समितियों द्वारा कीटनाशकों की खरीद और प्रयोग बगैर लाइसेंस के किया जा रहा है। बगैर लाइसेंस प्रयोग करना नियमविरुद्ध है। ऐसे सभी विभागों को नोटिस जारी करने के आदेश अपर कृषि निदेशक कृषि रक्षा आरसी सिंह ने दिए हैं। इनको लाइसेंस बनवाने के लिए एक सप्ताह का वक्त दिया गया है। उसमें लाइसेंस न लेने पर जुर्माना लगाया जाएगा। शासन के आदेश से विभागों में हड़कंप मचा है। अपर नगर आयुक्त एसपी श्रीवास्तव का कहना है कि लाइसेंस प्राप्त करने की अनिवार्यता के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है।
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कीटनाशक दवाओं का प्रयोग करने वाले सभी विभागों को लाइसेंस लेना होगा है। ज्यादातर विभाग बिना लाइसेंस के कीटनाशकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। जिला स्तर से सभी को नोटिस जारी किया गया है। एक सप्ताह में लाइसेंस न लेने पर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। - आरसी सिंह, अपर कृषि निदेशक कृषि रक्षा।
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