संभल हिंसा: चार हत्याओं के आरोपी मुल्ला अफरोज की चंदाैसी कोर्ट में पेशी, दो मामलों में अगली तारीख तय
संभल हिंसा में चार हत्याओं के आरोपी मुल्ला अफरोज, गुलाम और वारिस के खिलाफ चल रहे दो मुकदमों में बृहस्पतिवार को सुनवाई नहीं हो सकी। अधिवक्ता के उपस्थित नहीं होने पर बिलाल हत्याकांड में पांच अक्टूबर और नईम हत्याकांड में 15 अक्टूबर की तारीख तय की गई।
विस्तार
संभल हिंसा के दाैरान चार हत्याओं के मामलों में आरोपी मुल्ला अफरोज, गुलाम और वारिस के खिलाफ जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. विदूषी सिंह की अदालत में सुनवाई हुई। बृहस्पतिवार को बिलाल और नईम की हत्या से जुड़े दो मुकदमों में सुनवाई होनी थी, लेकिन आरोपी पक्ष के अधिवक्ता के उपस्थित नहीं होने के कारण दोनों मामलों में अगली तारीख तय कर दी गई।
बिलाल हत्याकांड में पांच अक्टूबर और नईम हत्याकांड में 15 अक्टूबर को सुनवाई होगी। बता दें कि 19 नवंबर 2024 को संभल की जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर होने का दावा करते हुए केला देवी मंदिर के महंत ऋषिराज गिरी, अधिवक्ता हरिशंकर जैन समेत आठ लोगों ने सिविल जज सीनियर डिवीजन, चंदौसी की अदालत में वाद दायर किया था।
24 नवंबर 2024 की सुबह मस्जिद के दोबारा सर्वे के दौरान हिंसा भड़क गई थी। इसमें बिलाल निवासी सरायतरीन, नईम और अयान निवासी मोहल्ला कोटगर्वी तथा कैफ निवासी तुर्तीपुर इल्हा की मौत हुई थी। इन घटनाओं को लेकर कोतवाली संभल में तीन और थाना नखासा में एक मुकदमा दर्ज किया गया। सभी मामलों की सुनवाई जनपद न्यायाधीश डॉ. विदूषी सिंह की अदालत में चल रही है।
मुकदमा अपराध संख्या 340/2024 में वादी सलमान की ओर से दर्ज बिलाल की हत्या के मामले में मुल्ला अफरोज और गुलाम आरोपी हैं। बृहस्पतिवार को दोनों अदालत में पेश हुए। मुल्ला अफरोज जेल से बाहर आने के बाद खुद और गुलाम जेल से कोर्ट में पेश हुआ। अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों को लेकर दोनों आरोपियों को अपना पक्ष रखना था। हालांकि, आरोपी पक्ष के अधिवक्ता के उपस्थित नहीं होने पर स्थगन की मांग की गई। इस पर अदालत ने अगली सुनवाई के लिए पांच अक्टूबर की तारीख तय कर दी।
नईम हत्याकांड में 15 अक्टूबर को सुनवाई
मुकदमा अपराध संख्या 338/2024 में वादी तसलीम की ओर से दर्ज नईम की हत्या के मामले में मुल्ला अफरोज, गुलाम और वारिस आरोपी हैं। इस मामले में भी बृहस्पतिवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन अधिवक्ता के उपस्थित नहीं होने के कारण अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 15 अक्टूबर की तारीख तय कर दी।
चार हत्या के मुकदमों का सामना कर रहा मुल्ला अफरोज
जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल दीक्षित ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मुल्ला अफरोज पर लगा एनएसए निरस्त हो चुका है और वह जेल से बाहर है। उन्होंने बताया कि मुल्ला अफरोज के खिलाफ हत्या के चार मुकदमे दर्ज हैं। इन मामलों में अदालत के समक्ष साक्ष्य प्रस्तुत किए जा चुके हैं। अभियोजन पक्ष का कहना है कि एनएसए निरस्त होने का इन हत्या के मुकदमों की सुनवाई पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और मामलों का निर्णय प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर होगा।