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कुंभ पर कोविड के नियमों की मार, रोडवेज हुआ लाचार

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 13 Mar 2021 02:28 AM IST
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covid protocol in mahakumbh 2021 is too tuff so passangers not moved to haridwar UPSRTC in trbuol
मुरादाबाद। महाकुंभ 2021 पर कोविड के नियमों का प्रभाव इस तरह हुआ है कि रोडवेज लाचार होकर रह गया है। कुंभ के चलते यात्रियों और बसों की संख्या में वृद्धि तो छोड़िए, सामान्य दिनों की अपेक्षा भी यह संख्या आधी रह गई है। सामान्य दिनों में मुरादाबाद परिक्षेत्र से हरिद्वार रूट पर 110 बसें चलती हैं लेकिन इन दिनों यात्रियों की कमी के कारण केवल 60 बसें ही चल रही हैं।
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इन बसों में भी हरिद्वार के यात्री 50 फीसदी हैं। बाकी बसें डिपो में खाली खड़ी हैं। इससे रोडवेज की आय बेहद प्रभावित हुई हैं। हरिद्वार रूट की बसों से मुरादाबाद परिक्षेत्र को प्रतिदिन लगभग 6 लाख 25 हजार रुपये की आय होती थी। अब यह आय घटकर महज तीन लाख रुपये प्रतिदिन रह गई है। यात्रियों के आंकड़ों की बात करें तो सामान्य दिनों में प्रतिदिन 10 हजार से अधिक यात्री हरिद्वार रूट की बसों में सफर करते हैं। अब यह संख्या 48 सौ से पांच हजार के बीच दर्ज की जा रही है।
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दरअसल सरकार ने कुंभ को लेकर काफी पहले ही गाइड लाइन जारी कर दी थी। इसमें कहा गया है कि कुंभ क्षेत्र में प्रवेश के लिए श्रद्धालुओं को कोविड निगेटिव आरटीपीसीआर रिपोर्ट लेकर आनी होगी। वह भी 72 घंटे से पुरानी न हो। इसके अलावा महिलाओं, बच्चों और 65 वर्ष से अधिक के बुजुर्गों को कुंभ मेले में न आने की सलाह दी गई। संक्रमण के खतरे को देखते हुए मुख्यालय को भी यह अंदेशा था कि इस बार कुंभ के दौरान यात्रियों की संख्या कम रहेगी। इसके चलते इस बार अतिरिक्त बसें भी नहीं चलाई गईं। रोडवेज प्रशासन का कहना है कि पिछले वर्षों के कुंभ मेले की अपेक्षा इस बार ट्रैफिक लोड कम है। 11 मार्च को महाशिवरात्रि के शाही स्नान पर भी केवल 90 बसें चलीं। माघ मेले के लिए भी इस बार केवल एक बस बिजनौर से प्रयागराज के बीच चलाई गई है।
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कुंभ के दौरान यात्रियों की इतनी कम संख्या पहले कभी नहीं रही। हर बार लगभग 40 अतिरिक्त बसें चलानी पड़ती थीं लेकिन इस बार स्थिति बेहद निराशाजनक है। इससे आय प्रभावित हुई है। हरिद्वार सबसे अच्छे ट्रैफिक के लिए जाना जाता है लेकिन वर्तमान में अवसर होते हुए भी यात्रियों की संख्या 50 फीसदी है।
- अतुल जैन, क्षेत्रीय प्रबंधक
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