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मुरादाबाद : मां की हत्या में बेटे को आजीवन कारावास
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मुरादाबाद। डिलारी के सरकड़ा विश्नोई गांव में आठ साल पहले जमीन बेचने के विरोध में गला घोंटकर अपनी मां की हत्या करने वाले आरोपी बेटे देवेंद्र को जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, जबकि अदालत ने दोषी पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
डिलारी थानाक्षेत्र के सरकड़ा गांव निवासी प्रकाश वती पत्नी डोरी सिंह की लाश आठ जुलाई 2012 को गांव के पास नहर किनारे पड़ी मिली थी। पीएम रिपोर्ट में महिला की गला घोंट कर हत्या की पुष्टि हुई थी। इस मामले में पुलिस ने गांव के चौकीदार शौकत अली की ओर से महिला के बेटे देवेंद्र के खिलाफ हत्या की धारा 302 और साक्ष्य छिपाने की धारा 201 के तहत केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए आरोपी बेटे को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने दावा किया था कि देवेंद्र शराब पीने का आदी था। वो अपने हिस्से की जमीन बेचना चाहता था। मां प्रकाशवती इसका विरोध कर रही थी। प्रकाशवती जमीन अपने दूसरे बेटे के पोते को देना चाहती थी। इसी के चलते आरोपी ने मां की गला घाेंटकर हत्या कर दी और उसकी लाश गांव के पास नहर किनारे फेंक आया था। पुलिस ने तफ्तीश पूरी करने के बाद आरोपी बेटे के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। इस केस की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश देवी शंकर प्रसाद श्रीवास्तव की अदालत में चली। जिसमें सरकार की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता नितिन गुप्ता और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव अग्रवाल ने पक्ष रखा और मुलजिम बेटे को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए दलीलें दीं। अदालत ने नौ लोगों की गवाही हुई। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मुलजिम बेटे देवेंद्र को अपनी मां की हत्या में दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है, जबकि पच्चीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी बेटे को कड़ी सुरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
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डिलारी थानाक्षेत्र के सरकड़ा गांव निवासी प्रकाश वती पत्नी डोरी सिंह की लाश आठ जुलाई 2012 को गांव के पास नहर किनारे पड़ी मिली थी। पीएम रिपोर्ट में महिला की गला घोंट कर हत्या की पुष्टि हुई थी। इस मामले में पुलिस ने गांव के चौकीदार शौकत अली की ओर से महिला के बेटे देवेंद्र के खिलाफ हत्या की धारा 302 और साक्ष्य छिपाने की धारा 201 के तहत केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए आरोपी बेटे को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने दावा किया था कि देवेंद्र शराब पीने का आदी था। वो अपने हिस्से की जमीन बेचना चाहता था। मां प्रकाशवती इसका विरोध कर रही थी। प्रकाशवती जमीन अपने दूसरे बेटे के पोते को देना चाहती थी। इसी के चलते आरोपी ने मां की गला घाेंटकर हत्या कर दी और उसकी लाश गांव के पास नहर किनारे फेंक आया था। पुलिस ने तफ्तीश पूरी करने के बाद आरोपी बेटे के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। इस केस की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश देवी शंकर प्रसाद श्रीवास्तव की अदालत में चली। जिसमें सरकार की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता नितिन गुप्ता और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव अग्रवाल ने पक्ष रखा और मुलजिम बेटे को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए दलीलें दीं। अदालत ने नौ लोगों की गवाही हुई। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मुलजिम बेटे देवेंद्र को अपनी मां की हत्या में दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है, जबकि पच्चीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी बेटे को कड़ी सुरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
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