{"_id":"5c9be004bdec2213e80702ce","slug":"121553719300-moradabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चुनाव से पहले माहौल बिगाड़ने की कोशिश","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
चुनाव से पहले माहौल बिगाड़ने की कोशिश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद। चार दिन पहले कुंदरकी के जंगल में गोवंशीय पशुओं के कटान की घटना सामने आने के बाद अब बुधवार को हाईवे किनारे आठ गायों के शव पड़े मिले हैं। इसकी सूचना पर मौके पर भीड़ जुट गई और हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने किसी तरह लोगों को शांत करके गायों के शव जेसीबी की मदद से मिट्टी में दबा दिए हैं। फिलहाल घटना की बाबत कोई रिपोर्ट तो दर्ज नहीं की गई लेकिन पुलिस के साथ ही खुफिया तंत्र भी इसके पीछे शामिल लोगों की तलाश में जुट गया है।
पाकबड़ा थाना क्षेत्र में बुधवार शाम आठ गायों के शव मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर गो संरक्षण समिति के पदाधिकारी व आस पड़ोस के लोग इकट्ठा हो गए। उन्होंने यहां हंगामा किया और गायों को मारकर फेंकने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि जनपद का माहौल खराब करने के लिए कभी जंगल में गोकशी तो कभी गायों को मारकर फेंकने की घटनाएं की जा रही हैं। पाकबड़ा इंस्पेक्टर नीरज शर्मा ने बताया कि बुधवार शाम करीब चार बजे सूचना मिली थी कि पुराना टोल प्लाजा के पास हाईवे किनारे एक प्लाट में सात - आठ गायों के शव पड़े हैं। पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां लोगों मौजूद थे। वहां से कुछ ही दूरी पर मैनाठेर क्षेत्र में संभल रोड है। गो तस्कर इस क्षेत्र से पहले भी पशुओं की तस्करी करते रहे हैं। पुलिस का कहना है कि संभवत: तस्करी से पहले गायों को बेहोश करने के लिए इंजेक्शन लगाए गए। जिस कारण उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद उन्हें यहां फेंक दिया गया। चुनाव से ठीक पहले गायों के शव मिलने से लोगों में रोष है। इन घटनाओं से पुलिस - प्रशासन के साथ ही खुफिया एजेंसियां भी सकते में हैं। कुछ दिन पहले नागफनी और भोजपुर में अपने ही धर्म के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डाले जाने की घटनाओं को भी पुलिस - प्रशासन चुनाव से पहले माहौल में जहर घोलने की साजिश के रूप में देख रहा है।
विज्ञापन
पाकबड़ा थाना क्षेत्र में बुधवार शाम आठ गायों के शव मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर गो संरक्षण समिति के पदाधिकारी व आस पड़ोस के लोग इकट्ठा हो गए। उन्होंने यहां हंगामा किया और गायों को मारकर फेंकने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि जनपद का माहौल खराब करने के लिए कभी जंगल में गोकशी तो कभी गायों को मारकर फेंकने की घटनाएं की जा रही हैं। पाकबड़ा इंस्पेक्टर नीरज शर्मा ने बताया कि बुधवार शाम करीब चार बजे सूचना मिली थी कि पुराना टोल प्लाजा के पास हाईवे किनारे एक प्लाट में सात - आठ गायों के शव पड़े हैं। पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां लोगों मौजूद थे। वहां से कुछ ही दूरी पर मैनाठेर क्षेत्र में संभल रोड है। गो तस्कर इस क्षेत्र से पहले भी पशुओं की तस्करी करते रहे हैं। पुलिस का कहना है कि संभवत: तस्करी से पहले गायों को बेहोश करने के लिए इंजेक्शन लगाए गए। जिस कारण उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद उन्हें यहां फेंक दिया गया। चुनाव से ठीक पहले गायों के शव मिलने से लोगों में रोष है। इन घटनाओं से पुलिस - प्रशासन के साथ ही खुफिया एजेंसियां भी सकते में हैं। कुछ दिन पहले नागफनी और भोजपुर में अपने ही धर्म के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डाले जाने की घटनाओं को भी पुलिस - प्रशासन चुनाव से पहले माहौल में जहर घोलने की साजिश के रूप में देख रहा है।
विज्ञापन