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बदहाल है कांवड़ यात्रा मार्ग
Updated Mon, 06 Aug 2018 02:08 AM IST
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मुरादाबाद।
सावन के दूसरे सोमवार के लिए शहर के चौरासी घंटा, झारखंडी महादेव मंदिर, ऋण मुक्तेश्वर, महाकालेश्वर, माता मंदिर, मनोकामना मंदिर सहित प्रमुख मंदिरों में सुबह चार बजे से में जलाभिषेक की तैयारियां पूरी हो गईं हैं। इन मंदिरों में जलाभिषेक के लिए कांवड़िए देर रात हरिद्वार और गढ़मुक्तेश्वर से कांवड़ लेकर आ गए हैं जो कि सुबह चार बजे से जलाभिषेक करेंगे। रविवार रात में हाईवे और शहर के प्रमुख मार्गों पर बम-बम भोले, हर - हर महादेव के जयकारे गूंजे।
सोमवार सुबह चार बजे से जलाभिषेक के दौरान सुरक्षा के लिए पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने कड़े सुरक्षा प्रबंध किए हैं। सुरक्षा की दृष्टि से शहर में सभी थानों की पुलिस को रात दो बजे से मंदिरों के आसपास सतर्क कर दिया है। पीएसी तथा अतिरिक्त पुलिस शहर के प्रमुख मंदिरों में रहेगी। सीओ तथा अन्य अधिकारी भी सुबह चार बजे से भ्रमण पर रहेंगे। हाईवे पर 100 डायल सेवा के साथ-साथ अतिरिक्त पुलिस लगाई गई है। एसपी ग्रामीण रातभर संबंधित क्षेत्र के सीओ के साथ भ्रमण पर रहेंगे। मंदिरों की प्रबंध समितियों, आसपास के समाजसेवियों की टोलियां भी सुरक्षा और कावड़ियों को कतार में लगवाने के लिए सुबह से जुट जाएंगे।
बदहाल कांवड़ मार्ग से निकलने में झेलनी पड़ रही है परेशानी
जलाभिषेक के लिए हरिद्वार से गंगाजल लेकर गंतव्य स्थान तक जाने वाले भोले के भक्तों को मुरादाबाद की खस्ता हाल सड़कों के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य मार्ग की सड़कें तो खराब हैं ही, शहर के अंदर भी उखड़ी सड़कों ने उनका चलना दूभर कर दिया है। यहां की ज्यादातर सड़कें कांवड़ियों के निकलने लायक नहीं हैं। कीचड़, जलभराव, कूड़े के ढ़ेर, और जगह-जगह बने गड्डे तथा पत्थर भक्ति की यात्रा में परेशानी का सबब बन गए हैं।
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ये हैं बदहाल कांवड़ यात्रा मार्ग
1. भदौरा मार्ग
वार्ड 33 भदौरा में 800 मीटर लंबा रास्ता बदहाल है। यहां पर अभी तक मात्र 200 मीटर सड़क का निर्माण कराया गया है। कीचड़ भरे इस रास्ते से होकर कांवड़ियों के निकलने की मजबूरी है।
2. बंगला गांव
सीवर की खुदाई से यहां पर 200 मीटर रास्ता बेहद खराब है। डीएम के आदेश पर एलएंडटी ने रात में सड़क का निर्माण शुरू करा दिया है लेकिन इस सोमवार को कांवड़ियों को परेशानी झेलनी पड़ेगी।
3. ताड़ीखाना मार्ग
सीवर की खुदाई के चलते यह मार्ग बेहद खराब है। यहां से होकर पैदल निकलना भी संभव नहीं है। रपटन के चलते दो पहिया वाहन चालक फिसलकर गिर रहे हैं।
4. रेलवे रोड
हाईवे पर रेलवे स्टेशन के पास मुख्य मार्ग पर एलएंडटी ने सीवर डालने के लिए खोद दिया है। जिसके कारण सड़क मार्ग संकीर्ण हो गया है। यहां पर कांवड़िए जाम में फंसने शुरू हो गए हैं।
5. रोडवेज डिपो
रोडवेज डिपो के पास हाईवे पर सीवर खुदाई के दो खड्ड खुदे हुए हैं। इनके कारण दिनभर वाहनों की लंबी कतार लगती रहती हैं। इनके बीच से होकर निकलने में कांवड़ के खंडित होने का डर लगा रहता है।
ं
6. नागफनी क्षेत्र -
यहां की सड़कों पर कीचड़ और गोबर फैला पड़ा है। बारिश में मिट्टी व गोबर के घुलने से रास्ते से होकर निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस गंदगी के बीच से होकर कांवड़ियों का मंदिरों तक पहुंचना आसान नहीं होगा।
7. कांठ रोड
कांवड़ियों का सबसे ज्यादा आगमन इसी मार्ग से होता है। खस्ता हाल इस हाईवे को ठीक कराने का प्रयास किया गया है, लेकिन इसमें जगह-जगह गहरे गड्ढ़े व ऊंची-नीची होने से पैदल कांवड़ियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
8. पाकबड़ा -
यहां के हाईवे को अफसरों ने खुदवा दिया है। बारिश के चलते निर्माण नहीं हो पाया है। यहां पत्थर सड़क पर बिखरे पड़े हैं। इनके बीच से होकर पैदल निकलने में कांवड़ियों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है।
कांवड़ यात्रा के मार्गों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। ज्यादातर मार्ग पर कांवड़ पथ बना लिए गए हैं। निगम क्षेत्र के ज्यादातर मार्ग को दो दिन में ठीक करा दिए जाएंगे।
- आशीष शुक्ला, उप नगर आयुक्त।
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सावन के दूसरे सोमवार के लिए शहर के चौरासी घंटा, झारखंडी महादेव मंदिर, ऋण मुक्तेश्वर, महाकालेश्वर, माता मंदिर, मनोकामना मंदिर सहित प्रमुख मंदिरों में सुबह चार बजे से में जलाभिषेक की तैयारियां पूरी हो गईं हैं। इन मंदिरों में जलाभिषेक के लिए कांवड़िए देर रात हरिद्वार और गढ़मुक्तेश्वर से कांवड़ लेकर आ गए हैं जो कि सुबह चार बजे से जलाभिषेक करेंगे। रविवार रात में हाईवे और शहर के प्रमुख मार्गों पर बम-बम भोले, हर - हर महादेव के जयकारे गूंजे।
सोमवार सुबह चार बजे से जलाभिषेक के दौरान सुरक्षा के लिए पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने कड़े सुरक्षा प्रबंध किए हैं। सुरक्षा की दृष्टि से शहर में सभी थानों की पुलिस को रात दो बजे से मंदिरों के आसपास सतर्क कर दिया है। पीएसी तथा अतिरिक्त पुलिस शहर के प्रमुख मंदिरों में रहेगी। सीओ तथा अन्य अधिकारी भी सुबह चार बजे से भ्रमण पर रहेंगे। हाईवे पर 100 डायल सेवा के साथ-साथ अतिरिक्त पुलिस लगाई गई है। एसपी ग्रामीण रातभर संबंधित क्षेत्र के सीओ के साथ भ्रमण पर रहेंगे। मंदिरों की प्रबंध समितियों, आसपास के समाजसेवियों की टोलियां भी सुरक्षा और कावड़ियों को कतार में लगवाने के लिए सुबह से जुट जाएंगे।
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बदहाल कांवड़ मार्ग से निकलने में झेलनी पड़ रही है परेशानी
जलाभिषेक के लिए हरिद्वार से गंगाजल लेकर गंतव्य स्थान तक जाने वाले भोले के भक्तों को मुरादाबाद की खस्ता हाल सड़कों के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य मार्ग की सड़कें तो खराब हैं ही, शहर के अंदर भी उखड़ी सड़कों ने उनका चलना दूभर कर दिया है। यहां की ज्यादातर सड़कें कांवड़ियों के निकलने लायक नहीं हैं। कीचड़, जलभराव, कूड़े के ढ़ेर, और जगह-जगह बने गड्डे तथा पत्थर भक्ति की यात्रा में परेशानी का सबब बन गए हैं।
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ये हैं बदहाल कांवड़ यात्रा मार्ग
1. भदौरा मार्ग
वार्ड 33 भदौरा में 800 मीटर लंबा रास्ता बदहाल है। यहां पर अभी तक मात्र 200 मीटर सड़क का निर्माण कराया गया है। कीचड़ भरे इस रास्ते से होकर कांवड़ियों के निकलने की मजबूरी है।
2. बंगला गांव
सीवर की खुदाई से यहां पर 200 मीटर रास्ता बेहद खराब है। डीएम के आदेश पर एलएंडटी ने रात में सड़क का निर्माण शुरू करा दिया है लेकिन इस सोमवार को कांवड़ियों को परेशानी झेलनी पड़ेगी।
3. ताड़ीखाना मार्ग
सीवर की खुदाई के चलते यह मार्ग बेहद खराब है। यहां से होकर पैदल निकलना भी संभव नहीं है। रपटन के चलते दो पहिया वाहन चालक फिसलकर गिर रहे हैं।
4. रेलवे रोड
हाईवे पर रेलवे स्टेशन के पास मुख्य मार्ग पर एलएंडटी ने सीवर डालने के लिए खोद दिया है। जिसके कारण सड़क मार्ग संकीर्ण हो गया है। यहां पर कांवड़िए जाम में फंसने शुरू हो गए हैं।
5. रोडवेज डिपो
रोडवेज डिपो के पास हाईवे पर सीवर खुदाई के दो खड्ड खुदे हुए हैं। इनके कारण दिनभर वाहनों की लंबी कतार लगती रहती हैं। इनके बीच से होकर निकलने में कांवड़ के खंडित होने का डर लगा रहता है।
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6. नागफनी क्षेत्र -
यहां की सड़कों पर कीचड़ और गोबर फैला पड़ा है। बारिश में मिट्टी व गोबर के घुलने से रास्ते से होकर निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस गंदगी के बीच से होकर कांवड़ियों का मंदिरों तक पहुंचना आसान नहीं होगा।
7. कांठ रोड
कांवड़ियों का सबसे ज्यादा आगमन इसी मार्ग से होता है। खस्ता हाल इस हाईवे को ठीक कराने का प्रयास किया गया है, लेकिन इसमें जगह-जगह गहरे गड्ढ़े व ऊंची-नीची होने से पैदल कांवड़ियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
8. पाकबड़ा -
यहां के हाईवे को अफसरों ने खुदवा दिया है। बारिश के चलते निर्माण नहीं हो पाया है। यहां पत्थर सड़क पर बिखरे पड़े हैं। इनके बीच से होकर पैदल निकलने में कांवड़ियों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है।
कांवड़ यात्रा के मार्गों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। ज्यादातर मार्ग पर कांवड़ पथ बना लिए गए हैं। निगम क्षेत्र के ज्यादातर मार्ग को दो दिन में ठीक करा दिए जाएंगे।
- आशीष शुक्ला, उप नगर आयुक्त।