{"_id":"6ac0175ec03efecae50d13c5","slug":"children-who-had-not-studied-in-grades-1-through-5-were-directly-admitted-to-grades-6-through-8-moradabad-news-c-15-1-mbd1055-1006828-2026-10-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad News: पहली से पांचवीं तक नहीं पढ़े, 35 बच्चों को सीधा 6वीं से 8वीं में मिला दाखिला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad News: पहली से पांचवीं तक नहीं पढ़े, 35 बच्चों को सीधा 6वीं से 8वीं में मिला दाखिला
विज्ञापन
मुरादाबाद। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत छह से 14 वर्ष की उम्र के हर बच्चे को प्रारंभिक शिक्षा से जोड़ने का प्रावधान है, लेकिन किन्हीं कारणों से स्कूल से दूर रह गए बच्चों को अब उम्र के अनुरूप कक्षा में प्रवेश देकर पढ़ाई की राह पर लाया जा रहा है। इस साल ऐसे 35 बच्चों को राजकीय इंटर कॉलेज में सीधे कक्षा छह, सात और आठ में प्रवेश दिया गया है। इन बच्चों ने पहली से पांचवीं तक पढ़ाई नहीं की थी।
राजकीय इंटर कॉलेज में दाखिला लेने वाले करीब 35 बच्चों में 20 कक्षा छह, 10 कक्षा सात और पांच बच्चे कक्षा आठ में पढ़ रहे हैं। स्कूल प्रबंधन के अनुसार बच्चों को उनकी उम्र के आधार पर संबंधित कक्षा में प्रवेश दिया गया है, ताकि वे अपने हम उम्र बच्चों के साथ पढ़ाई कर सकें और शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ सकें। प्रधानाचार्य बलवीर सिंह ने बताया कि इन बच्चों ने पहली से पांचवीं तक की पढ़ाई नहीं की है। उम्र के अनुसार उन्हें सीधे अगली कक्षाओं में प्रवेश दिया गया है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के अनुसार, छह वर्ष से अधिक उम्र के ऐसे बच्चे, जो कभी स्कूल में दाखिल नहीं हुए या प्रारंभिक शिक्षा पूरी नहीं कर पाए हैं, उन्हें उनकी उम्र के अनुरूप कक्षा में प्रवेश देने का प्रावधान है। इसके साथ ही उन्हें अन्य बच्चों के शैक्षिक स्तर तक लाने के लिए विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की जाती है। उन्होंने बताया कि हर साल 25 से 35 ऐसे बच्चों का दाखिला किया जाता है। इस साल 35 बच्चों को प्रवेश मिला है। स्कूल प्रबंधन का प्रयास है कि पढ़ाई से छूट गए बच्चों को उम्र के अनुसार कक्षा में लाकर उनका शैक्षिक अंतर कम किया जाए।
विज्ञापन
राजकीय इंटर कॉलेज में दाखिला लेने वाले करीब 35 बच्चों में 20 कक्षा छह, 10 कक्षा सात और पांच बच्चे कक्षा आठ में पढ़ रहे हैं। स्कूल प्रबंधन के अनुसार बच्चों को उनकी उम्र के आधार पर संबंधित कक्षा में प्रवेश दिया गया है, ताकि वे अपने हम उम्र बच्चों के साथ पढ़ाई कर सकें और शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ सकें। प्रधानाचार्य बलवीर सिंह ने बताया कि इन बच्चों ने पहली से पांचवीं तक की पढ़ाई नहीं की है। उम्र के अनुसार उन्हें सीधे अगली कक्षाओं में प्रवेश दिया गया है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के अनुसार, छह वर्ष से अधिक उम्र के ऐसे बच्चे, जो कभी स्कूल में दाखिल नहीं हुए या प्रारंभिक शिक्षा पूरी नहीं कर पाए हैं, उन्हें उनकी उम्र के अनुरूप कक्षा में प्रवेश देने का प्रावधान है। इसके साथ ही उन्हें अन्य बच्चों के शैक्षिक स्तर तक लाने के लिए विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की जाती है। उन्होंने बताया कि हर साल 25 से 35 ऐसे बच्चों का दाखिला किया जाता है। इस साल 35 बच्चों को प्रवेश मिला है। स्कूल प्रबंधन का प्रयास है कि पढ़ाई से छूट गए बच्चों को उम्र के अनुसार कक्षा में लाकर उनका शैक्षिक अंतर कम किया जाए।
विज्ञापन