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Moradabad News: सीसीयू का निर्माण धीमा, एक माह में नहीं खोद पाए बुनियाद
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मुरादाबाद। स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के लिए बनाई जा रही क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण बेहद धीमी गति से चल रहा है। निर्माण कार्य तो अभी शुरू ही नहीं हुआ है, लेबर को बुनियाद खोदने में ही एक माह बीत गया है। फरवरी में इस यूनिट का शिलान्यास हो चुका है। अगले वर्ष तक इसे पूरा करने का लक्ष्य है, जिसके लिए शुरुआती चरण में ही काम पिछड़ रहा है।
सिविल लाइंस क्षेत्र में केंद्रीय पुलिस अस्पताल के पास खाली भूमि पर सीसीयू का निर्माण किया जाना है। स्वास्थ्य विभाग का प्लान है कि यहां 100 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट शुरू की जाए। इससे गंभीर मामलों में मरीजों को मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर न करना पड़े। वेंटिलेटर से लेकर अन्य सभी सुविधाएं यहां मिल सकें। फिलहाल जिला अस्पताल और महिला अस्पताल मिलाकर रोजाना औसतन चार मरीज रेफर किए जा रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानक के मुताबिक एक क्रिटिकल केयर यूनिट में गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए 24 घंटे विशेष देखभाल होनी चाहिए। इसमें वेंटिलेटर, कार्डियक मॉनिटर, ऑक्सीजन सप्लाई, और सक्शन मशीन जैसे जीवन रक्षक उपकरण, विशेषज्ञ डॉक्टर, और प्रशिक्षित नर्सें शामिल हैं। यहां हाई-स्पीड डायग्नोस्टिक्स (लैब/एक्स-रे) और इन्फेक्शन कंट्रोल के लिए सख्त नियम जरूरी हैं। ऐसे में निर्माण पूरा होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के लिए अगली चुनौती डॉक्टरों और प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति की होगी। सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह ने बताया कि सीसीयू की ड्राइंग पास होकर आने में थोड़ा समय लगा। इसके बाद नींव की खोदाई लगातार चल रही है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
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सिविल लाइंस क्षेत्र में केंद्रीय पुलिस अस्पताल के पास खाली भूमि पर सीसीयू का निर्माण किया जाना है। स्वास्थ्य विभाग का प्लान है कि यहां 100 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट शुरू की जाए। इससे गंभीर मामलों में मरीजों को मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर न करना पड़े। वेंटिलेटर से लेकर अन्य सभी सुविधाएं यहां मिल सकें। फिलहाल जिला अस्पताल और महिला अस्पताल मिलाकर रोजाना औसतन चार मरीज रेफर किए जा रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानक के मुताबिक एक क्रिटिकल केयर यूनिट में गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए 24 घंटे विशेष देखभाल होनी चाहिए। इसमें वेंटिलेटर, कार्डियक मॉनिटर, ऑक्सीजन सप्लाई, और सक्शन मशीन जैसे जीवन रक्षक उपकरण, विशेषज्ञ डॉक्टर, और प्रशिक्षित नर्सें शामिल हैं। यहां हाई-स्पीड डायग्नोस्टिक्स (लैब/एक्स-रे) और इन्फेक्शन कंट्रोल के लिए सख्त नियम जरूरी हैं। ऐसे में निर्माण पूरा होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के लिए अगली चुनौती डॉक्टरों और प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति की होगी। सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह ने बताया कि सीसीयू की ड्राइंग पास होकर आने में थोड़ा समय लगा। इसके बाद नींव की खोदाई लगातार चल रही है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
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