{"_id":"5b6ca9fd4f1c1ba61f8b7dce","slug":"141533848061-moradabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मदारी के हत्यारे को उम्रकैद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मदारी के हत्यारे को उम्रकैद
Updated Fri, 10 Aug 2018 02:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद।
जयपुर के मदारी की हत्या में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आठ संजीव कुमार त्यागी की अदालत ने मुलजिम को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। जबकि 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
संभल जनपद के चंदौसी में जयपुर के चंद्रवाजी निवासी अखनूर ने ग्यारह नवंबर 2012 को मौलागढ़ निवासी विनोद के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था। अखनूर ने बताया था कि उसका साला जबर अली मदारी था। वह अपने बच्चों को साथ लेकर मौलागढ़ में खेल दिखाने आया था। यहां उसके सिर में विनोद ने ईंट मार दी थी। जिसमें जबर अली की मौत हो गई थी। पुलिस ने सभी आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने केस की तफ्तीश कर चार्जशीट अदालत में पेश की थी। इस केस की सुनवाई अपर जिला सत्र एवं न्यायाधीश आठ संजीव कुमार त्यागी की अदालत में चली। सरकार की ओर एडीजीसी एमपी सिंह ने पक्ष रखा और मुलजिम को सजा दिलाने की दलीलें दीं। अदालत ने पुख्ता सबूत और गवाहों के बयान को गैर इरादतन हत्या का दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। जबकि पचास हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
विज्ञापन
जयपुर के मदारी की हत्या में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आठ संजीव कुमार त्यागी की अदालत ने मुलजिम को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। जबकि 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
संभल जनपद के चंदौसी में जयपुर के चंद्रवाजी निवासी अखनूर ने ग्यारह नवंबर 2012 को मौलागढ़ निवासी विनोद के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था। अखनूर ने बताया था कि उसका साला जबर अली मदारी था। वह अपने बच्चों को साथ लेकर मौलागढ़ में खेल दिखाने आया था। यहां उसके सिर में विनोद ने ईंट मार दी थी। जिसमें जबर अली की मौत हो गई थी। पुलिस ने सभी आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने केस की तफ्तीश कर चार्जशीट अदालत में पेश की थी। इस केस की सुनवाई अपर जिला सत्र एवं न्यायाधीश आठ संजीव कुमार त्यागी की अदालत में चली। सरकार की ओर एडीजीसी एमपी सिंह ने पक्ष रखा और मुलजिम को सजा दिलाने की दलीलें दीं। अदालत ने पुख्ता सबूत और गवाहों के बयान को गैर इरादतन हत्या का दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। जबकि पचास हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
विज्ञापन