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मंत्री जी ! अपने गांव में कब चलाएंगे सफाई अभियान
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Sat, 25 Mar 2017 02:39 AM IST
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पंचायती राज एवं लोक निर्माण विभाग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भूपेंद्र सिंह के गांव का हाल
- फोटो : अमर उजाला
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राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भूपेंद्र सिंह के गांव महेंद्री सिकंदरपुर में समस्याओं का अंबार है। गांव की ओर अधिकारियों का ध्यान ही नहीं है। गांव में सफाई की महज औपचारिकता ही पूरी की गई है। नालियों में पानी का बहाव आज भी थमा हुआ है।
साफ सफाई के नाम पर इतना कराया गया है कि नालियों से कुछ सिल्ट निकालकर सड़कों पर जरूर डाल दी गई है, लेकिन नालियों में पानी अब भी जमा है। गांव में अर्से से प्राथमिक विद्यालय है लेकिन आज तक इसकी चाहरदीवारी नहीं हुई है।
पुराने समय के बने इस स्कूल में भवन की भी कमी है। चाहरदीवारी न होने के कारण स्कूल के पास ही कूड़ा पड़ा रहता है। भवन पुराना होने के कारण कई जगह दरार भी दिखाई देती है। गांव में न अस्पताल है और न ही कोई अन्य स्वास्थ्य सेवा।
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बिजली है, लेकिन आपूर्ति की समस्या रहती है। गांव में पुराने ईटों के खडंजे हैं। कई रास्तों में नालियों का गंदा पानी बाहर होकर बह रहा है। कई रास्ते बनने के लिए बाट जोह रहे हैं। भूपेंद्र चौधरी को मंत्री बने पांच दिन बीत गए हैं, लेकिन अभी तक किसी भी अफसर ने गांव का दौरा नहीं किया है।
उधर, गांव वालों को उम्मीद है कि अब गांव की हालत में सुधार होगा। गांव में शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं के साथ ही बिजली आपूर्ति सुधार भी होगा ऐसी आस लगाए ग्रामीण हैं।
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साफ सफाई के नाम पर इतना कराया गया है कि नालियों से कुछ सिल्ट निकालकर सड़कों पर जरूर डाल दी गई है, लेकिन नालियों में पानी अब भी जमा है। गांव में अर्से से प्राथमिक विद्यालय है लेकिन आज तक इसकी चाहरदीवारी नहीं हुई है।
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पुराने समय के बने इस स्कूल में भवन की भी कमी है। चाहरदीवारी न होने के कारण स्कूल के पास ही कूड़ा पड़ा रहता है। भवन पुराना होने के कारण कई जगह दरार भी दिखाई देती है। गांव में न अस्पताल है और न ही कोई अन्य स्वास्थ्य सेवा।
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बिजली है, लेकिन आपूर्ति की समस्या रहती है। गांव में पुराने ईटों के खडंजे हैं। कई रास्तों में नालियों का गंदा पानी बाहर होकर बह रहा है। कई रास्ते बनने के लिए बाट जोह रहे हैं। भूपेंद्र चौधरी को मंत्री बने पांच दिन बीत गए हैं, लेकिन अभी तक किसी भी अफसर ने गांव का दौरा नहीं किया है।
उधर, गांव वालों को उम्मीद है कि अब गांव की हालत में सुधार होगा। गांव में शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं के साथ ही बिजली आपूर्ति सुधार भी होगा ऐसी आस लगाए ग्रामीण हैं।