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Moradabad News: डीफार्मा कराने का झांसा देकर छह लाख की ठगी की
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मुरादाबाद। डीफार्मा का कोर्स कराने का झांसा देकर बरेली निवासी युवक ने क्लीनिक संचालक से 11 लोगों का प्रवेश कराने के नाम पर छह लाख रुपये ले लिए। बिना परीक्षा कराए आरोपी ने फर्जी सर्टिफिकेट तैयार कर दे दिए। यूनिवर्सिटी से जांच कराने पर प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए। पीड़ित ने पैसे वापस मांगे तो आरोपी धमकी देने लगा। इस मामले में एसएसपी के आदेश पर मझोला पुलिस ने केस दर्ज किया है।
मझोला थाना क्षेत्र के नया गांव आंबेडकरनगर लाकड़ी फाजलपुर निवासी अजय कुमार की तहरीर पर पुलिस ने बरेली के इज्जतनगर थाना क्षेत्र के रामनगर कालोनी रोड नंबर - 1 निवासी जितेंद्र पाल सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का केस दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार अजय कुमार ने बताया कि वह गांगन स्थित साई हेल्थ केयर के नाम से क्लीनिक चलाता है। सितंबर 2022 में उसने एसकेएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट का एक विज्ञापन देखा। जिसमें गरीब छात्र-छात्राओ को डीफार्मा नर्सिंग कोर्स कराने की बात बताई गई थी। अजय ने विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर कॉल किया। फोन रीसिव करने वाले ने डीफार्मा नर्सिंग का कोर्स करने के लिए छह लाख रुपये में न्यूनतम पेपर पर 11 छात्रों का एडमिशन कराने की बात कही। इसके बाद अजय ने एडमिशन के लिए चार लाख 50 हजार रुपये गूगल पे से दिए। इसके बाद जितेंद्र पाल सिंह ने गांगन में आकर डेढ़ लाख रुपये कैश लिए। उसने 11 लोगों के एडमिशन से संबंधित प्रमाणपत्र भी उपलब्ध कराए। उसने बगैर परीक्षा कराए सर्टिफिकेट भी दे दिए। यूनिवर्सिटी में जांच के दौरान सर्टिफिकेट फर्जी पाए गए। पीड़ित अजय कुमार ने आरोपी जितेंद्र पाल से बात करने का प्रयास किया लेकिन उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। कुछ दिनों से आरोपी पैने की मांग करने पर गाली गलौज करता था और जान से मारने तक की धमकी देता था। आरोपी पीड़ित को ही फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देने लगा। परेशान होकर पीड़ित अजय ने एसएसपी से गुहार लगाई। इसके बाद केस दर्ज किया गया। इस बारे में सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर ने बताया कि तहरीर के आधार पर मझोला पुलिस ने आरोपी जितेंद्र पाल सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस इस केस की तफ्तीश कर रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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मझोला थाना क्षेत्र के नया गांव आंबेडकरनगर लाकड़ी फाजलपुर निवासी अजय कुमार की तहरीर पर पुलिस ने बरेली के इज्जतनगर थाना क्षेत्र के रामनगर कालोनी रोड नंबर - 1 निवासी जितेंद्र पाल सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का केस दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार अजय कुमार ने बताया कि वह गांगन स्थित साई हेल्थ केयर के नाम से क्लीनिक चलाता है। सितंबर 2022 में उसने एसकेएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट का एक विज्ञापन देखा। जिसमें गरीब छात्र-छात्राओ को डीफार्मा नर्सिंग कोर्स कराने की बात बताई गई थी। अजय ने विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर कॉल किया। फोन रीसिव करने वाले ने डीफार्मा नर्सिंग का कोर्स करने के लिए छह लाख रुपये में न्यूनतम पेपर पर 11 छात्रों का एडमिशन कराने की बात कही। इसके बाद अजय ने एडमिशन के लिए चार लाख 50 हजार रुपये गूगल पे से दिए। इसके बाद जितेंद्र पाल सिंह ने गांगन में आकर डेढ़ लाख रुपये कैश लिए। उसने 11 लोगों के एडमिशन से संबंधित प्रमाणपत्र भी उपलब्ध कराए। उसने बगैर परीक्षा कराए सर्टिफिकेट भी दे दिए। यूनिवर्सिटी में जांच के दौरान सर्टिफिकेट फर्जी पाए गए। पीड़ित अजय कुमार ने आरोपी जितेंद्र पाल से बात करने का प्रयास किया लेकिन उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। कुछ दिनों से आरोपी पैने की मांग करने पर गाली गलौज करता था और जान से मारने तक की धमकी देता था। आरोपी पीड़ित को ही फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देने लगा। परेशान होकर पीड़ित अजय ने एसएसपी से गुहार लगाई। इसके बाद केस दर्ज किया गया। इस बारे में सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर ने बताया कि तहरीर के आधार पर मझोला पुलिस ने आरोपी जितेंद्र पाल सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस इस केस की तफ्तीश कर रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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