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प्रेम प्रसंग के कारण हुई थी आमोद की हत्या
Updated Tue, 06 Nov 2018 01:03 AM IST
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गुन्नौर। छबीलपुर निवासी आमोद की हत्या प्रेम प्रसंग में की गई थी। दूसरी पत्नी के भाई ने ही रिश्तेदारों के साथ मिलकर हत्या को अंजाम दिया था। पुलिस को पहले से ही इसकी आशंका थी, लेकिन परिजनों की तहरीर पूर्व प्रधान सहित पांच अन्य लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी।
गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के गांव छबीलपुर निवासी आमोद की हत्या करके रजपुरा और गुन्नौर की सीमा में फेंक दी गई थी, जिसका शव 30 अक्तूबर को मिला था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम कराया गया था, जिसमें धारदार हथियार व डंडों से पीटकर हत्या की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर पूर्व प्रधान सहित छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। हालांकि पुलिस को शुरुआती जांच में यह शक हो गया था कि मामला कुछ और था, क्योंकि नामजद आरोपियों से मामूली रंजिश थी, जिसके आधार पर हत्या जैसा अपराध के बारे में सोचा नहीं जा सकता था। कोतवाली प्रभारी अता मोहम्मद खान ने बताया कि जब मामले की जांच की गई तो परतें खुलने लगी। बताया गया कि मृतक आमोद ने अपनी पत्नी होते हुए भी अपने सगे बहनोई की शादीशुदा बहन शारदा से शादी कर ली थी, जिसे लेकर वह बहजोई में रहने लगा था। शारदा के परिजन भी इस शादी के खिलाफ थे। क्योंकि जब शादी और आमोद के संबंधों की जानकारी शारदा के भाई हरिओम निवासी मोनीपुरा थाना रामघाट (बुलंदशहर) को हुई थी तो उसने आमोद व अपनी बहन को काफी समझाया था। पुलिस ने शारदा के भाई हरिओम को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने स्वीकार किया कि आमोद को 28 अक्तूबर को वह ही बहजोई से बुलाकर बबराला में रामलीला दिखाने के बहाने लाया था। 28 अक्टूबर को ही अपने बहनोई सूरजपाल, लाखन व राम खिलाड़ी और झगडू निवासी गंगावास के साथ मिलकर चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर लाश को बाजरा के खेत मे फेंक दिया था। मामले की जांच की जा रही है।
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गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के गांव छबीलपुर निवासी आमोद की हत्या करके रजपुरा और गुन्नौर की सीमा में फेंक दी गई थी, जिसका शव 30 अक्तूबर को मिला था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम कराया गया था, जिसमें धारदार हथियार व डंडों से पीटकर हत्या की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर पूर्व प्रधान सहित छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। हालांकि पुलिस को शुरुआती जांच में यह शक हो गया था कि मामला कुछ और था, क्योंकि नामजद आरोपियों से मामूली रंजिश थी, जिसके आधार पर हत्या जैसा अपराध के बारे में सोचा नहीं जा सकता था। कोतवाली प्रभारी अता मोहम्मद खान ने बताया कि जब मामले की जांच की गई तो परतें खुलने लगी। बताया गया कि मृतक आमोद ने अपनी पत्नी होते हुए भी अपने सगे बहनोई की शादीशुदा बहन शारदा से शादी कर ली थी, जिसे लेकर वह बहजोई में रहने लगा था। शारदा के परिजन भी इस शादी के खिलाफ थे। क्योंकि जब शादी और आमोद के संबंधों की जानकारी शारदा के भाई हरिओम निवासी मोनीपुरा थाना रामघाट (बुलंदशहर) को हुई थी तो उसने आमोद व अपनी बहन को काफी समझाया था। पुलिस ने शारदा के भाई हरिओम को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने स्वीकार किया कि आमोद को 28 अक्तूबर को वह ही बहजोई से बुलाकर बबराला में रामलीला दिखाने के बहाने लाया था। 28 अक्टूबर को ही अपने बहनोई सूरजपाल, लाखन व राम खिलाड़ी और झगडू निवासी गंगावास के साथ मिलकर चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर लाश को बाजरा के खेत मे फेंक दिया था। मामले की जांच की जा रही है।
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