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अपराध- 22-00-38

Thu, 19 Oct 2017 12:03 AM IST
Updated Thu, 19 Oct 2017 12:03 AM IST
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अपराध- 22-00-38
गुन्नौर में सरेशाम किशोर को जिंदा जलाया, पांच नामजद
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चंदौसी/गुन्नौर/जुनावइ (संभल)
गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र में छोटी दिवाली की शाम को मंदिर में दीया जलाने जा रहे एक किशोर को पकडकर कुछ लोगों ने केरोसिन डालकर आग लगाकर उसे जिंदा जला दिया। चीख पुकार सुनकर दौड़े पड़ोसियों ने किसी तरह किशोर की आग बुझाई लेकिन इसके बावजूद वह अस्सी फीसदी तक झुलस गया है। परिजन उसे अलीगढ़ ले गए है, लेकिन वहां पहुंचते ही उसकी मौत हो गई। इसी किशोर को आठ दिन पूर्व अगवा कर लिया गया था। पुलिस ने तीन सगे भाइयों समेत पांच लोगों के खिलाफ हत्या की कोशिश में मामला दर्ज किया है।

गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के दबथरा हरलाल निवासी पप्पू यादव के चौदह वर्षीय पुत्र योगेंद्र सिंह जो कक्षा सात का छात्र है बुधवार की शाम करीब 6.30 बजे छोटी दिवाली पर संस्कृत पाठशाला स्थित मंदिर पर दीया जलाने जा रहा था। आरोप हैकि गांव के ही तीन चार लोगों ने उसे दबोच लिया और उसके ऊपर केरोसिन डालकर आग लगा दी। योगेंद्र सिंह के शरीर में आग लग गई। चीख पुकार सुनकर पड़ोसी दौड़े। किसी तरह आग पर काबू पाया गया। परिजन उसे तत्काल ही संयुक्त चिकित्सालय गुन्नौर ले गए। लेकिन यहां से उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया लेकिन परिजन उसे अलीगढ़ मेडिकल कालेज ले गए है। जहां पहुंचते ही उसकी मौत हो गई। डा.नीरज गुप्ता ने बताया कि योगेंद्र करीब अस्सी फीसदी तक झुलस चुका था। परिजनों का आरोप हैकि योगेंद्र को आठ अक्तूबर को गांव के ही छोटे आदि ने अगुवा कर लिया था, अगले दिन उसे दिल्ली में जाकर छोड़ा था। कोतवाली प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि शाम को दबथरा हरलाल में योगेंद्र पर केरोसिन डालकर जलाने का मामला सामने आया है। परिजनों की तहरीर पर गांव के ही छोटे पुत्र रनवीर व उसके दो भाई सुगढ़पाल व धर्मपाल तथा दो अन्य के खिलाफ हत्या की कोशिश की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आगे तफ्तीश में जानकारी हो सकेगी कि आखिर वास्तविकता क्या है। रही बात अगवा करने की तो अब हुई जानकारी के अनुसार छोटे मजदूरी करने के लिए आठ अक्तूबर को दिल्ली जा रहा था। घर से नाराज होकर योगेंद्र भी बस स्टैंड पर उसे मिल गया। छोटे के साथ दिल्ली चला गया। जब जानकारी की गई तो छोटे ने बता दिया कि योगेंद्र उसके साथ आ गया है। परिजनों के कहने पर उसे अगले दिन आनंद बिहार दिल्ली के बस स्टैंड से बस में बैठाकर गांव भेज दिया था। लेकिन योगेंद्र के परिजन छोटे व उसके भाइयों पर योगेंद्र को अगवा करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा लिखाना चाहते थे।
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