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रामपुर जिले में फिर होगा उपचुनाव
Tue, 14 Feb 2023 01:49 PM IST
ranjeett ranjeett
अमर उजाला ब्यूरो मुरादाबाद
अमर उजाला ब्यूरो मुरादाबाद
Published by: ranjeett ranjeett
Updated Tue, 14 Feb 2023 01:49 PM IST
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rampur
- फोटो : Amar Ujala
रामपुर। रामपुर में एक बार फिर से स्वार विधानसभा सीट पर उप चुनाव की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। कोर्ट से दो साल की सजा मिलने के बाद स्वार के विधायक अब्दुल्ला आजम की विधायकी जानी तय है। उनकी विधायकी रद्द होने की स्थिति में स्वार सीट को रिक्त घोषित कर दिया जाएगा। ऐस में यहां पर उप चुनाव कराया जाएगा।
2022 में रामपुर में दो उपचुनाव हो चुके हैं। वैसे रामपुर में उप चुनाव का सिलसिला 2019 से चल रहा है। 2019 में आजम खां ने विधायक रहते हुए रामपुर संसदीय सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ा था। लोकसभा का चुनाव जीतने के बाद उन्होंने विधानसभा की सीट छोड़ दी थी। 2019 में रामपुर विधानसभा सीट पर उप चुनाव हुआ था। जिसमें आजम खां की पत्नी डॉ. तजीन फात्मा ने जीत हासिल की थी। 2022 के विधानसभा चुनाव में सांसद रहते हुए आजम खां ने विधानसभा का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इसके बाद उन्होंने लोकसभा की सीट छोड़ दी। ब्यूरो
आजम खां के इस्तीफे के बाद लोकसभा का उपचुनाव मई 2022 में हुआ, जिसमें भाजपा ने जीत हासिल की।
इसके बाद नफरती भाषण देने के मामले में आजम खां को कोर्ट से तीन साल की सजा हो गई थी। जिसके बाद उनकी विधायकी चली गई। इसके बाद रामपुर विधानसभा सीट पर दिसंबर माह में उपचुनाव हुआ। इस उपचुनाव में भी बाजी भाजपा के हाथ रही। अब आजम खां के पुत्र और स्वार सीट से सपा विधायक की विधायकी भी जानी तय मानी जा रही है। इसके बाद स्वार सीट पर उपचुनाव का बिगुल बजेगा। इसको राजनीतिक सुगबुगाहट अभी से शुरू हो गई है।
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2022 में रामपुर में दो उपचुनाव हो चुके हैं। वैसे रामपुर में उप चुनाव का सिलसिला 2019 से चल रहा है। 2019 में आजम खां ने विधायक रहते हुए रामपुर संसदीय सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ा था। लोकसभा का चुनाव जीतने के बाद उन्होंने विधानसभा की सीट छोड़ दी थी। 2019 में रामपुर विधानसभा सीट पर उप चुनाव हुआ था। जिसमें आजम खां की पत्नी डॉ. तजीन फात्मा ने जीत हासिल की थी। 2022 के विधानसभा चुनाव में सांसद रहते हुए आजम खां ने विधानसभा का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इसके बाद उन्होंने लोकसभा की सीट छोड़ दी। ब्यूरो
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आजम खां के इस्तीफे के बाद लोकसभा का उपचुनाव मई 2022 में हुआ, जिसमें भाजपा ने जीत हासिल की।
इसके बाद नफरती भाषण देने के मामले में आजम खां को कोर्ट से तीन साल की सजा हो गई थी। जिसके बाद उनकी विधायकी चली गई। इसके बाद रामपुर विधानसभा सीट पर दिसंबर माह में उपचुनाव हुआ। इस उपचुनाव में भी बाजी भाजपा के हाथ रही। अब आजम खां के पुत्र और स्वार सीट से सपा विधायक की विधायकी भी जानी तय मानी जा रही है। इसके बाद स्वार सीट पर उपचुनाव का बिगुल बजेगा। इसको राजनीतिक सुगबुगाहट अभी से शुरू हो गई है।
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