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कहीं कंडम न हो जाए कोविड अस्पताल का आईसीयू
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मुरादाबाद। हालात बेहतर होने पर कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए संचालित कोविड का एल-2 अस्पताल बंद कर दिया गया है। करीब 1.5 करोड़ रुपये खर्च कर पॉजिटिव मरीजों के लिए तैयार आईसीयू ने पॉजिटिव मरीजों की उखड़ती सांसों को जोड़ने का काम किया। एल-2 अस्पताल के बंद होने से आईसीयू की मशीनों का उपयोग एक महीने से नहीं हो रहा है। अगर लंबे समय से इन उपकरणों का इस्तेमाल नहीं किया गया तो ये कंडम हो सकते हैं।
लॉकडाउन में कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए नौ अप्रैल को जिला अस्पताल परिसर में मैटरनिटी विंग में 100 बेड के एल-1 अस्पताल की शुरुआत की गई। बाद में बढ़ते मरीजों की संख्या के दबाव को देखते हुए इस अस्पताल को एल-2 में कनवर्ट कर दिया गया। बीस बेड का आईसीयू भी तैयार किया गया। करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च कर आईसीयू के संचालन के लिए वेंटीलेटर, आईसीयू बेड समेत अन्य इंतजाम किए गए। इस अस्पताल में 700 से 800 मरीजों को भर्ती किया गया। वहीं आईसीयू में गंभीर 92 मरीजों को इलाज मिला। 14 जनवरी के बाद यहां मरीज भर्ती नहीं हुए। बाद में शासन के निर्देश पर एल-2 अस्पताल बंद कर दिया गया। महीने भर से अस्पताल पर ताला लटका है। आईसीयू की करोड़ों की मशीनें धूल फांक रही हैं। अगर इन मशीनों को लंबे समय तक उपयोग में नहीं लाया गया तो ये मशीनें कंडम भी हो सकती हैं। फिलहाल कोविड के मरीजों की संख्या बढ़ने पर इस अस्पताल को पांच दिन में चालू कर दिया जाएगा। इसके लिए सेहत महकमा तैयार है।
क्या है आईसीयू में इंतजाम
- 30 आईसीयू बेड
- 10 वेंटीलेटर
- 23 एचएफएनसी
- 30 आईसीयू मॉनीटर सिस्टम
- 30 जंबो आक्सीजन सिलेंडर
- आक्सीजन यूनिट
- शासन ने एल-2 अस्पताल बंद करने और संक्रमितों की संख्या बढ़ने पर फिर से पांच दिन के भीतर तैयार करने के निर्देश दिए थे। इसके तहत अस्पताल बंद कर दिया गया है। जरूरत पड़ने पर एल-2 अस्पताल शुरू कर दिया जाएगा। चौदह जनवरी के बाद यहां कोई नया मरीज भी भर्ती नहीं किया गया था। आईसीयू का उपयोग के लिए शासन से दिशानिर्देश लिया जाएगा।
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- डा. एमसी गर्ग, सीएमओ
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लॉकडाउन में कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए नौ अप्रैल को जिला अस्पताल परिसर में मैटरनिटी विंग में 100 बेड के एल-1 अस्पताल की शुरुआत की गई। बाद में बढ़ते मरीजों की संख्या के दबाव को देखते हुए इस अस्पताल को एल-2 में कनवर्ट कर दिया गया। बीस बेड का आईसीयू भी तैयार किया गया। करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च कर आईसीयू के संचालन के लिए वेंटीलेटर, आईसीयू बेड समेत अन्य इंतजाम किए गए। इस अस्पताल में 700 से 800 मरीजों को भर्ती किया गया। वहीं आईसीयू में गंभीर 92 मरीजों को इलाज मिला। 14 जनवरी के बाद यहां मरीज भर्ती नहीं हुए। बाद में शासन के निर्देश पर एल-2 अस्पताल बंद कर दिया गया। महीने भर से अस्पताल पर ताला लटका है। आईसीयू की करोड़ों की मशीनें धूल फांक रही हैं। अगर इन मशीनों को लंबे समय तक उपयोग में नहीं लाया गया तो ये मशीनें कंडम भी हो सकती हैं। फिलहाल कोविड के मरीजों की संख्या बढ़ने पर इस अस्पताल को पांच दिन में चालू कर दिया जाएगा। इसके लिए सेहत महकमा तैयार है।
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क्या है आईसीयू में इंतजाम
- 30 आईसीयू बेड
- 10 वेंटीलेटर
- 23 एचएफएनसी
- 30 आईसीयू मॉनीटर सिस्टम
- 30 जंबो आक्सीजन सिलेंडर
- आक्सीजन यूनिट
- शासन ने एल-2 अस्पताल बंद करने और संक्रमितों की संख्या बढ़ने पर फिर से पांच दिन के भीतर तैयार करने के निर्देश दिए थे। इसके तहत अस्पताल बंद कर दिया गया है। जरूरत पड़ने पर एल-2 अस्पताल शुरू कर दिया जाएगा। चौदह जनवरी के बाद यहां कोई नया मरीज भी भर्ती नहीं किया गया था। आईसीयू का उपयोग के लिए शासन से दिशानिर्देश लिया जाएगा।
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