यूपी: तीन माह में जारी हुए 40 शस्त्र लाइसेंस, 14 भाजपा के मंडल अध्यक्षों को; आम लोग काटते हैं चक्कर, न मिलते
मुरादाबाद शस्त्र लाइसेंस विवाद: मुरादाबाद के तत्कालीन डीएम डॉ. राजेंद्र कुमार पैंसिया ने करीब साढ़े चार महीने में 40 शस्त्र लाइसेंस जारी किए। इनमें 14 लाइसेंस भाजपा के मंडल अध्यक्षों को मिले। करीब 25 आवेदन अभी लंबित हैं। इनमें 10 भाजपा मंडल अध्यक्षों के आवेदन भी शामिल हैं, जिनकी सत्यापन रिपोर्ट आने से पहले ही डीएम का तबादला हो गया।
विस्तार
अपने छोटे से कार्यकाल में तत्कालीन डीएम डॉ. राजेंद्र कुमार पैंसिया लाइसेंस के बड़े काम कर गए। पूर्व के डीएम जहां नियमों का हवाला देकर लाइसेंस जारी करने से बचते रहे वहीं उन्होंने 40 लाइसेंस जारी किए हैं।
इनमें 14 तो अकेले भाजपा के मंडल अध्यक्षों के ही हैं। बाकी भी शहर के प्रभावशाली लोगों को ही मिले हैं। करीब दस लाइसेंस मंजूरी की लाइन में थे लेकिन इसी बीच उनका मुरादाबाद से तबादला हो गया।
संभल के डीएम रह चुके डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने पांच मई को मुरादाबाद डीएम का कार्यभार संभाला था। 21 सितंबर को उनका तबादला यहां से कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग के विशेष सचिव पद पर हो गया। उनका कार्यालय करीब साढ़े चार महीने का रहा।
करीब 60 से ज्यादा लोगों ने शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन
उन्होंने शस्त्र लाइसेंस की आवेदन प्रक्रिया में ही फेरबदल कर दिया। ऑनलाइन की जगह ऑफलाइन आवेदन लिए गए। सूत्रों के मुताबिक करीब 60 से ज्यादा लोगों ने शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन किए।
25 आवेदन अभी लंबित
इनमें से करीब 40 लोगों को शस्त्र लाइसेंस जारी भी कर दिया गया। 25 आवेदन अभी लंबित पड़े हैं। जिन 40 लोगों को लाइसेंस जारी किया गया है इनमें 14 लोग भाजपा से जुड़े हैं। ये सभी भाजपा के मंडल अध्यक्ष हैं। इनमें 13 मंडल अध्यक्ष जिला कमेटी से जुड़े हैं। जबकि महानगर कमेटी से एक मंडल अध्यक्ष शामिल हैं।
चर्चा का विषय बना
बाकी 10 मंडल अध्यक्षों की सत्यापन रिपोर्ट थानों से आने में देरी हो गई। अभी इनकी रिपोर्ट थानों से आती कि इससे पहले डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया का तबादला हो गया। ऐसे में शस्त्र लाइसेंस के 25 आवेदन लंबित पड़े हैं। इसमें 15 आवेदन अन्य लोगों के शामिल हैं। एक साथ भाजपा से जुड़े 14 लोगों के शस्त्र लाइसेंस जारी होना सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
जिला कमेटी से जुड़े भाजपा के 14 मंडल अध्यक्षों ने शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन कर रखा था। ये आवेदन काफी समय पहले किया था। करीब एक महीने पहले 13 मंडल अध्यक्षों के लाइसेंस जारी हो गए। एक मंडल अध्यक्ष की रिपोर्ट थाने से नहीं आ पाई है। - आकाश पाल, भाजपा जिलाध्यक्ष
महानगर कमेटी से जुड़े सभी 10 मंडल अध्यक्षों की ओर से करीब एक महीने पहले शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन किया गया था। एक मंडल अध्यक्ष का लाइसेंस बन गया है। बाकी आवेदन लंबित हैं। - गिरीश भंडूला, भाजपा महानगर अध्यक्ष
| मंडल के नाम | अध्यक्ष के नाम |
|---|---|
| कांठ | अंकुश चौहान |
| छजलैट | आंचल चौधरी |
| पाकबड़ा | दीपक चौधरी |
| अगवानपुर | संजय विश्नोई |
| ठाकुरद्वारा देहात | हरिओम सिंह |
| ठाकुरद्वारा नगर | दीपक वाल्मीकि |
| डिलारी | हरपाल सिंह सैनी |
| दलपतपुर | नीरज चंद्रा |
| मूंढापांडे | महेंद्र सिंह सैनी |
| बिलारी | विकास गुप्ता |
| खावरी अब्बल | दयाराम मौर्य |
| नमैनी पहाड़पुर | पारस शर्मा |
| महमूदपुर माफी | रवि कुमार पासी |
| सिविल लाइंस | सोमपाल प्रजापति |
इन मंडल अध्यक्षों के आवेदन लंबित
कटघर मंडल से राजीव शर्मा, दस सराय से गजेंद्र लोधी, मध्यनगर से सूर्यमोहन शमशेरी, चंद्रनगर से कपिल गुप्ता, लाइनपार से मिथुन शर्मा, रामगंगा विहार से विपिन प्रजापति, दीवान का बाजार से विशाल रस्तोगी, सेहल से सतेंद्र सिंह सैनी और भोजपुर मंडल अध्यक्ष वीरपाल सिंह।
जिला कमेटी के दो मंडल अध्यक्षों ने नहीं किया आवेदन
जिला कमेटी दो मंडल अध्यक्षों ने शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन नहीं किया था। इसमें भगतपुर मंडल के अध्यक्ष पवन कुमार शर्मा और रतनपुर कलां मंडल अध्यक्ष बबलू सिंह शामिल हैं। जबकि कुंदरकी मंडल अध्यक्ष संजय कश्यप की थाने से रिपोर्ट नहीं लग पाई थी। इस कारण इनका शस्त्र लाइसेंस नहीं बन सका।
आम लोग लाइसेंस के लिए काटते हैं चक्कर, नहीं जारी होते लाइसेंस
जान माल का खतरा सिर्फ नेताओं और कारोबारियों को ही नहीं है। बल्कि आम लोगों को भी खतरा रहता है। ये लोग चक्कर काटते-काटते थक जाते थे लेकिन शस्त्र लाइसेंस जारी नहीं हो पाते हैं। जबकि ये लोग कई बार थाने-चौकी से रिपोर्ट लगवा चुका होते हैं।