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आयोग के अध्यक्ष ने रुकवाया सड़क पर बच्चों का खेल
Updated Mon, 12 Nov 2018 02:09 AM IST
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मुरादाबाद। परिवार का खर्च चलाने के लिए दंपती ने अपने बच्चों की जिंदगी ही दांव पर लगा दी। वह सड़कों पर जगह जगह नट कला दिखाने के बहाने अपनी सात साल की बच्ची को छह फीट ऊंची रस्सी पर पैर रखकर चलवाते थे, अगर वह गिरती तो जान भी जा सकती थी।
रविवार को कांठ रोड पर भी ऐसा होता देख राज्य बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ. विशेष गुप्ता ने खेल को रुकवा दिया और पुलिस को बुलाकर बच्ची को थाने भिजवाया। सार्ड चाइल्ड लाइन प्रभारी श्रद्धा सिन्हा भी सूचना मिलने के बाद थाने पहुंचीं। बच्ची की मां भी थाने पहुंची और उसने दोबारा ऐसा न करने के लिए कहा है। वह कहने लगी कि बेटी को उसके सुपुर्द कर दिया जाए। वह दोबारा ऐसा नहीं करेगी। इसके बाद ही बच्ची को बाल कल्याण समिति के समक्ष ले जाया गया। जहां पर समिति के अध्यक्ष गुलजार अहमद ने बच्ची को उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया है। बाल कल्याण समिति की सदस्य नीतू सक्सेना ने बताया कि बच्ची के परिवार वालों को चेतावनी दी गई है कि वह कमाई के लिए बच्ची की जिंदगी दांव पर न लगाएं। परिवार मूलरूप से छत्तीसगढ़ का रहने वाला है। उन्होंने बताया कि वह लोग अब यहां से छत्तीसगढ़ चले जाएंगे।
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रविवार को कांठ रोड पर भी ऐसा होता देख राज्य बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ. विशेष गुप्ता ने खेल को रुकवा दिया और पुलिस को बुलाकर बच्ची को थाने भिजवाया। सार्ड चाइल्ड लाइन प्रभारी श्रद्धा सिन्हा भी सूचना मिलने के बाद थाने पहुंचीं। बच्ची की मां भी थाने पहुंची और उसने दोबारा ऐसा न करने के लिए कहा है। वह कहने लगी कि बेटी को उसके सुपुर्द कर दिया जाए। वह दोबारा ऐसा नहीं करेगी। इसके बाद ही बच्ची को बाल कल्याण समिति के समक्ष ले जाया गया। जहां पर समिति के अध्यक्ष गुलजार अहमद ने बच्ची को उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया है। बाल कल्याण समिति की सदस्य नीतू सक्सेना ने बताया कि बच्ची के परिवार वालों को चेतावनी दी गई है कि वह कमाई के लिए बच्ची की जिंदगी दांव पर न लगाएं। परिवार मूलरूप से छत्तीसगढ़ का रहने वाला है। उन्होंने बताया कि वह लोग अब यहां से छत्तीसगढ़ चले जाएंगे।
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