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Indian Railways: फर्जी वेबसाइट बनाकर रेल यात्रियों को चूना लगा रहे दलाल
Wed, 11 Nov 2020 11:11 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 11 Nov 2020 11:11 AM IST
सार
- बुकिंग से पहले रहें सचेत, ट्रेन के कंफर्म टिकट के नाम पर हो न जाए ठगी
- त्योहारों से पहले आरपीएफ सतर्क, आठ फर्जी पोर्टल पकड़े
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भारतीय रेलवे की फेक वेबसाइट
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
त्योहारों के कारण स्पेशल ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट है। ऐसे में कुछ दलाल इसका फायदा उठाकर रेल यात्रियों को ठग रहे हैं। एक ही आईडी से कई टिकट निकालकर उनका मनमाना दाम वसूला जा रहा है। इसके अलावा दलालों ने एक नया तरीका भी ईजाद किया है। रेलवे या आईआरसीटीसी के अधिकृत पोर्टल से मिलती जुलती वेबसाइट बनाकर लोगों को चूना लगाया जा रहा है।
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आरपीएफ के मुताबिक एक सप्ताह में ऐसे आठ फर्जी पोर्टल पकड़े गए हैं। गजब यह है कि यह फर्जी पोर्टल अधिकृत पोर्टल से कुछ तेज कार्य करते हैं, जिसका सहारा लेकर दलालों का धंधा फल फूल रहा है। आईआरसीटीसी की ओर से निजी आईडी बनाकर रेल टिकट बुक करने की सुविधा इसलिए है जिससे आपको भीड़ से छुटकारा मिले, लेकिन कुछ लोग इस आईडी का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।
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आरपीएफ ऐसे दलालों पर शिकंजा कसने की तैयारी में है। यदि आपने भी आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर पर्सनल आईडी बनाकर रेल टिकट बेचने वाले एजेंटों से टिकट बुक कराई है तो सावधान हो जाएं। इस प्रकार के टिकट के लिए न सिर्फ यात्रियों से ज्यादा कीमत वसूली जाती है। इसके अलावा यात्री इन टिकटों पर सफर नहीं कर पाएंगे, क्योंकि आरपीएफ उन्हें फौरन रद्द करवा देगी। ऐसे में टिकट बुक करते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि पीआरएस काउंटर या आरसीटीसी की अधिकृत वेबसाइट से ही टिकट खरीदें।
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तत्काल टिकट में भी हो रहा खेल
दलाल सिर्फ मंहगा टिकट बेचकर ही संतुष्ट नहीं है, बल्कि तत्काल बुकिंग सेवा पर भी सेंध लगा रहे हैं। आरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट अभय प्रताप का कहना है कि फर्जी वेबसाइट के जरिए कुछ एजेंट तत्काल बुकिंग में मिलने वाले टिकटों को भी बुक करा रहे हैं और फिर उन्हें बेच देते हैं।
चौंकाने वाली बात यह है कि फर्जी वेबसाइट बनाकर काउंटर पर लगने वाले समय से कम समय में ही ये दलाल टिकट बुक करने में कामयाब हो रहे हैं। हालांकि मुरादाबाद मंडल में इस प्रकार के मामले अभी बेहद कम हैं। असिस्टेंट कमांडेंट ने बताया कि मंडल में फर्जी वेबसाइट के आठ मामले पकड़े गए हैं।
केस -1
हाल ही में आरपीएफ की टीम ने मुरादाबाद मंडल के अमरोहा रेलवे स्टेशन के पास नौगांवा सादात रोड पर लईक इंटरप्राइसेस से एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरपीएफ की टीम के मुताबिक फर्जी एजेंट ने एक आईडी से 15 से भी ज्यादा टिकटें निकालकर उन्हें बेच दिया। आरोपी पर रेलवे एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की गई है।
केस -2
रेल मंडल के जिला रामपुर में टांडा के पास से गुप्ता पुस्तक भंडार के स्वामी को गिरफ्तार किया गया है। यह युवक अवैध तरीके से टिकटों की बिक्री कर रहा था और यात्रियों से मनमाना दाम वसूल रहा था। आरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट एपी सिंह ने बताया कि संबंधित व्यक्ति को गिरफ्तार करके जेल भेजा चुका है।
केस -3
कुंदरकी में एक छोटी सी दुकान में जनसेवा केंद्र चलाने वाले युवक ने अपनी निजी आईआरसीटीसी आईडी से कई टिकट निकालकर मंहगे दामों में बेचे। सूचना पाकर जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर युवक को गिरफ्तार कर लिया। असिस्टेंट कमांडेंट का कहना है कि मंडल में रोजाना दो या तीन मामले पकड़े जा रहे हैं। ऐसे दलालों पर अंकुश लगाने के लिए साइबर एक्सपर्ट्स की सहायता ली जा रही है।
फर्जी टिकटों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए मंडल में अभियान चलाया जा रहा है। रेलवे एक्ट 1989 की धारा 143 के अंतर्गत टिकट दलाली करने पर तीन साल की कैद और दस हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान है। आरपीएफ की टीम के साथ मिलकर लगातार ऐसे लोगों को दंडित किया जा रहा है। मंडल में यह अभियान 20 नवंबर तक चलाया जाएगा।
- नरेश सिंह, सहायक वाणिज्य प्रबंधक, उत्तर रेलवे