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सावधान! भले ही कोरोना मुक्त हुआ मुरादाबाद पर लॉकडाउन तोड़ा तो हालात होंगे खराब
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मुरादाबाद। कोरोना वारियर्स के अथक प्रयास और लोगों की सजगता से मुरादाबाद जिला कोरोना के संक्रमण से मुक्त होने वाला प्रदेश का 36वां शहर बन गया है। जिले में फ्रांस से लौटी मूंढापांडे की एकमात्र युवती मारिशा कोरोना के संक्रमण की चपेट में थी, जो शुक्रवार को स्वस्थ होकर घर लौट गई है। यह भले ही खुश होने की बात है पर इस खुशी में कहीं हम भ्रमित न हो जाएं। जरा सी भी लापरवाही इस सारी मेहनत पर पानी फेर सकती है। ऐसे में यह बेहद जरूरी है कि सोशल डिस्टेंसिंग रखें और लॉकडाउन का शत प्रतिशत पालन करें।
मुरादाबाद प्रदेश के सबसे बड़ी आबादी वाले जिलों में शामिल है। जिले में चार तहसील, नौ निकाय, 1210 गांवों और आठ ब्लाक हैं। 2011 की जनगणना के अनुसार की आबादी करीब 4772006 है। इनमें 2503186 पुरुष और 2268820 महिलाएं शामिल हैं। कोरोना संक्रमण के लिहाज से मुरादाबाद सबसे संवेदनशील श्रेणी में था। यहां से यूरोपीय देशों में पीतल का कारोबार और खाड़ी देशों में रोजगार और पढ़ाई के लिए लोगों की आवाजाही अधिक है। दुनियाभर में कोरोना की दहशत के बाद मुरादाबाद में 1291 लोग विदेश यात्रा कर लौटे। स्वास्थ्य विभाग ने 1146 का सत्यापन पूरा कर क्वारंटीन में रखा।
120 से ज्यादा लोग किए गए हैं क्वारंटीन
दिल्ली निजामुद्दीन से लौटने वाले जमातियों और उनके संपर्क में आए 120 से अधिक लोगों को क्चारंटीन किया गया। जिले के बार्डर सील करने के बाद बाहरी जिलों में कोरोना पाजिटिव लोगों के संपर्क में आने या पाजिटिव लोगों के मुरादाबाद में ठहरने के दौरान उनके संपर्क में आए लोगों को चिह्नित कने के लिए हेल्थ आडिट अभियान चलाया। शनिवार तक घर घर जाकर 25258 लोगों की कोरोना लक्षणों की जांच हो चुकी है। बाहरी जिलों और प्रदेशों से आए हजारों लोगों लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग हो चुकी है। कोरोना संदिग्ध 147 सैंपलों की जांच कराई जा चुकी है। इनमें अभी तक एकमात्र संक्रमित युवती भी ठीक होकर घर लौटी चुकी है।
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39 जिलों में है कोरोना
लॉकडाउन में लोगों के घरों में रहने और उनकी सजगता से पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग मुरादाबाद जिले को संक्रमण मुक्त बना सकता है। प्रदेश में 75 जिलों में 39 जिलें कोरोना संक्रमण से जूझ रहे हैं। मुरादाबाद कोरोना से बाहर होने वाला 36वां जिला बना है। जबकि मुरादाबाद मंडल में अमरोहा और रामपुर जिला कोरोना से जूझ रहा है। ऐसे में लोगों को लॉकडाउन का पालन और जरूरी कार्य से बाहर निकलने पर सोशल डिस्टेंसिग का पालन करना जरूरी है।
लॉकडाउन का पालन ही कोरोना का इलाज: डा. हसन
मुरादाबाद। सांसद डा. एसटी हसन पेशे से एक डाक्टर हैं। डा. हसन का कहना है कि मुरादाबाद जिला कोरोना मुक्त जरूर हुआ है, लेकिन सावधानी जरूरी है। उन्होंने कहा कि कोरोना खमोशी से दरवाजे पर दस्तक देकर संक्रमण दे जाता है। जिन लोगों में कोरोना के लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हैं वो समाज के लिए बड़ा खतरा हैं। रामपुर में पांच ऐसे ही लोग कोरोना के पाजिटिव मिले हैं। उन्होंने अपील की है कि लोग घरों में रहकर लॉकडाउन और सोशल डिस्टेसिंग का पालन करें। जब तक दवा नहीं बनती यही कोरोना का इलाज है।
कुछ महत्वपूर्ण तथ्य
0 हो गई अब मुरादाबाद में कोरोना पॉजीटिव की संख्या
36 वां ऐसा जिला बना जो कोरोना से मुक्त है
120 से ज्यादा लोग किए गए हैं क्वारंटीन
147 कोरोना संदिग्धों के सैंपलों की कराई जा चुकी है जांच
1291 लोग यहां विदेश से यात्रा कर लौटे
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मुरादाबाद प्रदेश के सबसे बड़ी आबादी वाले जिलों में शामिल है। जिले में चार तहसील, नौ निकाय, 1210 गांवों और आठ ब्लाक हैं। 2011 की जनगणना के अनुसार की आबादी करीब 4772006 है। इनमें 2503186 पुरुष और 2268820 महिलाएं शामिल हैं। कोरोना संक्रमण के लिहाज से मुरादाबाद सबसे संवेदनशील श्रेणी में था। यहां से यूरोपीय देशों में पीतल का कारोबार और खाड़ी देशों में रोजगार और पढ़ाई के लिए लोगों की आवाजाही अधिक है। दुनियाभर में कोरोना की दहशत के बाद मुरादाबाद में 1291 लोग विदेश यात्रा कर लौटे। स्वास्थ्य विभाग ने 1146 का सत्यापन पूरा कर क्वारंटीन में रखा।
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120 से ज्यादा लोग किए गए हैं क्वारंटीन
दिल्ली निजामुद्दीन से लौटने वाले जमातियों और उनके संपर्क में आए 120 से अधिक लोगों को क्चारंटीन किया गया। जिले के बार्डर सील करने के बाद बाहरी जिलों में कोरोना पाजिटिव लोगों के संपर्क में आने या पाजिटिव लोगों के मुरादाबाद में ठहरने के दौरान उनके संपर्क में आए लोगों को चिह्नित कने के लिए हेल्थ आडिट अभियान चलाया। शनिवार तक घर घर जाकर 25258 लोगों की कोरोना लक्षणों की जांच हो चुकी है। बाहरी जिलों और प्रदेशों से आए हजारों लोगों लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग हो चुकी है। कोरोना संदिग्ध 147 सैंपलों की जांच कराई जा चुकी है। इनमें अभी तक एकमात्र संक्रमित युवती भी ठीक होकर घर लौटी चुकी है।
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39 जिलों में है कोरोना
लॉकडाउन में लोगों के घरों में रहने और उनकी सजगता से पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग मुरादाबाद जिले को संक्रमण मुक्त बना सकता है। प्रदेश में 75 जिलों में 39 जिलें कोरोना संक्रमण से जूझ रहे हैं। मुरादाबाद कोरोना से बाहर होने वाला 36वां जिला बना है। जबकि मुरादाबाद मंडल में अमरोहा और रामपुर जिला कोरोना से जूझ रहा है। ऐसे में लोगों को लॉकडाउन का पालन और जरूरी कार्य से बाहर निकलने पर सोशल डिस्टेंसिग का पालन करना जरूरी है।
लॉकडाउन का पालन ही कोरोना का इलाज: डा. हसन
मुरादाबाद। सांसद डा. एसटी हसन पेशे से एक डाक्टर हैं। डा. हसन का कहना है कि मुरादाबाद जिला कोरोना मुक्त जरूर हुआ है, लेकिन सावधानी जरूरी है। उन्होंने कहा कि कोरोना खमोशी से दरवाजे पर दस्तक देकर संक्रमण दे जाता है। जिन लोगों में कोरोना के लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हैं वो समाज के लिए बड़ा खतरा हैं। रामपुर में पांच ऐसे ही लोग कोरोना के पाजिटिव मिले हैं। उन्होंने अपील की है कि लोग घरों में रहकर लॉकडाउन और सोशल डिस्टेसिंग का पालन करें। जब तक दवा नहीं बनती यही कोरोना का इलाज है।
कुछ महत्वपूर्ण तथ्य
0 हो गई अब मुरादाबाद में कोरोना पॉजीटिव की संख्या
36 वां ऐसा जिला बना जो कोरोना से मुक्त है
120 से ज्यादा लोग किए गए हैं क्वारंटीन
147 कोरोना संदिग्धों के सैंपलों की कराई जा चुकी है जांच
1291 लोग यहां विदेश से यात्रा कर लौटे